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वाराणसी में बनेगा देश का पहला ट्रांसपोर्ट 'संगम', अब रोप-वे से जा सकेंगे ऑफिस

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 16, 2019, 9:03 PM IST
वाराणसी में बनेगा देश का पहला ट्रांसपोर्ट 'संगम', अब रोप-वे से जा सकेंगे ऑफिस
वाराणसी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप मेंजल्द शुरू होगा रोप-वे

जल्द ही वाराणसी देश का पहला एसा शहर होगा जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में रोप-वे की शुरुआत होगी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को चमकाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. मोदी सरकार पार्ट-2 में इसकी रूपरेखा भी बन चुकी है. वाराणसी में जाम की समस्‍या से निपटना सबसे बड़ी चुनौती है. जिसका हल सरकार ने स्‍मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्‍मार्ट सर्विलांस सिस्‍टम और स्‍मार्ट पार्किंग के साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्‍लैटफार्म के तहत परिवहन ‘संगम’ से निकालने का फैसला किया है. जल्द ही वाराणसी देश का पहला ऐसा शहर होगा, जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में रोप-वे की शुरुआत होगी.

जाम से जल्द मिलेगा छुटकारा
इसके लिए केंद्र और योगी सरकार ने सभी विभागों को जल्‍द से जल्‍द प्‍लान सौंपने को कहा है. अफसर इन दिनों वाराणसी के विकास से जुड़ी दशक पुरानी धूल खा रहीं फाइलों को साफ कर उसका अध्‍ययन करने में जुटे हैं. जाम से छुटकारे के लिए कंप्रीहेंसिव मोबिलिटी प्‍लान के तहत परिवहन संगम स्‍थल राजघाट पुल के पास खिड़किया घाट पर बनाया जाना तय हुआ है.

वाराणसी से हल्दिया गंगा वाटर ट्रांसपोर्टेशन की होगी शुरुआत

प्रस्‍तावित संगम स्‍थल वाराणसी-चंदौली जीटी रोड, आउटर रिंग रोड फेज-3 और शहर में जाने के प्रमुख मार्ग से जुड़ा है. दूसरी ओर केंद्र सरकार के ड्रीम प्रॉजेक्‍ट वाराणसी से हल्दिया गंगा वाटर ट्रांसपोर्टेशन के तहत फेरी सर्विस के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. कुछ ही दूरी पर स्थित काशी रेलवे स्‍टेशन को अपग्रेड करने का काम शुरू हो चुका है. दुनिया की सबसे बड़ी रोप-वे निर्माता कंपनी ऑस्ट्रिया की डोपेलमेर ने सार्वजनिक परिवहन के लिए रोप-वे सेवा शुरू करने को भी राजघाट का ही रूट तय किया है. यहां इंटर मॉडल बस स्‍टैंड का भी प्रस्‍ताव है.

वाराणसी होगा पहला शहर
देश में पहली बार पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में रोप-वे की शुरुआत वाराणसी से होगी. विकास प्राधिकरण के नगर नियोजक मनोज कुमार ने रविवार को बताया कि ऑस्‍ट्रिया की कंपनी डोपेलमेर ने सर्वे करके पुरानी काशी के एक छोर राजघाट से मछोदरी, विश्‍वेश्‍वरगंज, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, सोनारपुरा, अस्‍सी, होते हुए दूसरे छोर अस्‍सी और बीएचयू तक का पहला रूट तय किया है. बीएचयू और कैंट से मलदहिया, लहुराबीर होते हुए मैदागिन तक का दूसरा रूट प्रस्‍तावित है. डोपेलमेर ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक रूट पर व्‍यवस्‍था शुरू करने को कहा है. रोप-वे प्रोजेक्‍ट मेट्रो से कई गुना सस्‍ता होगा. जहां मेट्रो के लिए एक किलोमीटर निर्माण पर 350 करोड़ की लागत आती है, वहीं रोप-वे और केबल कार में यह महज 50 करोड़ रुपये है.
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फेरी सर्विस के लिए बन रही पैसेंजर जेटी
गंगा की लहरों पर यात्री जहाज चलाने (फेरी सर्विस) के लिए गंगा वाटर हाइवे के पहले मल्‍टि-मॉडल वाराणसी टर्मिनल से लेकर राजघाट के बीच पैसेंजर जेटी (प्‍लैटफार्म) बनाने का काम शुरू हो गया है. इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्‍ल्‍यूएआई) की ओर से वाराणसी टर्मिनल के साथ ही अस्‍सी, ललिता और खिड़किया घाटों पर पैसेंजर जेटी का निर्माण कराया जा रहा है. आगे चलकर आधा दर्जन अन्‍य प्रमुख घाटों को भी इस सेवा से जोड़ा जाएगा. छोटे यात्री जहाज के लिए निजी कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है.

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First published: June 16, 2019, 8:34 PM IST
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