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वाराणसी: बाबा विश्वनाथ के शादी की तैयारियां शुरू, कल धूमधाम से निकलेगी बारात
Varanasi News in Hindi

Upendra Dwivedi | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 3, 2020, 9:01 PM IST
वाराणसी: बाबा विश्वनाथ के शादी की तैयारियां शुरू, कल धूमधाम से निकलेगी बारात
काशी में बाबा विश्वनाथ की बारात बुधवार यानी 4 मार्च को निकलेगी. (प्रतीकात्मक फोटो)

काशी में मंगलवार को गौरा यानी मां पार्वती की हल्दी की रस्म बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है. जबकि बुधवार यानी 4 मार्च को बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) अपने ससुराल जाएंगे.

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वाराणसी. देशभर में होली का त्‍योहार 10 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन भगवान शिव के त्रिशूल पर बसी काशी (Kashi) अभी से होली (Holi) के रंग में पूरी तरह रंग गई है. बाबा विश्वनाथ के शहर काशी के लोगों पर होली का खुमार चढ़ा हुआ है. यहां मंगलवार को गौरा यानी मां पार्वती की तेल-हल्दी की रस्म बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है. वहीं, बुधवार यानी 4 मार्च को बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) अपने ससुराल जाएंगे. जबकि 5 मार्च को रंगभरी एकादशी के मौके पर यहां के लोग जमकर गुलाल खेलेंगे. इसमें ना केवल काशीवासी शामिल होंगे बल्कि पूरी दुनिया से बाबा के भक्त भी यहां पहुंचेंगे.

356 सालों से जारी है ये प्रथा
काशी में यह परंपरा पिछले 356 सालों से चली आ रही है. इस परंपरा के मुताबिक शिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ का पार्वती से विवाह संपन्न होता है और उसके बाद रंग एकादशी वाले दिन पार्वती का गौना होता है. हर बार की तरह इस बार भी शिव-पार्वती की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं.

जानिए शिव-पार्वती के विवाह का पूरा कार्यक्रम



शिव-पार्वती के विवाह के सारे कार्यक्रम विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी के टेढ़ी नीम स्थित नवीन महंत आवास से संपन्न होंगे. इस दौरान 4 मार्च को बाबा विश्वनाथ ससुराल पहुंचेंगे. जहां उनकी जमकर खातिरदारी की जाएगी. वहीं, 5 मार्च यानी रंग एकादशी पर रुद्राभिषेक के साथ अनुष्ठान शुरू होगा. इस दौरान सुबह 6 बजे पंचगव्य स्नान के बाद बाबा का पूजन होगा. जिसके बाद 7 से नौ बजे के बीच लोकाचार निभाया जाएगा. वहीं, 9 बजे से बाबा का श्रृंगार होगा. 11 बजे भोग और महाआरती होगी. उसके बाद बाबा की पालकी सजाकर नगर भ्रमण कराया जाएगा. इस दौरान बाबा के हजारों भक्त मौजूद रहेंगे, जो छतों से बाबा पर श्रद्धा के फूल की बारिश करेंगे. साथ ही हर तरफ शंख और डमरू की ध्वनि के बीच हर हर महादेव का स्वर हर तरफ गूंजता सुनाई देगा.



जानिए इसकी ये खास बात
इसकी खास बात ये है कि जहां एक ओर बाबा की आंख में सजने वाला काजल विश्वनाथ मंदिर के खप्पड़ से लाया जाता है. वहीं, दूसरी ओर गौरा यानी मां पार्वती की मांग अन्नपूर्णा जी के मुख्य विग्रह से लाए सिंदूर से भरी जाती है. यही नहीं, बाबा के साथ नादस्वरम और बंगाल के विख्यात ढाक की गूंज भी पालकी यात्रा में सुनाई देगी.

 

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First published: March 3, 2020, 8:39 PM IST
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