• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • आयुर्वेद पर Wikipedia के कमेंट से भड़के स्टूडेंट्स, शुरू किया ऑनलाइन Signature Campaign

आयुर्वेद पर Wikipedia के कमेंट से भड़के स्टूडेंट्स, शुरू किया ऑनलाइन Signature Campaign

एमपी सरकार डॉक्टर्स के लिए व्यवस्था कर रही है.  (प्रतीकात्मक फोटो)

एमपी सरकार डॉक्टर्स के लिए व्यवस्था कर रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)

प्रोफेसर नीलम गुप्ता का कहना है कि आयुर्वेद (Ayurveda) की पद्धति को अवैज्ञानिक बताना गलत है. विकिपीडिया (Wikipedia) को अपनी टिप्पणी फौरन हटा लेनी चाहिए.

  • Share this:
    Upendra Dwivedi

    वाराणसी. आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर विकिपीडिया की टिप्पणी से उत्तर प्रदेश की वाराणसी के आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े स्टूडेंट्स भड़क उठे हैं. विरोध में ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान (Online Signature Campaign) भी शुरू किया है. तीन दिन में करीब सात हजार स्टूडेंट्स ने हस्ताक्षर कर अपना विरोध जताया है. आयुर्वेद के छात्र आकाश उपाध्याय ने बताया कि मामला बेबुनियाद टिप्पणी का है. बकौल आकाश, आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति (Ayurveda System of Medicine) भारत की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, लेकिन विकिपीडिया में इस पद्धति पर जो टिप्पणी की गई है, वो गलत है.  विकिपीडिया (Wikipedia) पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अवैज्ञानिक बताते हुए कई दूसरी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई हैं. जबकि कोरोना काल में आयुर्वेद चिकित्सा भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर अन्य तरीकों से अपनी मजबूत सहभागिता कर रहा है.

    छात्र आकाश का कहना है कि वाराणसी के एल-वन अस्पताल में शामिल आयुर्वेद महाविद्यालय में अब तक सैकड़ों मरीज काढ़ा पीकर ठीक भी हुए हैं. बावजूद इसके, ये टिप्पणी पूरी तरह से अव्यवहारिक और बेबुनियाद है. स्टूडेंट्स की मांग है कि इस टिप्पणी को हटाया जाए और आयुर्वेद के महत्व की सही जानकारी दी जाए.

    विरोध में ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान


    ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर: प्रॉपर्टी हड़पने ममेरे भाई ने कराया 11 साल की बच्ची का किडनैप, मांगी 1 करोड़ की फिरौती

    चलाया जा रहा ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान
    फिलहाल इस टिप्पणी के विरोध में आयुर्वेद महाविदयालय, बनारस हिंदू विश्वविदयालय और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविदयालय समेत देश भर के स्टूडेंट्स एकजुट हुए हैं. लगातार ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान के तहत अपने आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं. छात्र आकाश के मुताबिक, 6 दिनों से अनुभूति ट्रस्ट द्वारा इसके खिलाफ देश भर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है. वहीं ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान में 3 दिन में 7 हजार से ज्यादा लोग अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं. स्टूडेंट्स के अलावा प्रोफेसर भी इस पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. वहीं प्रोफेसर नीलम गुप्ता का कहना है कि भारत की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति को अवैज्ञानिक बताना पूरी तरह से गलत है. विकिपीडिया को अपनी इस टिप्पणी को फौरन हटाना चाहिए. इस टिप्पणी से पूरी दुनिया में आयुर्वेद के बारे में गलत धारणा बनेगी.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज