योगी सरकार की सख्ती के चलते पॉलीथिन के नाम से भी घबरा रहे हैं लोग

डीएम सुरेंद्र सिंह की ओर से आदेश जारी किया गया है कि यदि आपकी नजर में कोई दुकानदार ऐसा है जो अब भी पालीथिन में सामान बेच रहा है तो आप ऐसे लोगों को पुलिस, मजिस्ट्रेट के जरिए पकड़वाकर जिला प्रशासन से पांच सौ से लेकर पांच हजार रुपये तक पुरस्कार पा सकते हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 20, 2018, 10:38 PM IST
News18 Uttar Pradesh
Updated: August 20, 2018, 10:38 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इन दिनो पॉलीथिन का नाम लेने पर भी लोग डर रहे हैं. जिसके हाथ में पॉलीथिन नजर आ गई, यूं बर्ताव हो रहा है कि जैसे उसके हाथ में कोई बम हो. जी हां, यहां पॉलीथिन को अपराधी, उसका इस्तेमाल अपराध और इसकी सूचना देने वाले को इनाम की डीएम ने घोषणा की है. इस ऐलान के बाद तो दुकानदारों खासकर ठेले और फुटपाथ के दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है.

दरअसल, 15 अगस्त के मौके पर वाराणसी को पॉलीथिन मुक्त घोषित किया गया. कई महीने तक चले अभियान के बाद आजादी के दिन इसका ऐलान हुआ. डीएम सुरेंद्र सिंह की ओर से आदेश जारी किया गया है कि यदि आपकी नजर में कोई दुकानदार ऐसा है जो अब भी पालीथिन में सामान बेच रहा है तो आप ऐसे लोगों को पुलिस, मजिस्ट्रेट के जरिए पकड़वाकर जिला प्रशासन से पांच सौ से लेकर पांच हजार रुपये तक पुरस्कार पा सकते हैं. पालीथिन मुक्त काशी अभियान को लेकर जिला प्रशासन ने अनोखी तरकीब निकाली है.

लखनऊ: चार मंजिला इमारत की छत ढही, कई वाहन क्षतिग्रस्त

राज्य सरकार की तरफ से पाबंदी लगाने के बाद से कुछ लोगों ने इसका भंडारण करने के साथ ही चोरी-छिपे इस्तेमाल कर रहे हैं. पुलिस-मजिस्ट्रेट की टीम के आने की सूचना मिलते ही दुकानों से पालीथिन गायब कर दी जा रही है. डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 50 माइक्रोन से कम घनत्व वाले पालीथिन बेचने वाले, इसका प्रयोग करने वाले या फिर भंडारण करने वाले लोगों की सूचना देने वालों को पांच सौ से लेकर पांच हजार तक धनराशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी. पालीथिन उपयोग करने वालों की सूचना लोकल थाने या एसडीएम या एसीएम को दी जा सकती है.

बेवफा निकली बंदूक की गोली, कंधे के बजाय छाती में धंसकर ले गई जान
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर