इस कारण सावन के महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर में कांवड़िए करते हैं जलाभिषेक

कांवड़िए संगम से कांवड़ में जल भरकर वाराणसी जाकर सावन की चतुर्दशी पर काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं.

Sarvesh Kumar Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 15, 2019, 7:54 PM IST
इस कारण सावन के महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर में कांवड़िए करते हैं जलाभिषेक
सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर की है खास मान्‍यता.
Sarvesh Kumar Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 15, 2019, 7:54 PM IST
कांवड़ यात्रा की शुरुआत 17 जुलाई से होने जा रही है और सावन के महीने में हजारों कांवड़िए तीर्थ राज प्रयाग आकर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में गंगा स्नान करते हैं. कांवड़िए संगम से कांवड़ में जल भरकर वाराणसी जाकर सावन की चतुर्दशी पर काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं. इसके साथ ही साथ कांवड़िए अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं. ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान जो विष निकला था, उसको जगत के कल्याण के लिए भगवान शंकर ने पी लिया था और इसके बाद ही भगवान भोले शंकर नील कंठ कहलाये.

भोले कहलाए नील कंठ
भगवान शिव के विष पीने से सृष्टि तो बच गई, लेकिन भगवान शंकर का शरीर नीला पड़ गया और जलने लगे. इसके बाद देवताओं ने उन पर जल अर्पित करना शुरु कर दिया. इसी मान्यता के चलते सावन के महीने में कांवड़ यात्रा निकलती है और भगवान भोले का अभिषेक किया जाता है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की अपील

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी के मुताबिक सावन के महीने में कांवड़ में गंगा जल भरकर शिवार्चन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जबकि उन्‍होंने (महंत नरेन्द्र गिरी) ने कांवड़ियों से कांवड़ यात्रा को धार्मिक रुप से लेते हुए तेज डीजे न बजाने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान बजाये जाने वाले गीत संगीत में भी धार्मिक भावना को जरुरी बताया है. इसके अलावा महंत नरेन्द्र गिरी ने कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन द्वारा किए जा रहे इंतजामों में कांवड़ियों से सहयोग की भी अपील की है.

काशी में सजे बाजार
काशी में इस बार सावन के रंग काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रंग में रंगे भी दिखाई देंगे. जी हां, मनभावन सावन में इस बार पीएम की कांवड़ उठाए फोटो वाली टी शर्ट काफी लोकप्रिय है. जबकि कांवड़ि‍यों के बीच 'अपना टाइम आएगा' और 'चिलम बाबा' की फोटो वाली टी-शर्ट की भी खासी डिमांड है. यही नहीं, इस बार केवल नारंगी रंग ही नहीं बल्कि काले, सफेद और रॉयल ब्लू कलर की टीशर्ट पर महाकाल, नो थ्री नो फोर जी ओनली शिवजी के चित्र वाली टीशर्ट बाजार सज गए हैं.
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First published: July 15, 2019, 7:40 PM IST
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