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वाराणसी में प्रदूषण फैलाए तो खैर नहीं, 'तीसरी आंख' रखेगी नजर

वाराणसी में प्रदूषण की स्थिति खतरनाक लेवल पर पहुंच चुकी है. (सांकेतिक तस्वीर)
वाराणसी में प्रदूषण की स्थिति खतरनाक लेवल पर पहुंच चुकी है. (सांकेतिक तस्वीर)

वाराणसी में प्रदूषण (Pollution) की चिंताजनक स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बनारस प्रदूषण इकाई तकनीक का सहारा लेने जा रही है. कैमरे के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी.

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वाराणसी. बनारस की आबोहवा में जहर लगातार घुलता जा रहा है. आलम ये है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 317 पर पहुंच गया है. इसे बेहद खतरनाक स्थित कही जा सकती है. शहर में प्रदूषण (Pollution) की इस चिंताजनक स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बनारस प्रदूषण इकाई तकनीक का सहारा लेने जा रही है. कैमरे के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी.

दरअसल लॉकडाउन में पूरे देश में प्रदूषण की मात्रा में सुधार हुआ था. वाराणसी में स्थिति सुधरी थी. लेकिन हल्का ठंड आने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से ऊपर से चढ़ा है. इससे स्थानीय लोग परेशान हैं.

हालांकि शहर में प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदूषण बोर्ड ने नायाब तरीका निकाला है. शहर के मुख्य स्थानों पर विशेष कैमरे लगाए गए हैं. जिसे पैन-टिल्ट जूम यानी पीटीजेड कैमरा कहते हैं. ये कैमरे कंट्रोल रूम से कनेक्टेड हैं. इन कैमरों के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वालों पर निगरानी रखी जाएगी. प्रदूषण फैलाने को पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.



वाराणसी में बढ़ते प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से शहर में हो रहे निर्माण कार्य जिम्मेवार हैं. वाराणसी प्रशासन ने कंस्ट्रक्शन कंपनियों को प्रदूषण न फैलाने को लेकर हिदायत दी है. साथ ही कंस्ट्रक्शन वाली जगहों पर नजर रखने के लिए कैमरे भी लगाये गये हैं.
बहरहाल प्रशासन की इस पहल से बनारस में प्रदूषण का स्तर कितना कम होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. वैसे शहर के लोग प्रदूषण से निजात पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. स्मॉग के चलते लोगों का जीना मुश्किल हो गया है.
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