काशी में मोदी ने बताई जीत की केमेस्ट्री, विपक्ष को दी ये नसीहत

कार्यवाहक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के राजनीतिक विशेषज्ञों को ये बात माननी पड़ेगी कि अंकगणित के आगे भी एक केमिस्ट्री होती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 27, 2019, 3:18 PM IST
काशी में मोदी ने बताई जीत की केमेस्ट्री, विपक्ष को दी ये नसीहत
काशी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी.
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Updated: May 27, 2019, 3:18 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019 में मिली प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की और बाद में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. मोदी ने कहा, 'मैं पहले बीजेपी कार्यकर्ता हूं, बाद में प्रधानमंत्री. मैं सिर्फ यहां नामांकन भरने आया था, लेकिन काशी की जनता ने खुद ही मेरे लिए चुनाव लड़ा और हर कोई नरेंद्र मोदी बन गया.'

मोदी ने काशी के वोटर्स का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में हर कार्यकर्ता पूरे नंबरों से पास हुआ है. मुझे जिताने के लिए सभी मतदाताओं का दिल से आभार. मेरे खिलाफ लड़ने वाले विरोधी दलों के उम्मीदवारों का भी मैं धन्यवाद देना चाहता हूं.



मोदी ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद पॉलिटिकल पंडितों को अब अपना परसेप्शन बदलना होगा. उन्होंने कहा कि परसेप्शन को पारदर्शिता और परिश्रम से परस्त किया जा सकता है. पढ़ें काशी में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें:- 

1## इस चुनाव में अंकगणित को केमिस्ट्री ने पराजित किया

नरेंद्र मोदी ने कहा, 'देश के राजनीतिक विशेषज्ञों को ये बात माननी पड़ेगी कि अंकगणित के आगे भी एक केमिस्ट्री होती है. आज उत्तर प्रदेश देश की राजनीति को नई दिशा दे रहा है. वर्ष 2014 हो, 2017 हो या 2019, ये हैट्रिक छोटी नहीं है.'

उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश के गांव का गरीब व्यक्ति भी देश की सही दिशा के बारे में सोचता है और उस दिशा में चलता भी है. देश में समाज शक्ति, आदर्शों और संकल्पों की केमिस्ट्री कभी-कभी सारे गुणा-भाग और अंकगणित को पराजित कर देती है. इस चुनाव में अंकगणित को केमिस्ट्री ने पराजित किया है.'

2## पारदर्शिता और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं
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मोदी ने कहा, 'पारदर्शिता और परिश्रम दो ऐसी चीजें हैं, जो हर परसेप्शन को परास्त करने का साहस रखते हैं. आज हिंदुस्तान ने यह कर के दिखाया है. पारदर्शिता और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है. सरकार का काम है कार्य करना. सरकार के कार्य में जब कार्यकर्ता जुड़ जाता है, तो 'कार्य+कार्यकर्ता' बन जाता है. यह एक ऐसी ताकत होती है जो करिश्मा करती है.'

3## बीजेपी का नाम लेते ही अस्पृश्यता का माहौल बनाया जाता है

नरेंद्र मोदी ने बताया, 'हमने दो संकट झेले हैं. वे दो संकट हैं राजनीतिक हिंसा और राजनीतिक अस्पृश्यता. कई राज्यों में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की राजनीतिक विचारधारा के कारण हत्याएं हुई हैं. हमारे देश में राजनीतिक छुआछूत दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. कई जगह बीजेपी का नाम लेते ही अस्पृश्यता का माहौल बनाया जाता है.'

4## बीजेपी लोकतंत्र की सबसे ज्यादा परवाह करती है

कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज देश के राजनीतिक कैनवास पर ईमानदारी से रग-रग में लोकतंत्र को जीने वाला कोई दल है तो वह बीजेपी है. हम लोकतंत्र की सबसे ज्यादा परवाह करते हैं. हम लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग हैं. जहां-जहां हमें मौका मिला है, वहां विपक्ष की आवाज को महत्व दिया है, जनता के अविश्वास के कारण उनकी संख्या चाहे कम ही क्यों न हो.'

5## काशी ने पूरे हिंदुस्तान को प्रभावित किया

पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं भी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते पार्टी और कार्यकर्ता जो आदेश करते हैं, उसका पालन करने का भरसक प्रयास करता हूं. एक महीने पूर्व जब 25 तारीख को मैं यहां था तब जिस आन-बान-शान के साथ काशी ने एक विश्वरूप दिखाया था, वह सिर्फ काशी या उत्तर प्रदेश को प्रभावित करने वाला नहीं था. उसने पूरे हिन्दुस्तान को प्रभावित किया.'

मोदी ने कहा, 'काशी तो अविनाशी है, काशी ने जो स्नेह और शक्ति मुझे दी है, ऐसा सौभाग्य मिलना बहुत मुश्किल है. शायद ही कोई उम्मीदवार चुनाव के समय इतना निश्चिंत होता होगा, जितना मैं था. इस निश्चिंतता का कारण आपका परिश्रम और काशीवासियों का विश्वास था. नतीजे और मतदान दोनों समय मैं निश्चिंत था और बड़े मौज के साथ केदारनाथ में बाबा के चरणों में बैठ गया था.'
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