यूपी-बिहार बॉर्डर पर प्रॉपर्टी में न‍िवेश का यह है सबसे अच्‍छा ऑप्‍शन, जानें क‍ितना आया है उछाल


उत्‍तर प्रदेश के चंदौली जनपद में प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़ रहे हैं.

उत्‍तर प्रदेश के चंदौली जनपद में प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़ रहे हैं.

Property Price in Uttar Pradesh: यूपी के चंदौली जिले में निवेश के हिसाब से एनएच दो से जुड़ने वाले ग्रामीण क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण हो सकते है. बिहार से वाराणसी और इलाहाबाद को जोड़ने वाले एनएच दो पर पड़ने वाली जमीन भी निवेश का बेहतर विकल्प हो सकती है.

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उत्‍तर प्रदेश के चंदौली जनपद में प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़ रहे हैं. खासतौर पर जनपद के प्रमुख शहर पं‌डित दीनदयाल उपाध्याय नगर के आसपास बस रही नई कालोनियां में निवेश के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण हो सकती है. दस से पंद्रह वर्ष के भीतर जमीनों के रेट में काफी उछाल आया है. चार से पांच लाख रुपये प्रति बिस्वे की जमीन आज 15 से 20 लाख रुपये का आंकड़ा छू रही है. जबकि शहर के बीच मे आज जमीन ही नही बची है. जिले में निवेश के हिसाब से एनएच दो से जुड़ने वाले ग्रामीण क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण हो सकते है. बिहार से वाराणसी और इलाहाबाद को जोड़ने वाले एनएच दो पर पड़ने वाली जमीन भी निवेश का बेहतर विकल्प हो सकती है, तो निर्माणाधीन रिंग रोड के आसपास ग्रामीण इलाकों में लोग जमीन में निवेश कर रहे है

नगर में मॉल कलचर ने बढ़ाये दाम

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में ‌पिछले कुछ वर्षो में मॉल कलचर तेजी से विकसित हुआ है. आज शहर में कपड़े के बड़े शोरूम समेत अच्छे रेस्तरां तक मौजूद है, जिसके कारण यहां जमीनों के दामों में काफी वृद्ध‌ि हो चुकी है. एक वक्त था जब‌ कि शहर के कुछ क्षेत्रों में जहां कोई रहना नहीं चाहता था. बीच शहर में जमीन की नहीं मिलने के चलते आसपास में कालोनियों का विकास होने लगा. देखते ही देखते वहां आज कई मकान बन चुके है. वहीं इसके साथ जीटी रोड पर बन मॉल और कपड़े शोरूम ने इसके आसपास की कालोनियों में जमीनों के रेट भी बढ़ा दिए. नगर के निकटम ग्रामीण इलाकों में जमीन के रेट आसमान छू रहे है यह सर्किल रेट से कई गुने ऊंचे दामों पर जमीन बिक रही है.

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उत्‍तर प्रदेश के चंदौली जनपद में प्रॉपर्टी के रेट में दस से पंद्रह वर्ष के भीतर जमीनों के रेट में काफी उछाल आया है

नेशनल हाइवे के किनारे गांवों में भी बढ़ रहे हैं जमीनों के दाम

जिले में नेशनल हाइवे दो के आसपास सटे गांव में भी जमीनों के दाम धीरे-धीरे बढ़ने लगे है. हाइवे से सटी जमीनों पर कई लोगों ने बेहतरीन ढाबे खोल लिये है. बिहार से वाराणसी व इलाहबाद जाने के दौरान अक्सर लोग यहां रूककर भोजन का स्वाद चखते है. ढाबे के कारण हाइवे पर हमेशा रौनक लगी रहती है. हाइवे के किनारे भी धीरे-धीरे लोग प्लाटिंग कर रहे है. नई-नई कालोनियां भी बसाये जाने की तैयारी की जा रही है. हाइवे के किनारे व्यापारिक दृष्टिकोण से लोग जमीनों में निवेश कर रहे है.

यूपी बिहार बार्डर पर जमीन और प्रॉपर्टी में निवेश बेहतर विकल्प



जिले के अन्य शहर नगर पंचायतों का भी यही हाल है. खासकर बिहार बॉर्डर पर सैयदराजा इलाकों में ग्रामीण इलाकों का भी शहरीकरण हो रहा है, जहां निवेश की बेहतर सम्भावनाएं है साथ ही चकिया इलाके में नवनिर्मित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर की वजह से जमीन के दामों में खासा उछाल आया है. जहां जमीन के रेट पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गए है. साथ ही जिले से गुजर रही रिंग रोड के आसपास जमीन में निवेश फायदे का सौदा है. शायद यही वजह है कि कोरोना काल के बावजूद इन इलाकों में जमीन में निवेश बढ़ा है तो प्लाटर और बिल्डर के लिए यह इलाके पहली पसंद बन कर सामने आए है.

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