Home /News /uttar-pradesh /

सोनभद्र नरसंहार: अब सामने आया जमीन कब्जाने का पॉलिटिकल कनेक्शन!

सोनभद्र नरसंहार: अब सामने आया जमीन कब्जाने का पॉलिटिकल कनेक्शन!

बताया जाता है कि जिस आदर्श सोसायटी की जमीन को लेकर विवाद था, उस सोसाइटी का गठन 1955 में कांग्रेस के बिहार से राज्यसभा सांसद महेश्वर प्रसाद नारायण ने किया था.

    सोनभद्र के घोरावल कोतवाली के उम्भा गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए नरसंहार के बाद यूपी के इस जिले में जमीन कब्जाने की साजिश की परतें एक-एक कर खुलने लगी हैं. दशकों पुराने जमीन विवाद में कांग्रेस के एक पूर्व राज्यसभा सांसद का नाम सामने आ रहा है.

    बताया जाता है कि जिस आदर्श सोसायटी की जमीन को लेकर विवाद था, उस सोसाइटी का गठन 1955 में कांग्रेस के बिहार से राज्यसभा सांसद महेश्वर प्रसाद नारायण ने किया था. महेश्वर प्रसाद नारायण उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल चंद्रेश्वर प्रसाद के भतीजे थे. 1955 में कांग्रेस सरकार के समय ही यह जमीन गलत तरीके से इस ट्रस्ट के नाम कर दी गई थी. बाद में उस जमीन को महेश्वर नारायण प्रसाद के आईएएस दामाद प्रभात मिश्रा की पत्नी और बेटी के नाम कर दी गई. फिर दोनों ने इस जमीन को प्रधान यज्ञदत्त को बेच दी, जिस पर कब्जे को लेकर 17 जुलाई को खूनी संघर्ष हुआ और 10 लोगों की जान चली गई.

    प्रभावशाली लोगों के वजह से नहीं मिल सकी आदिवासियों को जमीन

    सोनभद्र में जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ, वह जमीन प्रभावशाली लोगों के नाम थी और उनका पॉलीटिकल कनेक्शन भी सामने आ रहा है. ग्रामीणों का कहना है की प्रभावशाली लोगों के चलते ही यह जमीन कभी भी दशकों से इस पर जोताई कर रहे आदिवासी परिवारों के नाम नहीं हो सकी. ग्रामीण रामजीत ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि इस सोसाइटी में करीब 12 आईएएस और पीसीएस अफसर थे, जो बिहार के रहने वाले थे. शुरुआत में एक दो स्थानीय लोगों को भी इस सोसाइटी का सदस्य बनाया गया था, जिसमे मेरे पिता भी थे. लेकिन 12 साल के बाद स्थानीय लोगों का नाम हटा दिया गया.

    ग्रामीण रामजीत


    जांच से बड़ा घोटाला आएगा सामने

    जिले के एक नामी आरटीआई एक्टिविस्ट संतोष कुमार चंदेल बताते हैं कि महेश्वर प्रसाद नारायण, जो 1952 से लेकर 1956 तक कांग्रेस के राज्यसभा के सांसद थे, उन्होंने सरकार के प्रभाव से सैकड़ों बीघा जमीन अपने ट्रस्ट आदर्श सोसायटी के नाम से करवा ली. इसके बाद यह जमीन व्यक्तिगत नामों से उनके संबंधियों के नाम कर दी गई. यह बहुत बड़ा घोटाला है, इसकी जांच होनी चाहिए.

    आरटीआई एक्टिविस्ट संतोष कुमार चंदेल


    अवैध तरीके से जमीन हुई ट्रांसफर

    वहीं उम्भा गांव के आदिवासियों के वकील नित्यानन्द द्विवेदी का कहना है कि केस के अध्ययन से यह बात सामने आई कि आदर्श कोऑपरेटिव सोसायटी महेश्वर नारायण प्रसाद द्वारा गठित की गई थी. उस समय उनके दामाद आईएएस प्रभात मिश्रा मिर्जापुर के जिलाधिकारी थे. उन्होंने अवैध तरीके से सैकड़ों बीघे जमीन सोसाइटी के नाम करा दी. यह पूरा काम राजनीतिक दबाव में किया गया क्योंकि उस वक्त तहसीलदार के पास जमीन को ट्रांसफर करने का अधिकार ही नहीं था.

    आदिवासियों के वकील नित्यानन्द द्विवेदी


    उधर 21 जुलाई को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने भी इस पूरी घटना को एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया है और इसके पीछे कांग्रेस की भ्रष्ट सरकारों को जिम्मेदार ठहराया. मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी गठित कर 10 दिन में पूरी रिपोर्ट तलब की है. उन्होंने कहा है कि पहले मामला इतना गंभीर नहीं लग रहा था. लेकिन इस मामले के तार 1952 से जुड़े हैं. पूरी जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

    ये भी पढ़ें:

    Exclusive: सोनभद्र नरसंहार का खौफनाक VIDEO आया सामने, चीखपुकार और भाग रे लल्ला के बीच 10 लोगों की हत्याएं

    सोनभद्र में एक लाख हेक्टेयर वन भूमि पर का कब्जा, 5 साल पुरानी रिपोर्ट पर आज तक कार्रवाई नहीं

    आपके शहर से (वाराणसी)

    वाराणसी
    वाराणसी

    Tags: Up crime news, Up news in hindi, Varanasi news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर