काशी का गौरव वापस लाने में जुटी ये यूनिवर्सिटी, दुनिया भर के विद्वान करेंगे शास्त्रार्थ

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित इस शास्त्रार्थ कार्यक्रम में पूरी दुनिया से विद्वान पहुंच रहे हैं. शास्त्रार्थ सम्मेलन में नेपाल, भूटान, श्रीलंका के विद्वान बड़ी संख्या में आ रहे हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 11, 2019, 11:34 AM IST
काशी का गौरव वापस लाने में जुटी ये यूनिवर्सिटी, दुनिया भर के विद्वान करेंगे शास्त्रार्थ
काशी में फिर होगा शास्त्रार्थ
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Updated: July 11, 2019, 11:34 AM IST
प्राचीन समय में दुनियाभर के विद्वान काशी पढ़ने आते थे. यहां दुनिया के हर मुद्दे, ज्ञान-विज्ञान पर शास्त्रार्थ होता था लेकिन समय के साथ ये कम होता गया. अब एक बार फिर सर्वविज्ञा की राजधानी काशी में शास्त्रार्थ होने जा रहा है. ये शास्त्रार्थ संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 12 से 14 जुलाई के बीच होगा. इसकी जानकारी संपूर्णानद संस्कृत विवि के कुलपति प्रोफेसर राजाराम शुक्ला ने दी.

कई देशों के विद्वान पहुंच रहे काशी
उन्होंने बताया कि इस शास्त्रार्थ कार्यक्रम में पूरी दुनिया से विद्वान पहुंच रहे हैं. शास्त्रार्थ सम्मेलन में नेपाल, भूटान, श्रीलंका के विद्वान बड़ी संख्या में आ रहे हैं. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शास्त्रार्थ की तैयारी शुरू हो गई है. 12 से 14 जुलाई के बीच ये आयोजन होगा. इस आयोजन में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़े कालेजों को भी जिम्मेदारी दी गई है.

Kashi
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय इस शास्त्रार्थ कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है.


वेद से लेकर दर्शन और न्याय पर शास्त्रार्थ
प्रोफेसर राजाराम शुक्ला ने बताया कि दक्षिण भारत में स्थित संस्कृत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 50 प्रतिनिधि शास्त्रार्थ सम्मेलन में भाग लेंगे. उत्तर भारत की कई संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने स्वीकृति प्रदान की है. कुलपति प्रो राजाराम शुक्ला ने बताया कि तीन दिनों में वेद, वेदांत, मीमांसा, साहित्य, व्याकरण, दर्शन और न्याय आदि विषयों पर शास्त्रार्थ होगा. शास्त्रार्थ का विषय पहले से ही तय नहीं होगा ताकि दिलचस्पी और रोमांच बना रहे. शास्त्रार्थ के समय ही वक्ता विषय प्रस्तावित करेगा.

छात्रों के बीच अलग से होगा शास्त्रार्थ
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन दो सत्रों में अलग-अलग विषयों पर संगोष्ठी होगी. अष्टावधान में एक विद्धान से आठ लोग एक साथ सवाल करेंगे. छात्रों के बीच अलग से शास्त्रार्थ वाग्देवी मंदिर के परिसर में होगा. इस शास्त्रार्थ की तैयारी के लिए कुलपति ने एक समिति भी गठित की है. काशी के लौटते शास्त्रार्थ गौरव पर सबकी नजरें टिकी हैं.

(रिपोर्ट: उपेंद्र द्विवेदी)

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First published: July 11, 2019, 11:34 AM IST
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