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Video: चंदौली के PDDU रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, रेलकर्मी के ऊपर से गुजरी ट्रेन

Video: चंदौली के PDDU रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, रेलकर्मी के ऊपर से गुजरी ट्रेन

चंदौली के PDDU रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा

हाईलाइट्स--रेलवे के ऑपरेशन विभाग की बड़ी लापरवाही ट्रेन में तकनीकी खामी दूर करते समय चला दी ट्रेन2 कर्मीयो के ऊपर से चली ट्रेनपटरी पर ल?

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चंदौली. उत्तर प्रदेश के चंदौली (Chandauli) जिले के पं. दीनदयाल उपाध्याय (PDDU) जंक्शन पर ट्रेन के एक्सल का नट-वोल्ट ठीक करते समय रेल कर्मचारी (Railway Staff) के ऊपर से ट्रेन गुजर गई. वहां मौजूद अन्य कर्मियों ने दौड़ कर ट्रेन में घुस कर चेन पुलिंग की. इसके बाद कर्मचारियों को बाहर निकाला गया. सूझबूझ का परिचय देते हुए वह रेल पटरी के बीच में लेट गया. ट्रेन उनके ऊपर से निकल गई. इससे रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया. राहत की खबर है कि इस दुर्घटना में किसी के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. उधर, रविवार को रेलकर्मी के ऊपर से ट्रेन गुजरने का वीडियो वायरल हो रहा है.

बता दें कि हल्दिया से आनंद विहार जा रही स्पेशल ट्रेन बृहस्पतिवार की रात दस बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या छह पर पहुंची. जांच के दौरान कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मियों ने देखा कि ट्रेन के स्लीपर कोच एस-5 के नीचे हाट एक्सल का नट ढीला है. इसके बाद दो कर्मचारी कोच के नीचे जाकर इसे ठीक करने लगे. इसी बीच ट्रेन खुल गई. इस पर खुद को बचाने के लिए कर्मचारी पटरी के बीच लेट गए. वहां मौजूद अन्य कर्मियों ने दौड़ कर ट्रेन में घुस कर चेन पुलिंग की.


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इसके बाद कर्मचारियों को बाहर निकाला गया. विभागीय कर्मियों ने इसका वीडियो भी बनाया था. इतनी बड़ी घटना के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. पूरे घटनाक्रम का वीडियो शुक्रवार को वायरल होने के बाद अब अधिकारियों में खलबली है. दरअसल, नियम के अनुसार खड़ी ट्रेन के नीचे मरम्मत के पूर्व स्टेशन मास्टर को सूचना दी जाती है. इससे मरम्मत होने तक सिग्नल लाल रहता है. मरम्मत के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ाई जाती है. अब स्टेशन मास्टर को क्यों सूचना नहीं दी गई. (रिपोर्ट- नितिन गोस्वामी)

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पीएम के जन्मदिन पर CM योगी और डिप्टी सीएम ने दी बधाई, कहा- देश को आत्मनिर्भर बना रहे मोदी

पीएम के जन्मदिन पर CM योगी और डिप्टी सीएम ने दी बधाई, कहा- देश को आत्मनिर्भर बना रहे मोदी

PM Modi Birthday: डिप्टी सीएम मौर्य ने लिखा,' एक-एक पल मां भारती की सेवा में समर्पित रहने वाले, विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता, देशवासियों के हृदय सम्राट तथा हम सभी के प्रेरणा स्रोत व मार्गदर्शक, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 17:25 IST
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लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का शुक्रवार को 71वां जन्मदिन है. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने पीएम मोदी को बधाई दी. सीएम योगी ने कहा, अंत्योदय से आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. प्रभु श्री राम की कृपा से आपको दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो. आजीवन मां भारती की सेवा का परम सौभाग्य आपको प्राप्त होता रहे.

उधर, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी को बधाई दी है. डिप्टी सीएम मौर्य ने लिखा,’ एक-एक पल मां भारती की सेवा में समर्पित रहने वाले, विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता, देशवासियों के हृदय सम्राट तथा हम सभी के प्रेरणा स्रोत व मार्गदर्शक, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं.

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई

वाराणसी में लोगों ने जलाए दीए
पीएम मोदी के 71वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर वाराणसी में लोगों ने मिट्टी के दीए जलाए और 71 किलो के लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद बांटा. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा आज से सेवा एवं समर्पण अभियान शुरू कर रही है. इसके तहत भाजपा का चिकित्सा प्रकोष्ठ 17 से 20 सितंबर तक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन करेगा. युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रक्तदान शिविर, जबकि अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ता गरीब बस्तियों में फल और जरूरी सामानों का वितरण करेंगे.

Varanasi News: पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज,मौसम वैज्ञानिक ने बताई ये वजह

Varanasi News: पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज,मौसम वैज्ञानिक ने बताई ये वजह

पूर्वांचल सहित वाराणसी (Varanasi) में बीते 48 घण्टों से लगातार तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी. वाराणसी में बदले मौसम के मिजाज ने गर्मी से राहत।

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पूर्वांचल सहित वाराणसी (Varanasi) में बीते 48 घण्टों से लगातार तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी. वाराणसी में बदले मौसम के मिजाज ने गर्मी से राहत से साथ ही आम लोगो की मुश्किलें बढ़ा दी है. लगातार बारिश के कारण सड़को पर जगह-जगह जल जमाव है तो दूसरे तरफ लोग घाटों पर मस्ती भी करते दिख रहे हैं.

बीएचयू (BHU) के मौसम विभाग के प्रोफेसर डॉ मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेसर के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश दौर जारी है. आने वाले दो तीन दिनों तक  मौसम ऐसे ही बना रहेगा. रूक-रूक कर बारिश होगी.

घाटों पर मस्ती करते लोग
वाराणसी में बारिश के कारण मौसम खुशनुमा है. जिसके कारण वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों पर लोग मस्ती करते भी नजर आ रहे हैं. उधर दूसरी तरफ तेज हवाओं और बारिश के कारण बीते 3 दिनों से गंगा में नाव का संचालन भी नहीं हो रहा,जिससे नाविक भी खासा परेशान है. अस्सी घाट पर नाव संचालन करने वाले सोनू माझी ने बताया कि बारिश के कारण घाटों पर दो दिनों से पर्यटकों के आने की संख्या बेहद कम हो गई है.

Ropeway in Varanasi: प्लान तैयार,काशी को मिलेगा यूपी के सबसे बड़े रोपवे का तोहफा

Ropeway in Varanasi: प्लान तैयार,काशी को मिलेगा यूपी के सबसे बड़े रोपवे का तोहफा

बाबा विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) की नगरी काशी (Kashi) में पर्यटक रोपवे का रोमांचक सफर कर सकेंगे. कैंट से गोदौलिया के बीच यूपी के सबसे बड़े रोपवे (Ropeway) का प्लान है

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यूपी के चित्रकूट और मिर्जापुर के बाद अब बाबा विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) की नगरी काशी (Kashi) में पर्यटक रोपवे का रोमांचक सफर कर सकेंगे. कैंट से गोदौलिया के बीच यूपी के सबसे बड़े रोपवे (Ropeway) का तोहफा जल्द ही काशी को मिलेगा. रोपवे परियोजना को योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है. सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल के नवम्बर से रोपवे निर्माण का काम भी शुरू हो जाएगा.

केंद्र सरकार की सहयोगी कम्पनी वैपकॉस ने इसका खाका तैयार किया है. यूपी के सबसे बड़े रोपवे परियोजना में करीब 400 करोड़ रूपय खर्च होंगे. गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना में चार स्टेशन बनाए जाएंगे. कैंट से मलदहिया,लहुराबीर, नई सड़क,गिरजाघर होते हुए गोदौलिया तक आएगी.

8 से 10 हजार लोग उठा सकेंगे फायदा
वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि रोपवे सिस्टम से पर्यटकों के साथ ही आम लोगों को भी लोकल ट्रांसपोर्ट के रूप में अच्छी सुविधा मिलेगी. इससे शहर के ट्रांसपोर्ट का दवाब भी कम होगा और जाम के झाम से भी लोगो को मुक्ति मिलेगी. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर प्रतिदिन 8 से 10 हजार लोग इसका फायदा उठा सकेंगे.

दूसरे चरण में खिड़कियां घाट से अस्सी तक होगा विस्तार
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले फेज में कैंट से गोदौलिया के बीच इसकी शुरुआत होगी. उसके बाद दूसरे फेज में खिड़कियां घाट से सिटी स्टेशन और अस्सी घाट (Assi Ghat) के बीच इसका विस्तार किया जाएगा. जिसके पर्यटक रोपवे के जरिए काशी के ऐतिहासिक घाटों का दीदार कर सकेंगे.

UP Weather Update: जानिए क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश? लखनऊ सहित कई जिलाें में टूटे रिकॉर्ड

UP Weather Update: जानिए क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश? लखनऊ सहित कई जिलाें में टूटे रिकॉर्ड

Lucknow News: लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पश्चिमी यूपी (Western UP) के कुछ जिलों को छोड़ दें तो पूरे सूबे में बारिश (Rainfall) का सिलसिला कमोबेश कल बुधवार से ही चल रहा है. बारिश का ज्यादा जोर लखनऊ (Lucknow) और इसके आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है. लखनऊ में तो बीती रात 12 बजे से ही बरसात थमी नहीं है. और तो और इसमें लगातार बढ़ोतरी ही देखने को मिल रही है. तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण शहर में जगह जगह पेड़ भी गिर गये हैं.

प्रदेश के चार ऐसे जिले हैं जहां पिछले 24 घण्टों में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है. लखनऊ में बुधवार से अभी तक 107 मिलीमीटर, रायबरेली में 186 मिमी, सुल्तानपुर में 118 मिमी और अयोध्या में 104 मिमी बारिश हो चुकी है. रायबरेली में तो स्कूलों में छुट्टी कर दी गयी है. इसके अलावा पिछले 24 घण्टों में गोरखपुर में 96.6 मिमी, वाराणसी में 88 मिमी, बाराबंकी में 94 मिमी और बहराइच में 30 मिमी बारिश दर्ज की गयी है.

लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. रात से या शुक्रवार की सुबह से इसकी तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि इस पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश?

निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवायें उस ओर बढ़ रही हैं. मॉनसूनी सीजन में हवा में नमी भरपूर हो रही है. बंगाल की खाड़ी से चलकर मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने वाली नम हवाओं के कारण मध्य यूपी में जोरदार बारिश हो रही है. संभावना ये है कि कल शुक्रवार तक इसमें काफी कमी आ जायेगी. तेज हवायें भी थम जायेंगी.

लखनऊ में भारी बारिश से कई मुख्य रास्ते बंद, गोमतीनगर सहित तमाम इलाकों में भरा पानी

वैसे तो पश्चिमी यूपी के जिलों में भी हल्की बदली छायी हुई है लेकिन, ज्यादा बारिश की फिलहाल संभावना नहीं जताी गयी है. राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखण्ड की सीमा से लगने वाले यूपी के जिलों में फिलहाल बारिश का ज्यादा जोर देखने को नहीं मिल रहा है.

बीती रात से अभी तक 7 की मौत

तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से जान- माल को भी काफी नुकसान पहुंचा है. न्यूज़ 18 को मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात से अभी तक कुल 7 लोगों की मौत हो चुकी है. सभी लोगों की मौत कच्ची दीवार गिरने की चपेट में आने से हुई है.

हथिया नक्षत्र से पहले ही लखनऊ समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश, ऑरेंज अलर्ट भी जारी

मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर में 4, सीतापुर में 1, अयोध्या  में 1 और रायबरेली  में भी 1 की मौत हुई है. बारिश का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो कई हादसों की आशंका बनी हुई है.

पूर्वांचल की सियासत, योगी सरकार को घेरने के लिए ओमप्रकाश राजभर ने खेला मुस्लिम और जाति कार्ड

पूर्वांचल की सियासत, योगी सरकार को घेरने के लिए ओमप्रकाश राजभर ने खेला मुस्लिम और जाति कार्ड

UP Politics : भाजपा के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन से इनकार कर चुके राजभर ने एक तरफ पूर्वांचल को अलग राज्य बनाए जाने का मुद्दा उठाया तो दूसरी तरफ माफियाओं पर कार्रवाई को लेकर धर्म और जातिगत भेदभाव के आरोप खुलकर लगाए.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 11:23 IST
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वाराणसी. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से कुछ महीनों पहले ही सियासत के तेवर तल्ख हो चले हैं. प्रदेश में पहले मंत्री रहे चुके और सुभासपा के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ सुर बुलंद करने का सिलसिला जारी रखा है. भाजपा के साथ किसी कीमत पर हाथ न मिलाने का दावा कर चुके राजभर ने अब योगी सरकार पर अपराधियों के प्रति धर्म और ​जाति के आधार पर बर्ताव करने का आरोप लगाया है. तीखे शब्दों में राजभर ने कहा कि सरकार यह देखकर अपराधियों के साथ सलूक कर रही है कि ‘वो हिंदू है या मुसलमान, या ब्राह्मण है या यादव.’

करीब तीन हफ्ते पहले राजभर ने तब सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने कहा था कि वो ‘सीएम या डिप्टी सीएम बनाए जाने पर भी बीजेपी में नहीं जाएंगे’. अब योगी सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए राजभर ने कहा, ‘मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद मुसलमान हैं इसलिए बाहुबली या माफिया कहे जा रहे हैं. वहीं हिंदू होने के कारण बृजेश सिंह एमएलसी बनाए जा रहे हैं और धनंजय सिंह की पत्नी को ज़िला पंचायत में लाया जा रहा है.’

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राजभर ने साफ कहा कि यह तय करना अदालत का काम है कि कौन अपराधी है, कौन नहीं. ‘लेकिन प्रदेश सरकार का रुख साफ है कि जो बीजेपी के साथ है, वह निर्दोष है और जो खिलाफ है, वह माफिया है.’ राजभर ने वाराणसी ने मीडिया से कहा कि ‘ब्राह्मण, यादव, राजभर के नाम पर चल रहे जातिवाद के सिलसिले को खत्म किया जाना चाहिए.

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सुभासपा नेता राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना की.

‘पूर्वांचल बनेगा नया प्रदेश, अगर…’
राजभर की पार्टी के प्रदेश में चार विधायक हैं और इन्हीं के दम पर उन्होंने भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए कहा, ‘हम बीजेपी सरकार की अर्थी को कांधा देंगे.’ यही नहीं, पूर्वांचल की राजनीति का मुद्दा उठाते हुए राजभर ने बड़ा बयान यह भी दिया कि अगर उनके भागीदारी मोर्चे को सत्ता की चाबी मिली तो उप्र के पूर्वांचल को नया राज्य बनाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा.

राजभर ने ऐसे बताया चुनावी एजेंडा
एक तरह से अपने चुनावी घोषणा पत्र को ज़ाहिर करते हुए उन्होंने और कई वादे और इरादे बताए. राजभर ने कहा कि मोर्चे की सरकार बनी तो पांच साल तक घरेलू बिजली मुफ्त होगी. गरीबों के लिए इलाज की सुविधा मुफ्त की जाएगी. अमीर और गरीब तक समान शिक्षा पहुंचाने का तंत्र बनाया जाएगा. यही नहीं, बीए तक की शिक्षा मुफ्त दी जाएगी. मासिक राशन बढ़ाया जाएगा और पहली प्राथमिकता के तहत राज्य में शराबबंदी लागू कर दी जाएगी.

Varanasi News: इस 'खास' तरीके से निर्मल होगी गंगा,योगी सरकार ने तैयार किया प्लान

Varanasi News: इस 'खास' तरीके से निर्मल होगी गंगा,योगी सरकार ने तैयार किया प्लान

पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में जल्द ही गंगा अब पहले से स्वच्छ और निर्मल होगी. सूबे की योगी सरकार (Yogi Goverment) ने इसका प्लान तैयार किया है

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पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में जल्द ही गंगा अब पहले से स्वच्छ और निर्मल होगी. सूबे की योगी सरकार (Yogi Goverment) ने इसका प्लान तैयार कर लिया है. नेचुरल तरीके से वाराणसी में गंगा (Ganga) को निर्मल किया जाएगा. मत्स्य विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके लिए वाराणसी मंडल के तीन जिलों में गंगा में 3 लाख मछलियां छोड़ी जाएगी. इनमे से डेढ़ लाख मछलियां अकेले वाराणसी में छोड़ी जाएगी.

इसी महीने के अंतिम सप्ताह में वृहद आयोजन में एक दिन में 3 लाख मछलियों को छोड़ा जाएगा. जिला मत्स्य अधिकारी एन एस रहमानी ने बताया कि गंगा में प्रति किलोमीटर मछलियों की संख्या को बढ़ाने के साथ नेचुरल तरीके से गंगा की सफाई के लिए ये कदम उठाया जा रहा है.

गंगा का ऑर्गेनिक लोड होगा कम
गंगा में मछलियों की संख्या बढ़ने से गंगा का ऑर्गेनिक लोड कम होगा. इसके अलावा गंगा के इको सिस्टम भी ठीक होगा और गंगा का जल भी पहले भी साफ और स्वच्छ होगा.

मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा
मत्स्य अधिकारी ने बताया कि सरकार के इस प्रयास से मछली पालन को भी बढ़ावा मिलेगा. हर साल मछलियों के जो अंडे विकसित नहीं हो रहे उन अंडों को हम लोग आर्टिफिशियल तरीके से नर्सरी में रखकर उनका पालन करेंगे और फिर उन मछलियों को गंगा में छोड़ दिया जाएगा.

Varanasi: अयोध्या के फैसले के बाद गर्मा रहा है काशी-विश्वनाथ मामला, दाखिल हुए 3 नए वाद, सुनवाई आज

Varanasi: अयोध्या के फैसले के बाद गर्मा रहा है काशी-विश्वनाथ मामला, दाखिल हुए 3 नए वाद, सुनवाई आज

Varanasi News: रामनगरी अयोध्या में आए सुप्रीम फैसले के बाद शिवनगरी काशी का माहौल धीरे धीरे गरमा रहा है. यूपी चुनाव से पहले विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के मुकदमे की सुनवाई हाइकोर्ट पहुंच गई है. तो वहीं सिविल जज की सीनियर डिवीजन अदालत में तीन और नए वाद दाखिल हुए हैं. इन पर आज सुनवाई होनी है.

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वाराणसी. रामनगरी अयोध्या में आए सुप्रीम फैसले के बाद शिवनगरी काशी का माहौल धीरे धीरे गरमा रहा है. यूपी चुनाव से पहले विश्वनाथ मंदिर (Vishwanath Temple) परिक्षेत्र स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के मुकदमे की सुनवाई हाइकोर्ट पहुंच गई है. 1991 से चल रहे इस केस में इस साल आठ अप्रैल को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुरातात्विक सर्वेक्षण के आदेश पर दिए थे, लेकिन बीती नौ सितंबर को हाईकोर्ट प्रयागराज ने इस पर रोक लगा दी. मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख तय करते हुए सभी पक्षों को सूचित किया है.

इसी बीच अब वाराणसी में सिविल जज की सीनियर डिवीजन अदालत में तीन और नए वाद दाखिल हुए हैं. जिसमें एक वाद खुद विश्वेश्वर महादेव के नंदी की ओर से दाखिल है. बाकी एक वाद विश्वेश्वर और दूसरा लाट भैरव मुक्ति को लेकर दाखिल हुआ है. आदि विश्वेश्वर ज्योर्तिलिंग की ओर से वादमित्र के रूप में महंत शिव प्रसाद पांडेय, सूबेदार सिंह यादव और संतोष कुमार सिंह ने वाद दखिल करते हुए ज्ञानवापी परिसर में पूजा करने की अनुमति मांगी है. साथ ही पूरे परिसर को हिंदुओं को सौंपने की मांग की. इस केस में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, अंजुमन इंतजामियां मसाजिद कमेटी के साथ काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को भी पक्षकार बनाया गया है.

आज सुनवाई करेगा कोर्ट

दूसरा वाद आदि विश्वेश्वर महादेव नंदी की तरफ से दाखिल हुआ है, जिसकी मांग का भी लब्बोलुआब कुछ यही है. नंदी के मुंह की दिशा को लेकर अक्सर हिंदुवादी संगठन और संत सवाल उठाते रहे हैं. दोनों वाद प्रकीर्ण वाद के रूप में कोर्ट में दर्ज हुए और इस पर अगली तारीख 16 सितंबर या​नि आज लगी है. गुरुवार को ये तय होगा कि ये केस आगे चलेगा कि नहीं.

लाट भैरव की मुक्ति को लेकर वाद

सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार की अदालत में ही वाराणसी के सरैयां स्थित लाट भैरव को मुक्ति दिलाने के लिए वाद दाखिल किया गया है. कोर्ट ने मूल वाद के रूप में दर्ज कर अगली सुनवाई के लिए 21 अक्टूबर की तारीख लगी है. ये मुकदमा सरैया निवासी अनुराग दिवेदी, वीरेंद्र कुमार, आशुतोष पांडेय ने अधिवक्ता मदन मोहन यादव के जरिए दाखिल किया है.

गौरतलब है कि काशी में अष्ट भैरव में शामिल लाट भैरव को कपाल भैरव के नाम से भी जाना जाता है. एडवोकेट मदन मोहन ने बताया कि काशी प्रथम कपाल भैरव का पुराणों में भी जिक्र है और शैव परंपरा के तांत्रिक अनुष्ठान कपाल भैरव के मंदिर में संपादित हुआ करता था. मदन मोहन ने दावा किया कि सन 1669 में औरंगजेब के आदेश से इसे ध्वस्त किया गया और फिर जमीन में गाड़े गए शव के हरे रंग का कपड़ा बिछाकर इसके कब्रिस्तान होने का दावा किया गया.

BHU की जूली कैसे बनी त्रिपुरा की हिना, तस्वीरों से समझें ऐसे चल रहा था नीट में चीट का खेल

BHU की जूली कैसे बनी त्रिपुरा की हिना, तस्वीरों से समझें ऐसे चल रहा था नीट में चीट का खेल

Varanasi News: इस गैंग में दो टीमें काम करती हैं. एक कोचिंग संस्थानों में तैयारी कर रहे रईस अभ्यर्थियों पर नजर रखती है तो दूसरी पासआउट उन मेडिकल स्टूडेंट्स पर, जो मेधावी हैं, लेकिन गरीब हैं. फिर सौदा तय होता है. उसके बाद तकनीक का सहारा लिया जाता है.

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वाराणसी. नीट-यूजी परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर गैंग से जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नए खुलासे हो रहे हैं. इस खबर और कुछ तस्वीरों के जरिए हम आपको समझाते हैं कि कैसे ये सॉल्वर गैंग इस खेल को अंजाम देता था. वाराणसी में नीट की परीक्षा में साल्वर के रूप में पकड़ी गई बीएचयू (BHU) के बीडीएस सेकेंड इयर की छात्रा जूली के बारे में पूछताछ में ये जानकारी निकल कर आई है कि वो त्रिपुरा की हिना की जगह एग्जाम देने पहुंची थी. आपके मन मे सवाल उठ रहा होगा कि कैसे?

दरअसल, इस गैंग में दो टीमें काम करती हैं. एक कोचिंग संस्थानों में तैयारी कर रहे रईस अभ्यर्थियों पर नजर रखती है तो दूसरी पासआउट उन मेडिकल स्टूडेंट्स पर, जो मेधावी हैं, लेकिन गरीब हैं. फिर सौदा तय होता है साल्वर के जरिए पेपर कराने का. उसके बाद तकनीक का सहारा लिया जाता है. मूल अभ्यर्थी की तस्वीर के साथ साल्वर की तस्वीर को कुछ सॉफ्टवेयर के जरिए एडिट करके हू-ब-हू मिलता जुलता चेहरा तैयार किया है.

कैसे, इसकी बानगी इस तस्वीर से समझिए. खबर में बाएं तरफ सबसे ऊपर त्रिपुरा की हिना बिस्वास है जो कि मूल अभ्यर्थी है. बाएं तरफ नीचे बीएचयू की जूली है, जो साल्वर हैं. अंत में कैसे धीरे-धीरे फोटो एडिट करते हुए नई तस्वीर तैयार की गई और फिर एडमिट कार्ड में चस्पा हुई.

फोन पर बात नहीं करता, संदेश कोरियर करता है पीके
सॉल्वर गैंग का मास्टर माइंड बिहार का कोई पीके है, जिसके बारे में अभी तक पकड़े गए आरोपियों में कोई पक्की जानकारी इसलिए नहीं दे पाया कि पीके पूरी तरह से अंडरकवर रहता है. यहां तक कि उसे अगर कोई संदेश गैंग के किसी सदस्य के पास भेजना होता है तो वो कोरियर करता है, न कि फोन.

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सॉफ्टवेयर की सहायता से एडिट की जाती थी फोटो

मंगलवार को वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने बिहार की रहने वाली और बीएचयू की बीडीएस छात्रा जूली के भाई अभय को भी वाराणसी के पांडेयपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया. अभय के साथ ओसामा और दूसरे शख्स को भी पकड़ा गया है. पूर्वांचल के गाजीपुर का रहने वाला ओसामा शाहिद केजीएमयू लखनऊ में अंतिम वर्ष का छात्र है. ओसामा के कब्जे से नीट प्रवेश परीक्षा के कई दस्तावेज बरामद हुए. हालांकि पुलिस के डर से उसने मोबाइल फोन के डाटा को डिलीट कर सबूत मिटाने की कोशिश की लेकिन अब साइबर एक्सपर्ट डाटा रिकवरी में जुट गए हैं.

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बिहार रवाना हुई टीम
जूली पटना बिहार के थाना बहादुरपुर के वैष्णवी कॉलोनी संदलपुर की रहने वाली है. पिता सब्जी बेचते हैं. वहीं गैंग का सरगना पीके और डील कराने वाला विकास भी बिहार का है. ऐसे में वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने स्पेशल आफीसर्स की टीम बिहार रवाना कर दी है. आगे का एक्शन बिहार पुलिस की मदद से होगा.

क्या है वो हिंदू स्टडीज कोर्स जो बीएचयू ने शुरू किया है

क्या है वो हिंदू स्टडीज कोर्स जो बीएचयू ने शुरू किया है

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी ने जब इस साल हिंदू स्टडीज को लेकर मास्टर्स डिग्री कोर्स शुरू किया तो इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं भी हुईं. इस कोर्स में दाखिला लेने की तारीख तो बीत चुकी है लेकिन जानते हैं कि ये कोर्स है क्या औऱ यूनिवर्सिटी ने इसको क्यों शुरू किया.

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  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 11:25 IST
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बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) ने हाल ही में एक कोर्स शुरू किया है, जो इन दिनों खबरों में है. इस कोर्स का नाम है हिंदू स्टडीज. ये इसी साल के शैक्षिक सत्र से यूनिवर्सिटी में शुरू किया जा रहा है. ये कोर्स मास्टर्स डिग्री यानि एमए कोर्स होगा. इसे बीएचयू का भारत अधय्यन केंद्र की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स शुरू कर रहा है.

हालांकि हिंदू स्टडीज के हल्के फुल्के कोर्स तो अब तक कई संस्थाएं कराती रही हैं. लेकिन किसी विश्वविद्यालय ने पहली बार इस तरह का एक कोर्स तैयार किया है और एमए के स्तर पर इसकी पढाई होगी. माना जा रहा है कि ना केवल देश के छात्र बल्कि विदेशी छात्र भी इसे पढ़ने में दिलचस्पी दिखाएंगे.

दरअसल ये कोर्स प्राचीन भारत के गौरव से जुड़ा हुआ ज्यादा है. इसमें फिलास्फी, भाषा, परंपरा, धर्म, वैदिक परंपराएं सभी कुछ आ जाएंगे. इस कोर्स के जरिए छात्र भारतीय संस्कृति और हिंदूज्म से तार्किक दृष्टिकोण के साथ परिचित होंगे. इस कोर्स में बीएचयू के कई विभाग अपना योगदान देंगे.

इस कोर्स को क्यों शुरू किया गया
यूनिवर्सिटी का कहना है कि वो इस तरह के कोर्स पर लंबे समय से विचार कर रहे थे. अब इसे शुरू कर दिया गया है. इसकी जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि ऐसा कोई कोर्स कहीं इस तरह से नहीं था. क्रिश्चियन और इस्लामिक देशों में धर्म आधारित बहुत से कोर्स चलते रहते हैं लेकिन भारत में अब तक पूरी तरह तैयार किया गया ऐसा कोई कोर्स हिंदू स्टडीज को लेकर नहीं था.

बीएचयू के हिंदू स्टडीज कोर्स में रामायण और महाभारत समेत पुराणों और वेदों को शामिल किया गया है. (फाइल फोटो)

इसे कौन पढ़ सकता है
कोई भी इस कोर्स में दाखिल हो सकता है. इसके लिए ये जरूरी नहीं होगा कि उसको आर्ट्स का छात्र होना चाहिए. आईटी तकनीक से लेकर साइंस डिग्री लेने वाले भी इस पढ़ सकते हैं. ये दो साल का एमए होगा. 04 सिमेस्टर्स में 16 पेपर्स की पढ़ाई होगी. हालांकि इसके दाखिले की तारीख तो इस साल निकल चुकी है. इसकी आखिरी तारीख 07 सितंबर थी.

इसमें क्या पढ़ाया जाएगा
इसमें तत्व ज्ञान, धर्म, रामायण और महाभारत की प्रमन विधियां और अभ्यास, पुराण, प्राचीन भारत में संवाद परंपरा, संस्कृत और पश्चिमी देशों की हिंदू धर्म के प्रति उत्सुकता के नजरिए से भी इसे पढाया जाएगा. इस कोर्स में हिंदू फिलास्फी, तत्व मीमांस का गहन विश्लेषण, धर्म कर्म मीमांस और प्रमन मीमांसा जैसी बातें शामिल रहेंगी.संस्कृत भी इसमें शामिल रहेगी.इसमें प्राचीन भारत में सेना,सैन्यकला, सेना में महिलाएं, विज्ञान और रणनीति जैसे विषय भी रहेंगे.

पाठ्यक्रम के संचालन में मुख्य भूमिका फिलॉस्फी डिपार्टमेंट की होगी जो हिंदू धर्म की आत्मा, महत्वाकांक्षाओं और हिंदू धर्म की रूपरेखा के बारे में बताएगा. प्राचीन इतिहास और संस्कृति विभाग इसमें प्राचीन व्यापारिक गतिविधियों, वास्तुकला, हथियारों, महान भारतीय सम्राटों और उनके उपयोग में आने वाले उपकरणों के बारे में जानकारी देने की रहेगी. संस्कृत विभाग प्राचीन शास्त्रों, वेदों और प्राचीन अभिलेखों के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देगा.

क्या ऐसे कोर्स कहीं और भी पढाए जाते हैं
श्रीश्री यूनिवर्सिटी ने भी ऐसा ही कोर्स शुरू किया है. साथ ही आक्सफोर्ड में हिंदू स्टडीज केंद्र है, जिसमें कई तरह के ऐसे छोटे कोर्स वहां पढाए जाते हैं. जिसमें योग को भी शामिल किया गया है.

Varanasi News: बापू पर शोध,अध्ययन,पर्यटन का नया केंद्र होगा काशी विद्यापीठ जानिए क्या है पूरा प्लान

Varanasi News: बापू पर शोध,अध्ययन,पर्यटन का नया केंद्र होगा काशी विद्यापीठ जानिए क्या है पूरा प्लान

देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी (Kashi) जल्द ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatama Gandhi) के शोध,अध्ययन और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा.

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देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी (Kashi) जल्द ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatama Gandhi) के शोध,अध्ययन और पर्यटन का नया केंद्र बनेगी. इसके लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) विश्वविद्यालय ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है. काशी विद्यापीठ में बापू के कमरे को म्यूजियम बनाने के साथ ही उन पर शोध और स्पेशल शार्ट टर्म कोर्सेस की शुरुआत की जाएगी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने संस्कृति मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा है.

विश्वविद्यालय स्थित गांधी अध्ययन केंद्र के अलावा बापू के उस कमरे को भी म्यूजियम के तौर पर विकसित किया जाएगा,जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी काशी प्रवास के दौरान रहा करते थे. इसके अलावा पर्यटकों को गांधीवाद से गांधीगिरी तक की जानकारी गांधी अध्ययन केंद्र में ऑडियो वीडियो के माध्यम से दी जाएगी. अध्ययन पीठ की लाइब्रेरी को भी डिजिटल किया जाएगा. इन सब के बाद काशी विद्यापीठ नए कल्चरल हेरिटेज के तौर पर सामने आएगी.

सात दिन तक काशी विद्यापीठ में ठहरे थे बापू
युवा पीढ़ी को बापू के सादगी और संघर्षो से रूबरू कराने के लिए बापू के उस कमरे को म्यूजियम के तौर पर विकसित किया जाएगा, जहां विश्वविद्यालय के स्थापना के बाद 1934 में काशी प्रवास के दौरान बापू विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के एक कमरे में सप्ताह भर रुके थे.

पढ़ाए जाएंगे गांधी,शुरू होगा शोध और शार्ट टर्म कोर्स
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1921 में बनारस में जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी. 100 साल बाद उसी विश्वविद्यालय में उन्हें पढ़ाया जाएगा. काशी विद्यापीठ में छात्र जल्द ही महात्मा गांधी पर शोध के साथ ही स्पेशल शार्ट टर्म कोर्स भी कर सकेंगे. नए सत्र से इसकी शुरुआत हो सकती है. कुलपति प्रोफेसर ए के त्यागी ने बताया कि काशी विद्यापीठ को कल्चरल हेरिटेज के रूप में विकसित  किया जाएगा.

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