बाजवा से गले मिलने पर नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ वाराणसी में राजद्रोह का मामला दर्ज

वाराणसी के एसीजेएम-9 की कोर्ट में अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी की शिकायत पर धारा 121A, 124A और 511 के तहत मामला दर्ज हुआ है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 21, 2018, 3:33 PM IST
बाजवा से गले मिलने पर नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ वाराणसी में राजद्रोह का मामला दर्ज
फाइल फोटो
News18 Uttar Pradesh
Updated: August 21, 2018, 3:33 PM IST
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान जाकर इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करना और वहां के आर्मी चीफ कमर बाजवा से गले मिलना महंगा साबित हो रहा है. मुजफ्फरपुर, कानपुर के बाद अब वाराणसी में भी सिद्धू के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है.

वाराणसी के एसीजेएम-9 की कोर्ट में अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी की शिकायत पर धारा 121A, 124A और 511 के तहत मामला दर्ज हुआ है. अधिवक्ता त्रिपाठी ने अपने शिकायत में कहा है कि सिद्धू के पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष से गले मिलने पर देश के सैनिकों का मनोबल घटा है. साथ ही इससे पाकिस्तानियों का मनोबल बढ़ा है. एसीजेएम-9 की कोर्ट अब इस मामले में 23 अगस्त को अगली सुनवाई होगी.

इससे पहले  कानपुर कोर्ट में नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ ये परिवाद दर्ज हुआ है. पाकिस्तान जाकर वहां के सेना प्रमुख से गले मिलने पर ये परिवाद दर्ज कराया गया है. मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय हुई है. कानपुर के अधिवक्ता प्रियान्शू सक्सेना ने ये परिवाद दर्ज कराया है. सोमवार को सिद्धू पर बिहार के मुजफ्फरपुर में मुकदमा दर्ज हुआ. उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज कराया गया है. सीजेएम की अदालत में मुकदमा दर्ज कराते हुए याचिकाकर्ता अधिवक्‍ता सुधीर ओझा ने आरोप लगाया कि सिद्धू ने पाकिस्‍तान सेना प्रमुख से गले मिलकर भारतीय सेना का अपमान किया है.

उधर इमरान ख़ान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पर घिरे नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई दी है. उन्होंने पत्रकारों के बीच कहा, "इससे पहले भी शांति की कोशिशें हो चुकी हैं. दिवंगत वाजपेयी जी भी 'दोस्ती बस' लेकर लाहौर गए थे और मुशर्रफ को बुलाया था. पीएम मोदी ने शपथ समारोह में नवाज शरीफ को बुलाया था और अचानक लाहौर गए थे." उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान के दोस्त की हैसियत से वह पाकिस्तान गए थे और इसे बेवजह तूल देना गलत है.

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, "मुझे 10 बार इन्विटेशन मिला. इसके बाद मैंने भारत सरकार से इजाजत मांगी, मुझे इजाजत नहीं मिली और मैं इंतजार कर रहा था. पाकिस्तान सरकार के वीजा देने के दो दिन बाद सुषमा स्वराज जी ने मुझे खुद फोन किया और बताया कि आपको जाने की इजाजत है."

पाकिस्तानी आर्मी चीफ को गले लगाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के स्टेटमेंट पर सिद्धू ने कहा, "कांग्रेस के कई लोग इस मामले पर कैप्टन साहब से बात कर चुके हैं. यह लोकतंत्र है और हर किसी को अपने विचार रखने का अधिकार है."
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर