Unlock 1.0 : 8 जून से काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर खोलने की तैयारी

 8 जून से काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर खोलने की तैयारी
8 जून से काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर खोलने की तैयारी

काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर के अंदर सिर्फ 10 से 20 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा, यहां भी थर्मल स्कैनिंग (Thermal scanning) की जाएगी. ताकि आने वाले दर्शनार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके.

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वाराणसी. कोरोना वायरस की महामारी (Coronavirus Epidemic) की वजह से देशभर में लॉकडाउन चल रहा है. इस बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को शर्तों के साथ लॉकडाउन 5.0 का ऐलान भी कर दिया है. इसी कड़ी में 8 जून के बाद मंदिरों को खोलने का निर्देश जारी हुआ है. पूरे विश्व में विख्यात काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर को खोले जाने की तैयारी शुरू हो गई है. गृह मंत्रालय के निर्देश जारी होने के बाद भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने का नियम कानून बनाया जा रहा है. वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश मिलने के बाद यह नियम लागू कर दिया जाएगा.

जिसके अंतर्गत काशी विश्वनाथ मंदिर में अब गर्भगृह में प्रवेश करना पूरी तरीके से प्रतिबंधित रहेगा तो वहीं मंदिरों में प्रवेश करने वाले भक्तों का थर्मल स्कैनिंग किया जाएगा. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण होगा यदि किसी श्रद्धालु को स्केनर द्वारा बुखार सामने आया तो उसे मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही पूरे मंदिर को सेनेटाइज करने का नियम होगा वो निरंतर जारी रहेगा.





सिर्फ काशी विश्वनाथ में ही नहीं बल्कि काशी के कोतवाल माने जाने वाले काल भैरव मंदिर में भी कुछ ऐसा ही नियम लागू किए जाने का प्लान तैयार हो रहा है. जहां गगरी में तो प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरीके से पालन करवाया जाएगा. काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर के अंदर सिर्फ 10 से 20 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा, यहां भी थर्मल स्कैनिंग की जाएगी. ताकि आने वाले दर्शनार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके.
गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद वाराणसी में मंदिरों में यह तैयारी शुरू हो गई है. इन मंदिरों में दर्शन करने का नया तरीका भी लागू हो गया है. इस नए नियम में भक्तों को दरबार में स्वस्थ होकर जाना पड़ेगा. गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर काशी विश्‍वनाथ समेत अन्‍य मंदिरों में पूर्ण लॉकडाउन के पहले से ही यानी 20 मार्च से ही आम दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, ऐसे में भक्‍त लंबे समय से अपने आराध्‍य का दर्शन-पूजन नहीं कर पा रहे थे.

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