UP के इस स्कूल में एक महीने का आया 618 करोड़ रुपए का बिजली बिल, जानें फिर क्या हुआ

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 5, 2019, 4:45 PM IST
UP के इस स्कूल में एक महीने का आया 618 करोड़ रुपए का बिजली बिल, जानें फिर क्या हुआ
वाराणसी के एक निजी स्‍कूल को छह सौ करोड़ रुपए का बिल भेजा गया है. ( फाइल फोटो)

वाराणसी (Varanasi) के एक निजी स्कूल (Private School) के प्रबंधक के पास करीब 6 अरब 18 करोड़ 51 लाख रुपए का बिजली बिल आया है. स्‍कूल प्रबंधक का आरोप है कि बिजली विभाग के कार्यालय में शिकायत करने के बावजूद बिल में सुधार नहीं किया जा रहा है.

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वाराणसी (Varanasi) में बिजली विभाग (Electricity Department) का बड़ा कारनामा सामने आया है. एक निजी स्कूल (private schools) को 6 अरब रुपए से ज्‍यादा का बिजली बिल (Electricity bill of 6 billion rupees) विभाग के तरफ से भेजा गया है. दिलचस्‍प है कि यह बिल कई साल का नहीं, बल्कि मात्र एक महीने का है. बिजली बिल देखकर स्कूल के प्रबंधक हैरान-परेशान हैं. प्रबंधक की मानें तो इसकी शिकायत बिजली विभाग से की गई है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

हैरत में स्कूल प्रबंधक
दरअसल, वाराणसी के एक निजी स्कूल के प्रबंधक के पास करीब 6 अरब 18 करोड़ 51 लाख रुपए का बिजली बिल आया है. बिजली बिल की इतनी मोटी रकम देखकर स्कूल प्रबंधक हैरान हैं. स्कूल प्रबंधक योगेंद्र मिश्रा की मानें तो उन्होंने पिछला सभी बिजली का बिल जमा कर दिया था, इसके बाद इतना बिल आना ताज्जुब की बात है. योगेंद्र मिश्रा का कहना है कि इस बिजली बिल की शिकायत उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक के दफ्तर में किया था. स्‍कूल प्रबंधक ने बताया कि उन्हें सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी बता कर वापस भेज दिया गया.

बिजली बिल
बिजली बिल


बिजली विभाग कार्यालय का लगा रहे चक्‍कर
योगेंद्र मिश्रा ने बताया कि बिजली के बिल को ठीक कराने के लिए वह पिछले कई दिनों से बिजली विभाग का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला. बता दें कि इस बिजली बिल को जमा नहीं करने की स्थिति में कनेक्शन काटे जाने की तारीख 7 सितंबर की है. ऐसे में जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे स्कूल प्रबंधक की चिंता बढ़ती जा रही है. उन्‍हें बिजली कनेक्शन कटने का डर सता रहा है.

वहीं, अब उपभोक्ता इस बात को लेकर परेशान है कि इतनी बड़ी रकम कैसे भरी जाए. बिजली बिल को कम कराने को लेकर स्‍कूल प्रबंधन पिछले कई दिनों से बिजली विभाग का चक्कर लगा रहा है. विभाग की तरफ से उपभोक्ता को बिजली बिल सही करने का आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है.
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रीडिंग मशीन पर डाली जिम्मेदारी
वहीं बिजली विभाग के अधिकारी इसको तकनीकी कारणों का परिणाम बता रहें हैं. उन्होंने बताया कि जिनके यहा ज्यादा बिल आया है. उस उपभोक्ता के यहां सोलर पैनल भी लगा हुआ है, वहां पर नेट मीटर नाम का मीटर लगा होता. जिस रीडिंग मशीन से रीडिंग की गई है, वो सोलर पैनल वाले नेट मीटर में सही काम नहीं करता और इसी वजह से वहां बिल गलत बन गया. मीटर रिडर को भी इस बात की भी जानकारी नहीं थी और बिल बनाने के बात सिस्टम पर लोड होने से पहले ही सिस्टम ने उसे रिजेक्ट कर दिया था.

अधिकारियों ने बताया टेक्निकल एरर का नतीजा
वहीं अधिकारी अब बता रहें हैं कि चूंकि ये विभाग के सिस्टम पर लोड ही नहीं हो सका इसलिए ये रिजेक्टेड बिल है. अब आगे नए तरिके से मीटर की रीडिंग होगी. अधिकारी सारी गलती अदने से मीटर रिडर पर भी डाल रहें हैं. उनका कहना है कि पीड़ित को अब नया बिल बनाकर दिया जाएगा. आगे ऐसी गलती फिर से न होने के सवाल के जवाब में बिजली विभाग के अधिकारी ने इस घटना को टेक्निकल एरर बता रहें हैं.

रिपोर्ट- रवि पाण्डेय

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First published: September 5, 2019, 12:42 PM IST
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