Varanasi news

वाराणसी

अपना जिला चुनें

UP News: काशी के अन्नपूर्णा मठ और मंदिर के महंत बने शंकर पुरी, जानिए कैसा रहा सफर...

काशी के अन्नपूर्णा मठ और मंदिर के महंत बने शंकर पुरी

काशी के अन्नपूर्णा मठ और मंदिर के महंत बने शंकर पुरी

17 अक्टूबर 2004 को दिवंगत महंत रामेश्वर पुरी को गद्दी सौंपी गई थी. उनके निधन के बाद 13 जुलाई को खुद सीएम योगी (CM Yogi) श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर पहुंचे थे और शोक व्यक्त किया था.

SHARE THIS:
वाराणसी. काशी (Kashi) की अधिष्ठात्री देवी मां अन्नपूर्णा मंदिर (Annapurna Temple) और मठ के नए महंत का ऐलान मंगलवार को हो गया. अभी तक उप महंत की जिम्मेदारी संभाल रहे शंकर पुरी नए महंत बनाए गए हैं. देशभर के कई मठों और अखाड़ों के संत महात्माओं की मौजूदगी मे सर्व सम्मति से शंकर पुरी का नाम तय हुआ. बता दें कि पिछले दिनों बीमारी के कारण महंत रामेश्वरपुरी ब्रह्मलीन हो गए. जिसके बाद महंत की गद्दी खाली थी.

मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं शंकर पुरी
बता दें कि नए महंत शंकर पुरी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और 1988 से वे काशी मे निवास कर रहे हैं. शंकर पुरी ने पढ़ाई की और उत्तर मध्यमा और शास्त्री की डिग्री हासिल की. फिर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से डबल एमए किया. बीते 17 साल से शंकर पुरी श्री अन्नपूर्णा मठ और मंदिर में सेवारत हैं.
यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्या पहुंचे मंगलवार को शंकर पुरी के सिर पर महंत की पगड़ी बांधी गई. इस मौके पर सबसे पहले ब्रहमलीन महंत रामेश्वर पुरी का षोडशी संस्कार और भंडारा हुआ.

UP Assembly Election: BSP को लगा बड़ा झटका, चेयरमैन डॉ नसीम अहमद सपा में शामिल

कार्यक्रम के बाद शिष्टाचार के लिए यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्या भी पहुंचे. महंत की गद्दी पर बैठने के बाद शंकर पुरी ने कहा कि अन्नपूर्णा मठ और मंदिर की गौरवशाली सेवा परंपरा को आगे बढ़ाएंगे. हर किसी के सुख दुख में मठ मंदिर पहले की तरह खड़ा रहेगा. आपको बता दें कि 17 अक्टूबर 2004 को दिवंगत महंत रामेश्वर पुरी को गद्दी सौंपी गई थी. उनके निधन के बाद 13 जुलाई को खुद सीएम योगी श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर पहुंचे थे और शोक व्यक्त किया था. ब्रहमलीन महंत रामेश्वर पुरी के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया था.

सबसे बड़ा 'अन्नक्षेत्र' चलता है मंदिर
कहा जाता है कि खुद काशी का पेट भरने के लिए शिव ने मां अन्नपूर्णा से ही भिक्षा मांगी थी. इसी धार्मिक मान्यता के तहत श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर में हर अन्नक्षेत्र चलाया जाता है. जिसमे काशी समेत देश दुनिया से आने वाले हजारों लोगों का पेट भरा जाता है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

NEET 2021: जानें MCC काउंसलिंग, सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

NEET UG 2021: परीक्षा 12 सितंबर 2021 को आयोजित की गई.

NEET 2021: NEET 2021 काउंसलिंग के लिए एलिजिबल होने के लिए, उम्मीदवारों के पास NEET 2021 परीक्षा पास हो, जो आवश्यक योग्यता NEET पर्सेंटाइल को पूरा करता हो.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 26, 2021, 17:30 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. NEET 2021:  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही NEET 2021 की आंसर की और रिजल्ट ntaneet.nic.in पर जारी करेगी. NEET रिजल्ट 2021 की घोषणा के तुरंत बाद, NEET कट-ऑफ 2021 में क्वालीफाई उम्मीदवारों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) की ओर से अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) नीट काउंसलिंग 2021 आयोजित करेगा. NTA ने अभी तक NEET OMR शीट, प्रश्न पत्र और अनंतिम उत्तर कुंजी जारी नहीं की है.

NEET 2021 काउंसलिंग में एलिजिबल होने के लिए, उम्मीदवारों ने NEET 2021 परीक्षा पास की हो, जो कि आवश्यक योग्यता NEET पर्सेंटाइल को भी पूरा करता हो. उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर एमसीसी की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा लें.

जानें केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

दिल्ली विश्वविद्यालय (एलएचएमसी, यूसीएमएस, एमएएमसी)
अखिल भारतीय कोटा के माध्यम से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए 15 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं. बाकी 85 फीसदी सीटों के लिए सिर्फ वही छात्र पात्र होंगे जिन्होंने दिल्ली में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की है.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू)
कम से कम तीन साल तक एएमयू के स्कूलों से पढ़ने वाले उम्मीदवारों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित हैं. शेष 50 प्रतिशत सीटें नीट क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए खुली हैं.

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)
नीट 2021 क्वालिफाई करने वाले सभी उम्मीदवार विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित सभी सीटों के लिए बीएचयू एमबीबीएस काउंसलिंग में भाग लेने के पात्र होंगे.

दंत चिकित्सा संकाय, जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI), दिल्ली
जामिया में 50 बीडीएस सीटों में से तीन आंतरिक कोटे के तहत उन उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने नियमित छात्रों के रूप में जामिया स्कूलों से अपनी योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण की थी. शेष 47 सीटें सभी नीट क्वालिफाइंग उम्मीदवारों के लिए खुली हैं.

ये भी पढ़ें-
Police Recruitment 2021: पुलिस में कांस्टेबल ड्राइवर पदों पर निकली है नौकरियां,12वीं पास करें आवेदन
IIHR Recruitment 2021: यहां निकली है 10वीं से लेकर स्नातक पास तक के लिए नौकरियां, जानें डिटेल

वाराणसी: हथौड़े से मारकर की छोटे भाई और उसकी पत्नी की हत्या, वजह जान चौंक जाएंगे

वाराणसी में रिश्तों का खून: छोटे भाई और उसकी पत्नी की हत्या, बड़ा भाई फरार.

Varanasi News: इस दोहरे हत्याकांड के बाद बड़ा भाई फरार है. परिवार में हुए इस डबल मर्डर से हड़कम्प मच गया. पुलिस ने दोनों लाशों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. बड़े भाई की तलाश में जुटी है पुलिस.

SHARE THIS:

वाराणसी. वाराणसी में संपत्ति के विवाद (Property Dispute) में रिश्तों का ही खून कर दिया गया. बड़े भाई ने अपने छोटे भाई और उसकी पत्नी पर हथौड़े से वार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया. परिवार में हुए इस डबल मर्डर से हड़कम्प मच गया. हत्यारोपी भाई घटना को अंजाम देकर फरार हो गया. सूचना पाकर पहुचीं पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

मामला लोहता थाना के रहीमपुर क्षेत्र के नई बस्ती का है, जहां मुन्ना नाम के व्यक्ति ने अपने छोटे भाई निसार और उसकी पत्नी खुश्बू की हत्या कर दी. इस घटना से सनसनी फैल गई. सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस की जांच में जो मामला सामने आया उसने सबको चौंका दिया. हत्या के पीछे संपत्ति विवाद है, जिसको लेकर भाई ने ही भाई और उसकी पत्नी को मारडाला.

बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा था. रविवार को छोटे बच्चे को खाना खिलाना खुश्बू और उसके पति को भारी पड़ गया. बड़े भाई ने इस पर आपत्ति करते हुए गाली गलौज शुरू कर दी. जब छोटे भाई ने रोका तो हथौड़े से वार कर उसकी हत्या कर दी. पत्नी खुश्बू भी बीच बचाव करने में घायल हो गई. उसे हॉस्पिटल में मृत घोषित कर दिया गया.

एडीजी ब्रिज भूषण ने बताया कि भाई और उसकी पत्नी की हत्या कर मुन्ना मौके से फरार हो गया है. मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि घटना में हत्या के लिए हथौड़े का प्रयोग किया गया है. जिसे घटना स्थल से बरामद कर लिया गया है. जल्द ही आरोपी मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

Varanasi News: काशी के होनहार ने तैयार किया 'खास' ऐप,पर्सनल वीडियो नहीं होंगे लीक

Kashi Mrityunjay singh has prepared Check My privecy App

काशी (kashi) के होनहार ने खास तरह का सिक्योरिटी ऐप तैयार किया है. ये ऐप आपके मोबाइल के प्राइवेट डाटा और लोकेशन को लीक होने से बचाएगा. 

SHARE THIS:

काशी (kashi) के होनहार ने खास तरह का सिक्योरिटी ऐप तैयार किया है. ये ऐप आपके मोबाइल के प्राइवेट डाटा और लोकेशन को लीक होने से बचाएगा. यही नहीं ऐसे किसी भी स्थिति में यूजर्स को नोटिफिकेशन के जरिए ये ऐप आपको अलर्ट भी करेगा. काशी के मृत्युंजय सिंह ने बताया कि एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इस ऐप को तैयार किया है.

मृत्युजंय ने बताया कि CheckMY Privecy ऐप प्राइवेसी प्रिसिंपल्स के दायरे में रहते हैं. इस ऐप का प्रयोग कर यूजर्स अपनी लोकेशन की जानकारी को सीमित कर सकते हैं. इसके अलावा प्राइवेट फोटो और वीडियो को भी सिक्योर रखा जा सकता है.

हैकिंग ऐप को करेगा ब्लॉक
मृत्युंजय का दावा है कि ये ऐप आपके मोबाइल डाटा और लोकेशन को न सिर्फ सुरक्षित रखेगा बल्कि उसके साथ ही एप्लीकेशन को ट्रैक करने वाले ऐप को ब्लॉक भी कर सकता है.इसके लिए इस ऐप में लोकेशन ट्रैकिंग ब्लॉकिंग और थर्ड पार्टी ऐप ब्लॉकिंग फीचर को भी इसमें शामिल किया गया है.

ऐसे आया आइडिया
मृत्युंजय ने बताया कि हर दिन टीवी चैनल और अखबारों में वो लोगो के प्राइवेट फोटो और वीडियो के लीक होने की खबरें देखा और सुना करते थे. तभी उनके दिमाग में ये आइडिया आया कि वो मोबाइल डेटा को सिक्योर रखने के लिए एक ऐप तैयार करे,जिसके बाद उन्होंने इस पर काम शुरू किया और एक महीनें की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इस ऐप को तैयार कर दिया.

प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं ऐप
मृत्युंजय ने बताया कि कोई भी एंड्राइड फोन यूजर्स इस ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकता है. इसके लिए उन्हें किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना होगा.

Varanasi News Bulletin: सेना के जवानों का मिशन 'स्वच्छता',शुरू की तालाब कुंडों की सफाई

Mission Cleanliness of Army personnel cleaning of ponds started

पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में भारतीय सेना के गंगा टॉस्क फोर्स ने अब शहर के कुंड और तालाबों की सफाई के अभियान चलाया है.

SHARE THIS:

1- सेना के जवानों का मिशन \’स्वच्छता\’,शुरू की तालाब कुंडों की सफाई
पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में भारतीय सेना के गंगा टॉस्क फोर्स ने अब शहर के कुंड और तालाबों की सफाई के अभियान चलाया है. सेना के जवानों ने शहर के पांडेयपुर स्थित तालाब से सफाई अभियान की शुरुआत की है. सेना के जवानों ने तालाब से कचरे और शैलावो को निकाला.इसके साथ ही आस- पास के लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया. गंगा टॉस्क फोर्स के एल एन जोशी ने बताया कि अब हम लोग शहर के कुंड और तालाबों की सफाई के लिए मुहिम की शुरुआत की है जो आगे भी लगातार जारी रहेगी.

2- डेंगू के डंक के बीच न हो प्लेटलेट्स और ब्लड की कमी,ब्लड डोनेशन कैम्प का हुआ आयोजन
वाराणसी में डेंगू का कहर जारी है. डेंगू के कहर के बीच अस्पताल में भर्री मरीजों को प्लेटलेट्स और ब्लड की कमी न हो इसके लिए श्री काशी विश्वनाथ स्वास्थ्य सेवा समिति द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया.ब्लड डोनेशन कैम्प में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. समिति के संस्थापक अंबुज उपाध्याय ने बताया कि हम लोग पिछले कई वर्षों से रक्तदान करते आ रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को BHU ट्रामा सेंटर में 40 लोगों के द्वारा ब्लड डोनेट किया गया.

PM Modi ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति को दिया ये खास तोहफा,तो चमक गई काशी के कुंजबिहारी की किस्मत

PM Modi gave special gift to US Vice President so luck Of KunjBihari shone

महज कुछ घण्टों में काशी के कुंजबिहारी को इतने ऑर्डर मिले कि एक साल तक उनका काम अब जोर शोर से चलता रहेगा. News 18 से बातचीत में कुंजबिहारी ने बताया कि अब तक उन्हें 25 चेस सेट,12 बड़े हाथी सहित अन्य सामानों के ऑर्डर विदेशों से मिल गए हैं.

SHARE THIS:

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अमेरिका के दौरे पर है. अपने इस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Vice President Kamla Harris) को बनारस के गुलाबी मीनाकारी के बेहतरीन नमूना \’चेस सेट\’ भेंट किया. पीएम मोदी ने अमेरिका में जैसे ही कमला हैरिस को ये खास तोहफा दिया वैसे ही बनारस (Banaras) के कुंजबिहारी के फोन की घण्टी बजने लगी.

महज कुछ घण्टों में काशी के कुंजबिहारी को इतने ऑर्डर मिले कि एक साल तक उनका काम अब जोर शोर से चलता रहेगा. News 18 से बातचीत में कुंजबिहारी ने बताया कि अब तक उन्हें 25 चेस सेट,12 बड़े हाथी सहित अन्य सामानों के ऑर्डर विदेशों से मिल गए हैं.

दरअसल,19 सितंबर को रात करीब आठ बजे काशी के कुंज बिहारी को दिल्ली के सेंट्रल कॉटेज इंड्रस्टी से एक फोन आया. दिल्ली से आए इस फोन पर उनके हाथों से बनी चेस सेट और जहाज के अलावा योग सेट की डिमांड की गई. कुंज बिहारी ने इन सभी सामानों की डिलीवरी की. डिलीवरी के पांच दिन बाद ही जब पीएम ने कुंजबिहारी के बनाए इन समानों को अमेरिकी उपराष्ट्रपति और आस्ट्रेलिया के पीएम को भेंट किया तो बनारस की गुलाबी मीनाकारी एक बार फिर दुनिया में चमक उठी.

पीएम ने दिलाई नई पहचान
कुंजबिहारी ने बताया कि पीएम मोदी ने बनारस ने इस विलुप्त होती कारीगरी को पूरे दुनिया मे एक नई पहचान दिलाई है. इससे न सिर्फ हमारे पास ऑर्डर आ रहे हों बल्कि बनारस में अधिकांश लोगो को इससे व्यवसाय भी मिलेगा.

युवाओं में भी रुझान
युवाओं में भी अब इस कलाकारी को लेकर रुझान देखने को मिल रहा है. फैशन डिजाइनर अक्षिता शर्मा ने बताया कि पीएम के वोकल फॉर लोकल का जो अभियान है उसे वो खुद भी प्रमोट कर रहे हैं. जिसका सीधा फायदा इससे जुड़े लोगो को हो रहा है क्योंकि पीएम मोदी जो भी करते है पूरे देश में लोग उसे फॉलो करते हैं.

BHU Admit Card 2021: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी जल्द जारी करेगी UET, PET एडमिट कार्ड

BHU Admit Card 2021: एडमिट कार्ड नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, एनटीए जल्द ही जारी करेगी. उम्मीदवार bhuet.nta.nicin से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. (File photo)

BHU Admit Card 2021: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बीएचयू विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूईटी, पीईटी परीक्षा आयोजित करता है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 25, 2021, 17:34 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. BHU Admit Card 2021: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट (यूईटी, पीईटी) परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड जल्द ही उपलब्ध होने की उम्मीद है. ये एडमिट कार्ड नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, एनटीए जल्द ही जारी करेगी. उम्मीदवार bhuet.nta.nicin से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. बीएचयू एडमिट कार्ड 2021 परीक्षा के दिन के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है. इसमें परीक्षा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे स्थान, समय, दिशा-निर्देश आदि होंगे.

UET, PET परीक्षा 28 से 30 सितंबर, 2021 और 1 अक्टूबर, 3 और 4 अक्टूबर, 2021 को आयोजित की जाएगी. उम्मीदवारों को सभी दिनों में परीक्षा हॉल में अपना एडमिट कार्ड ले जाना होगा. अगर वे ऐसा करना भूल जाएं तो उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उम्मीदवारों ध्यान दें कि अभी तक, एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

BHU एडमिट कार्ड 2021 को A4 आकार की शीट पर प्रिंट करके परीक्षा केंद्र ले जाना होगा. परीक्षा समाप्त होने के बाद भी इसे सावधानी से रखें. एडमिट कार्ड के साथ, उम्मीदवारों को चेकिंग उद्देश्यों के लिए एक वैध आईडी प्रूफ परीक्षा हॉल में ले जाना होगा.

यूईटी, पीईटी परीक्षा के बारे में
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बीएचयू विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूईटी, पीईटी परीक्षा आयोजित करता है. इनका संचालन और प्रबंधन विश्वविद्यालय की ओर से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, एनटीए द्वारा किया जाता है. ये परीक्षाएं सीबीटी मोड और पेन और पेपर मोड दोनों में आयोजित की जाती हैं.


ये भी पढ़ें-

UP TET: यूपी में होने जा रही 51 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती, जानिए कब शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
Sarkari Naukri: 8000 से अधिक सरकारी नौकरियां, छूट न जाए मौका, जल्द करें आवेदन

काशी को PM मोदी की बड़ी सौगात, अब कैंट स्टेशन से रोपवे का कर सकेंगे सफर, जानें पूरा प्लान

Varanasi: पहली बार रोपवे से सफर करेंगे काशीवासी (File photo)

Ropeway Travel facility In Varanasi: धर्मनगरी काशी में भी अब लोग रोप-वे का आनंद उठा सकेंगे. वाराणसी में कैंट स्टेशन के बाहर पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज से रोपवे परियोजना शुरू होगी. यानी इसी जगह से रोपवे शुरू होकर गोदौलिया से पहले गिरिजाघर तिराहे के बीच चलेगी.

SHARE THIS:

वाराणसी. भारत में पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के आसमान में रोपवे से लोग सफर करेंगे. अभी तक पहाड़ी इलाकों और पर्यटन क्षेत्रों में इसकी सुविधा है, लेकिन सामान्य यातायात में इसका प्रयोग पहली बार वाराणसी में हो रहा है. कैंट स्टेशन से गिरिजाघर तिराहे तक करीब 5 किमी का ये सफर होगा. जिसमें यात्रियों को हर डेढ़ मिनट में ट्राली मिलेगी. भारत सरकार की सहयोगी कंपनी वैपकॉस ने सर्वे से जुड़ी फाइनल रिपोर्ट वाराणसी विकास प्राधिकरण को सौंप दी है. बताया जा रहा है दो से तीन दिन में ये रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी.

वाराणसी में कैंट स्टेशन के बाहर पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज से परियोजना शुरू होगी. यानी इसी जगह से रोपवे शुरू होकर गोदौलिया से पहले गिरिजाघर तिराहे के बीच चलेगी. ये रूट कैंट स्टेशन के बाद साजन तिराहा, रथयात्रा, लक्सा होते हुए गिरिजाघर तिराहे तक रहेगा. स्टापेज साजन तिराहा और रथयात्रा हो सकते हैं.

5 किमी के रूट पर दौड़ेंगी 221 ट्राली

पांच किमी के इस रूट पर 221 ट्राली दौड़ेंगी. एक ट्राली में एक बार में दस मुसाफिर सफर कर सकेंगे. हालांकि कितने मिनट के अंतराल पर ट्राली मिलेगी, इसको लेकर अभी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन बताया जा रहा है कि डेढ़ से दो मिनट का अंतराल हो सकता है.

परियोजना पर खर्च होंगे 424 करोड़

यूपी के शहरी आवास विभाग में संस्तुति के लिए दो से तीन दिन में भेजेगा. वहां से स्वीकृति के बाद रिपोर्ट केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी में भेजी जाएगी. वहां से सहमति मिलते ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा. माना जा रहा है कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक फाइनल मुहर लगने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इस पूरी परियोजना पर करीब 424 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसका पूरा खाका भारत सरकार की सहयोगी कंपनी वैपकॉस ने तैयार किया है.

वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि पीपीपी मॉडल पर इस परियोजना को पूरा करने की योजना है. वाराणसी विकास प्राधिकरण इस पूरे प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी होगा. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वैपकास और वीडीए के बीच संसाधन के मुद्दे पर समझौता हो गया है.

Varanasi News Bulletin: शहर के इन इलाकों में अब बाढ़ नहीं मचा पाएगी तबाही,जानिए क्या है वजह

गंगा नदी के तट पर फ्लैपर गेट लगाने का शिलान्यास करतें विधायक सौरभ श्रीवास्तव

वाराणसी (Varanasi) के सामनेघाट इलाके के कई मुहल्लों को जल्द ही बाढ़ की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. इसके लिए 2 करोड़ 87 लाख की लागत से गंगा (Ganga) नदी क?

SHARE THIS:

1- शहर के इन इलाकों में अब बाढ़ नहीं मचाएगी तबाही,जानिए क्या है वजह
वाराणसी (Varanasi) के सामनेघाट इलाके के कई मुहल्लों को जल्द ही बाढ़ की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. इसके लिए 2 करोड़ 87 लाख की लागत से गंगा (Ganga) नदी के तट पर फ्लैपर गेट लगाया जाएगा. स्थानीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बुधवार को इसका शिलान्यास किया है. विधायक सौरभ श्रीवास्तव (MLA Saurabh Srivastav) ने बताया कि मां गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने पर ज्ञानप्रवाह के बगल वाले नाले से सामनेघाट क्षेत्र में बाढ़ आ जाती थी. इस फ्लैपर गेट से स्थानीय लोगो को इस गम्भीर समस्या से मुक्ति मिल जाएगी. जल्द ही यहां पक्के बांध निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है.

2- सोनिया इलाके में सीवर ओवर फ्लो ने बढ़ाई लोगो की मुश्किलें
पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सोनिया इलाके में सीवर ओवरफ्लो की समस्या ने लोगो की मुश्किलें बढ़ा दी है. बिना बारिश के ही इलाके में पूरे दिन सीवर का पानी सड़को पर जमा है. जिससे स्थानीय लोगो के साथ ही राहगीरों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगो की माने तो शहर के मध्य इस क्षेत्र की समस्या से नगर निगम के अफसरों को शिकायत की गई है. लेकिन बाहुजूद इसके कई सप्ताह से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं.

Varanasi News: अब बैक्टीरिया से साफ होगा दूषित जल,IIT BHU के वैज्ञानिकों को शोध में मिली सफलता

IIT BHU scientists found success in research Bacteria cleaned Contaminated wate

डेढ़ साल के शोध के बाद संस्थान के वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया का नया स्ट्रेन खोज निकाला है. जो दूषित जल से जहरीले हेक्सावलेंट क्रोमियम को खत्म कर सकता है.

SHARE THIS:

वाराणसी: बैक्टीरिया (Bactaria) नाम सुनते ही आमतौर पर लोग डर जाते है. लोगो के मन में ये विचार आता है कि इससे उन्हें कोई गंभीर बीमारी तो नहीं होगी. लेकिन अब बैक्टीरिया से दूषित जल को साफ किया जाएगा. आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) के वैज्ञानिकों ने इसका तरीका ढूंढ लिया है. डेढ़ साल के शोध के बाद संस्थान के वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया का नया स्ट्रेन खोज निकाला है. जो दूषित जल से जहरीले हेक्सावलेंट क्रोमियम को खत्म कर सकता है.

आईआईटी बीएचयू के स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के इंड्रस्ट्रीयल ड्रेन से बैक्टीरिया के नए स्ट्रेन को आइसोलेट किया है. उसके बाद लैब में शोध के बाद ये पाया कि इस नए बैक्टीरियल स्ट्रेन से दूषित जल से हेक्सावलेंट क्रोमियम को हटाने की कैपिसिटी है. बताते चले कि जल में हेक्सावलेंट क्रोमियम से मनुष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होती है. आईआईटी बीएचयू के इस शोध को अंतरराष्ट्रीय जर्नल \’जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंट केमिकल इंजीनियरिंग\’ में प्रकाशित भी हुआ है.

नदियों के सफाई में होगा कारगर
शोधकर्ता डॉ विशाल मिश्रा ने बताया कि बैक्टीरिया के नए स्ट्रेन से दूषित जल को साफ किया जा सकता है. शोध के बाद हमलोगों ने पाया कि  बैक्टीरिया के इस नए स्ट्रेन से किसी तरह की बीमारी नहीं होती है. भविष्य में इस विधि से नदियों के जल को साफ किया जाएगा. गंगा (Ganga),युमना (Yamuna) और अन्य नदियों से हेक्सावलेंट क्रोमियम को हटा सकेगा.

क्या है हेक्सावलेंट क्रोमियम
विकासशील देशों में दूषित जल से होने वाला रोग एक बड़ी समस्या है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक हर साल 3.4 मिलियन लोग दूषित जल से संबंधित बीमारियों के कारण दम तोड़ देते हैं. जल में हेक्सावलेंट क्रोमियम जैसी भारी धातु होने से दुनिया भर में कैंसर एक गंभीर समस्या बन गई है. ऐसे में बैक्टीरिया का ये नया स्ट्रेन दुनिया को इस संकट से निकालने में कारगर साबित हो सकता है.

हेक्सावलेंट क्रोमियम से है इन बीमारियों का खतरा

डॉ विशाल के मुताबिक, जहरीली भारी धातुओं के कारण कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. कैंसर के अलावा जहरीली भारी धातुओं वाले पानी के लंबे समय इस्तेमाल से त्वचा, पित्ताशय, गुर्दे और बांझपन की समस्या भी हो सकती है.

Varanasi News: काशी के 238 साल पुराने इस रामलीला का मंचन रद्द,भक्तों में मायूषी

Varanasi 238 year Old world Famous Ramanagar Ramleela cancelle

भोले की नगरी काशी (Kashi) में लगातार दूसरे साल भी रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है.

SHARE THIS:

भोले की नगरी काशी (Kashi) में लगातार दूसरे साल भी रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है. कोरोना के कारण काशी राज परिवार के मुखिया कुंवर अनंत नारायण सिंह ने 238 साल पुराने रामलीला को रद्द कर दिया. लेकिन फिर भी प्रभु श्रीराम और इस लीला में श्रद्धा रखने वाले भक्त लीला देखने की लालसा से रामलीला स्थल पहुंच रहे हैं. लीलास्थल पर रामलीला का मंचन नहीं होता देख भक्त मायूष होकर वापस लौट रहे हैं.

रामनगर की रामलीला (Ramnagar Ramleela) में चार पीढ़ियों से रामचरितमानस की चौपाई करने वाले जौहरी परिवार के मुखिया लखन लाल जौहरी ने बताया कि कोरोना के कारण इस बार रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है, फिर भी हम लोग जिन जगहों पर लीला होती है वहां पूरे महीने भर आकर प्रभु श्रीराम का सिमरन करते हैं.
पेट्रोमेक्स की लाइट में होता है मंचन
21 वीं शताब्दी में भी रामनगर की रामलीला का मंचन पेट्रोमेक्स की लाइट में होता है. लीला में किसी तरह के लाउडस्पीकर और माइक का प्रयोग नहीं होता लेकिन फिर भी दूर तक बैठे भक्तों को इसकी आवाज सुनाई देती हैं. अनंत चतुर्दशी से शुरू होने वाले इस खास रामलीला का मंचन पूरे 30 दिनों तक होता है.

1783 में शुरू हुई थी रामलीला
सन 1783 में काशी नरेश उदित नारायण सिंह ने इस रामलीला की शुरुआत की थी. तब से ये लीला उसी अंजाद में चल रही है, जिस तरह से शुरू हुई थी. दुनिया की ये पहली ऐसी रामलीला है जिसका मंचन पांच किलोमीटर के क्षेत्र में होता है. अलग- अलग दिन अलग-अलग जगहों पर इसका मंचन किया जाता है. खास बात ये भी है कि लीला को देखने के लिए आज भी कुर्सी और सोफे नहीं लगाए जाते फिर भी हजारों श्रद्धालु इस रामलीला का मंचन देखने के लिए यहां आते हैं.

Varanasi News Bulletin: एक्शन में BHU, सीआरपीएफ जवानों ने निकाली साइकिल रैली,जानिए दिनभर की बड़ी खबरें

Illegally vacated from BHU hostel

बीएचयू (BHU) में बढ़ते बवाल और विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक्शन में है. अवैध रूप से विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती दिखाई है.

SHARE THIS:

1- एक्शन में BHU, अवैध रूप से सालों से हॉस्टल में जमे छात्रों से खाली कराया कमरा
बीएचयू (BHU) में बढ़ते बवाल और विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक्शन में है. अवैध रूप से विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. विश्वविद्यालय के लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास से सोमवार को प्रोक्टोरियल बोर्ड और विश्वविद्यालय प्रशासन ने अफसरों ने कमरों के ताले तोड़कर अवैध रूप से रह रहे छात्रों से हॉस्टल खाली कराया. बताते चले कि शनिवार से विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की.

2- सीआरपीएफ(CRPF) के जवानों ने निकाली साइकिल रैली, देशभक्ति की सुनाएंगे दास्तान
देशभर में आजादी की 75 वीं वर्षगांठ  को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में सीआरपीएफ के जवानों ने साइकिल रैली निकाली. रैली के जरिए सीआरपीएफ के जवान जगह-जगह लोगो को देशभक्ति और आजादी में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के दास्तान सुनाएंगे. ताकि देश के युवा उन शहीद जवानों के बलिदान से रूबरू हो सके. वाराणसी से निकली ये यात्रा सड़क मार्ग से प्रयागराज तक जाएगी.

Pitrapaksha 2021: काशी के इस तीर्थ स्थल पर प्रेत योनि से मिलती है मुक्ति,गंगा से पहले हुआ था उद्भव

Kashi Pichash mochan Kund

भोले की नगरी काशी (Kashi) को मोक्ष का शहर कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि काशी में मृत्यु मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है.

SHARE THIS:

भोले की नगरी काशी (Kashi) को मोक्ष का शहर कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि काशी में मृत्यु मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी काशी के एक ऐसा मोक्ष का द्वार भी है जहां प्रेत योनि के साथ ही अकाल मौत के शिकार लोगो को भी मोक्ष मिल जाता है. इसके लिए यहां विशेष अनुष्ठान होता है जो सिर्फ और सिर्फ काशी के इसी तीर्थ स्थल पर किया जाता है.

काशी के उत्तरी छोर पर अति प्राचीन पिचाश मोचन (Pichash Mochan) कुंड है.कहते है इस मोक्ष तीर्थ स्थल का उद्भव गंगा (Ganga) के धरती पर आने से पूर्व हुआ था. काशी के इस तीर्थ स्थल पर त्रिपिंडी श्राद्ध की किया जाता है. मान्यता है कि यहां त्रिपिंडी श्राद्ध से पितरों को प्रेत योनि और अकाल मौत से मरने के बाद मुक्ति मिल जाती है.

देशभर से आते हैं भक्त
यही वजह है पितृपक्ष (pitrapaksha) में यहां लोगो की भीड़ होती है. त्रिपिंडी श्राद्ध के अलावा पिंड दान के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं. देश भर में सिर्फ काशी का यही एक मात्र ऐसा तीर्थ स्थल जहां पर यह त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है, जिससे पितरों मोक्ष मिल जाता है.

प्रेत बाधा से मिलती है मुक्ति
त्रिपिंडी श्राद्ध में इस तीर्थ स्थल पर मिट्टी के तीन कलश की स्थापना की जाती है. जो शिव,विष्णु और ब्रह्मा के स्वरूप में लाल, काले और सफेद झंडों से प्रतिकमान होते हैं. सात्विक, राजस, और तामस इन तीन तरह की प्रेत बाधाएं होती है. त्रिपिंडी श्राद्ध से इन तीनों तरह की बाधाओं से पितरों को मुक्ति दिलाती है. गरुण पुराण में भी काशी के पिशाच मोचन को मोक्ष तीर्थ बताया गया है. पिचाश मोचन के तीर्थ पुरोहित मुन्ना महाराज ने बताया कि भगवान शंकर ने अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए इस कुंड में पूजा के लिए गरुण से जल देने का आदेश दिया था. यही वजह है कि यहां श्राद्ध और तर्पण से पितरों को मुक्ति मिल जाती है.

मुश्किल से साइन कर पाते थे नरेंद्र गिरि तो कैसे लिखा सुसाइड नोट? स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने उठाए सवाल

अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने महंत नरेंद्र गिरि सुसाइड  उठाए सवाल

Mahant Naredra Giri Suicide Case: जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि नरेंद्र गिरि ने अपने जीवन भर में कभी चार पेज लिखा था कि नहीं इस पर भी संदेह है तो वे 6 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं.

SHARE THIS:

वाराणसी. अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि कई विवादों में घिरे रहे. अब जो बात सामने आ रही है उसमें से एक है कि उन्होंने कई पेज का सुसाइड नॉट लिखा है. जब वे मुश्किल से अपना हस्ताक्षर कर सकते थे तो सुसाइड नोट कैसे लिखा? कहीं ये हत्या की साजिश तो नहीं है, इसकी जांच जरूरी है.

जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि ने अपने जीवन भर में कभी चार पेज लिखा था कि नहीं इस पर भी संदेह है तो वे 6 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि जहां तक सुरक्षा की बात है तो महंत नरेंद्र गिरि को हाई कोर्ट के आदेश और यूपी व उत्तराखंड की सरकार द्वारा पर्याप्त सुरक्षा मिली हुई थी. उन्होंने आशंका जताई कि फंसाने के लिए किसी साजिश के तहत हत्या तो नहीं की गई. इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.

आत्महत्या नहीं कर सकते थे महंत नरेंद्र गिरि
जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि यह बात तो स्वीकार से परे है कि महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या कर सकते हैं. वह व्यक्ति आत्महत्या नहीं कर सकता था. लिहाजा ये एक गहरा षड्यंत्र हैं और किसी को फंसाने के लिए भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि मुझे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर पूरा भरोसा है कि सरकार की सुरक्षा एजेंसियां निष्पक्ष जांच करेगी. मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि वे इसकी जांच जरूर करवाएं कि सुसाइड नोट उन्होंने लिखा है कि नहीं.

BHU Entrance Exam 2021: बीएचयू यूजी व पीजी प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित, जानें कब जारी हो रहा एडमिट कार्ड

BHU Entrance Exam 2021: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यूजी एंट्रेंस टेस्ट और पीजी एंट्रेंस टेस्ट की तिथि घोषित कर दी गई है.

BHU Entrance Exam 2021: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यूजी व पीजी प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट bhuet.nta.nic.in से परीक्षा कार्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं.   

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 17:01 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली (BHU Entrance Exam 2021).  बीएचयू यूजी व पीजी कोर्सो में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट bhuet.nta.nic.in पर प्रवेश परीक्षा शेड्यूल चेक कर सकते हैं. परीक्षा 28 सितंबर 202,30 सितंबर 2021, 1 अक्टूबर 2021,3 अक्टूबर 2021 और 4 अक्टूबर 2021 को किया जाएगा. परीक्षा सीबीटी आधारित होगी. प्रवेश परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया जाएगा.

परीक्षा के लिए जल्ट ही एनटीए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी करेगा. बता दें कि पहले आवेदन की अंतिम तिथि 6 सितंबर 2021 थी, जिसे 6 दिनों के लिए आगे बढ़ाकर 12 सितंबर 2021 कर दिया गया था. यूजी एंट्रेंस टेस्ट (यूईटी)-2021 और पीजी एंट्रेंस टेस्ट (पीईटी)-2021 के लिए 14 अगस्त 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी.

यूजी व पीजी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया जाएगा. आवेदन में संशोधन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2021 थी. अभ्यर्थी परीक्षा शुल्क का भुगतान करने के लिए अभ्यर्थियों को 13 सितंबर 2021 तक का समय दिया गया था.

यहां देखें परीक्षा शेड्यूल

यह भी पढ़ें –
Sarkari Naukri Result 2021: यूपी में निकली है 5000 नौकरियां, आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक
UPSSSC PET 2021: अगर परीक्षा में की है ये गलती तो होगा बड़ा नुकसान, देखें पूरी जानकारी

Varanasi News: गंगा में नाव संचालन का पर रोक,नाविकों की बढ़ी मुश्किलें जानिए वजह

Ban on boat operation in Ganga

गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण एक महीने में दूसरी बार नाव संचालन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है.

SHARE THIS:

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) में गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है. तेजी से बढ़ते गंगा (Ganga) के जलस्तर ने नाविक और पुरोहितों की मुश्किलें बढ़ा दी है. गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण एक महीने में दूसरी बार नाव संचालन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, वाराणसी में 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है.
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण घाटों की सीढ़ियां एक के बाद एक गंगा में समाहित हो रही है. वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर नित्य संध्या होने वाले विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल और कार्यालय भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है. इसके अलावा घाट किनारे दर्जनों मंदिर भी पूरी तरह गंगा के पानी में डूब गए हैं.

फिर छीन गई रोजी रोटी
नाविक मनीष सहानी ने बताया कि गंगा में उफान के कारण नाव संचालन को प्रतिबन्ध कर दिया गया है. जिससे फिर से नाविकों की रोजी रोटी छीन गई है. शम्भू सहानी ने बताया कि बीते 24 घण्टे में 6 से 8 फीट तक गंगा का जलस्तर बढ़ा है. जिससे नाविकों को खासा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

सताने लगा बाढ़ का डर
गंगा में उफान के कारण तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगो को फिर से बाढ़ का डर सताने लगा है. दूसरी तरफ बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है. प्रशासन ने जल पुलिस के साथ ही एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 65.96 मीटर दर्ज किया गया है.

Varanasi News:काशी विद्यापीठ तैयार करेगा 'पुरोहित' और 'गुरु',नए सत्र से होगी इस कोर्स की शुरुआत

Kashi Vidyapeeth will prepare purohit and guru

वाराणसी (Varanasi) का महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय अब 'पुरोहित' और 'गुरु' तैयार करेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय में कर्मकांड के पाठ पढाये जायेंगे

SHARE THIS:

वाराणसी (Varanasi) का महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय अब \’पुरोहित\’ और \’गुरु\’ तैयार करेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय में कर्मकांड की पढ़ाई होगी. इसमें स्टूडेंट्स को पूजा पद्धति से लेकर संस्कार तक शिक्षा दी जाएगी. भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ये कदम उठाया है. कर्मकांड पर आधारित इस नए कोर्स की शुरुआत नए सत्र से होगी.

न्यूज 18 से बातचीत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के सी त्यागी ने बताया कि आर्मी,पैरामिलिट्री फोर्स,पुलिस के अलावा अन्य विभागों में \’गुरुओं\’ की आवश्यकता होती है. इन विभागों को हमलोग स्किल्ड गुरु दे सके, इसके लिए विश्वविद्यालय कर्मकांड में डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत करने जा रहा है. इस कोर्स से हम लोग आर्मी और पैरामिलिट्री को स्किल्ड गुरु दे सकेंगे.

भारतीय संस्कृति का होगा प्रचार प्रसार
प्रोफेसर के सी त्यागी ने बताया कि इस काशी की पांडित्य परम्परा पर आधारित कोर्स से देशभर में भारतीय संस्कृति और कर्मकांड का प्रचार प्रसार होगा. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.

छात्रों में उत्साह का माहौल
कर्मकांड पर विश्वविद्यालय में पहली बार डिप्लोमा के इस नए कोर्स की शुरुआत होने से छात्रों में भी खुशी का माहौल है. विश्वविद्यालय के स्टूडेंट ऋषभ चतुर्वेदी ने बताया कि इस नए कोर्स की शुरुआत से भारतीय संस्कृति और पांडित्य परम्परा को हम लोग अच्छे से जान और समझ सकेंगे. राघवेंद्र ने बताया कि छात्र होने के नाते ये हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है कि काशी की संस्कृति को यहां पढ़ाया जाएगा. विश्वविद्यालय प्रशासन का ये कदम सराहनीय है.

काशी को स्मार्ट पब्लिक फैसेलिटी सेंटर की सौगात,फ्री वाई-फाई सहित मिलेगी ये सुविधाएं

Varanasi Smart Public Facility Center

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का संसदीय क्षेत्र वाराणसी अब और स्मार्ट हो गया है. पर्यटकों संग आम लोगो के सुविधा ही सुविधा

SHARE THIS:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का संसदीय क्षेत्र वाराणसी अब और स्मार्ट हो गया है. पर्यटकों संग आम लोगो की सुविधा के लिए शहर में स्मार्ट सिटी योजना (Smart City Project) के तहत \’स्मार्ट पब्लिक फैसिलिटी सेंटर\’ बनाया गया है. शहर में बने इन सेंटर पर आम लोगों के बैठने के साथ ही शौचालय,स्वच्छ पानी, वाई-फाई और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधा मिलेगी. इसके लिए आम लोगो को किसी तरहः का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. वाराणसी (Varanasi) के कचहरी स्थित अम्बेडकर चौक पर एक स्मार्ट पब्लिक फैसिलिटी सेंटर तैयार हो गया है.

कचहरी पर बने इसी सेंटर के तर्ज पर वाराणसी शहर में 11 और सेंटर बनाए जाएंगे. वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पीपीपी मॉडल पर इसका निर्माण किया जा रहा है. शहर के व्यस्त इलाको में जहां लोगो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है उन जगहों पर इसका निर्माण कराया जाएगा.

सेंटर पर घर जैसा माहौल
वाराणसी के रहने वाले मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह के सेंटर आम लोगो को बेहद फायदा होगा. यहां रुक कर लोग अपनो का इंतजार भी कर सकते है. इस सेंटर में लोगो को घर जैसा माहौल देखने को मिल रहा है. सेंटर पर ठहरे सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि सेंटर पर वाई-फाई,मोबाइल चार्जिंग स्टेशन और पीने का स्वच्छ पानी की भी व्यवस्था है जिसका सीधा फायदा आम लोगो को मिलेगा.

Chandauli News: उपद्रवियों ने तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर किया पथराव, शीशा टूटने पर बाल-बाल बचे यात्री

Chandauli News: उपद्रवियों ने तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर किया पथराव (File photo)

Indian Railways News: इसके साथ ही ट्रेन से सफर कोच संख्या A-5 का यात्री राहुल गोगोई ने बताया कि मेरा बर्थ संख्या 38 है. लेकिन सफर के दौरान जब बर्थ संख्या 41 हमने खाली देखा तो हम वहीं बैठ गए.

SHARE THIS:

चंदौली/वाराणसी. राजेंद्र नगर से नई दिल्ली जा रही 02309 तेजस राजधानी एक्सप्रेस (Tejas Rajdhani Express) के कोच नम्बर A-5 पर रविवार देर शाम उपद्रवी तत्वों ने पथराव कर दिया. इससे बर्थ संख्‍या 41 का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया. संयोग अच्छा था कि किसी यात्री को चोट नहीं लगी. घटना से यात्री दहशत में नजर आए. ट्रेन के डीडीयू जंक्शन पहुंचने पर रेलवे सुरक्षाकर्मियों की टीम ने बोगी का निरीक्षण किया. साथ ही बर्थ पर बैठे यात्री की कुशलता जानी. फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है.

बताया जा रहा है कि बिहार के बक्सर में उपद्रवी तत्वों ने तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया. जिससे कोच संख्या A-5 (212137/C) के बर्थ संख्या 41 का शीशा एक परत टूट गया. हालांकि उस बर्थ पर बैठे यात्री को किसी प्रकार की चोट नहीं आई. इसके साथ ही ट्रेन से सफर कोच संख्या A-5 का यात्री राहुल गोगोई ने बताया कि मेरा बर्थ संख्या 38 है. लेकिन सफर के दौरान जब बर्थ संख्या 41 हमने खाली देखा तो हम वहीं बैठ गए. वहीं यात्री ने बताया ट्रेन बक्सर स्टेशन के आसपास थी तभी किसी ने पथराव कर दिया. जिससे बर्थ संख्या 41 का शीशा टूट गया. इस दौरान डीडीयू जंक्शन से ट्रेन 22:22 पर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई.

यह भी पढे़ं- UP News: पहली बार अल्टीमेट कराटे लीग हुई मुंबई से लखनऊ शिफ्ट, देश-विदेश के खिलाड़ी होंगे शामिल

यह पहला मौका नहीं है जब इस इलाके में ट्रेनों पर हमला हुआ है. इससे पहले भी इस तरह के मामले प्रकाश में आये है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इंस्पेक्टर संजीव ने बताया कि मेमों के जरिये कंट्रोल सूचना मिली थी ट्रेन का एक शीशा टूटा हुआ पाया गया. जिसकी पैचिंग करा दी गयी है. जानकारी के बाद कार्रवाई की जा रही है. संजीव के मुताबिक इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले उपद्रवी तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

CM योगी बोले- पहले मुख्यमंत्री बनने पर बनवाई जाती थीं हवेलियां, हमने 42 लाख गरीबों के घर बनाए

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

SHARE THIS:

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि 2017 से पहले यूपी में अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे और हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे होते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उनसे पहले के मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन हमने इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में 42 लाख गरीबों के लिए आवास बनाए हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगा .

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई भी पर्व शांति से नहीं हो पाता था लेकिन बीतेचार साल से कोई दंगा नहीं हुआ.इससे लोगों की धारणा बदली और निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

कोरोना प्रबंधन की तारीफ़
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी ने भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

UP Assembly Election 2022: ओमप्रकाश राजभर का दावा- 150 बीजेपी विधायक संपर्क में, चुनाव से पहले ज्वाइन करेंगे SBSP

वाराणसी में ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि 150 बीजेपी विधायक उनके संपर्क में हैं.

Varanasi News: राजभर ने बीजेपी को देश की सबसे बढ़ी झूठी और भ्रष्ट पार्टी बताते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए संकल्पित हैं. इतना ही नहीं राजभर ने योगी सरकार के साढ़े चार साल की उपलब्धियों को भी झूठ का पुलिंदा बताया.

SHARE THIS:

वाराणसी. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी (BJP) के 150 विधायक और नेता उनके संपर्क में हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के उत्पीड़न से परेशान ये नेता चुनाव से पहले सुभासपा में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी का चुनाव में ऐसा हश्र होगा कि चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी के पास नेता ही नहीं बचेंगे. राजभर ने बीजेपी को देश की सबसे बढ़ी झूठी और भ्रष्ट पार्टी बताते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए संकल्पित हैं. इतना ही नहीं राजभर ने योगी सरकार के साढ़े चार साल की उपलब्धियों को भी झूठ का पुलिंदा बताया.

रविवार को वाराणसी के सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता करते हुए सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ‘योगी सरकार साढ़े चार साल में झूठ का विकास खूब हुआ है. पिछड़ों, दलितों और वंचितों का अधिकार व आरक्षण लूटने का काम तेजी से हुआ है. भ्रष्टाचार व बेरोजगारी का विकास हुआ है. महिला अपराध का विकास तेजी से हुआ है. ना सामाजिक न्याय समिति रिपोर्ट लागू कर पाए,ना स्नातकोत्तर तक निशुल्क शिक्षा दे पाए.’

विकास सिर्फ विज्ञापन में हुए
राजभर ने आगे कहा कि ‘महंगी शिक्षा, महंगी बिजली, महंगा राशन, महंगा पेट्रोल/डीजल, महंगा गैस सिलेंडर, सरसो तेल और दूध ने महंगाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. यही तो डबल ईंजन की सरकार में तेजी से विकास हुआ है. इतना विकास होने के बाद अगर अब्बाजान का रट लगाना पड़े तो समझ जाना चाहिए, इनके विकास सिर्फ विज्ञापन में हुए है.’

राजभर ने अखिलेश के बयान का किया समर्थन
राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने महंगाई को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी चुनौती दी. साथ ही कहा कि मनमोहन सिंह की तरह नरेंद्र मोदी को भी चूड़ियां भेंट करें। राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने बीजेपी को ठग करार दिया था. राजभर ने कहा कि बीजेपी ने राम मंदिर की जमीनों के नाम पर भी लोगों को ठगा है.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज