होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /

Varanasi: काशी के जूनियर साइंटिस्ट का कमाल, आर्मी के लिए तैयार किया एंटी अटैक सिस्टम, जानें खूबियां

Varanasi: काशी के जूनियर साइंटिस्ट का कमाल, आर्मी के लिए तैयार किया एंटी अटैक सिस्टम, जानें खूबियां

वाराणसी (Varanasi) के युवा वैज्ञानिक श्याम चौरसिया ने कमाल की डिवाइस तैयार की है .यह डिवाइस सरहद पर तैनात जवानों की सुरक्षा के साथ ही दुश्मनों पर गोलियों की बौछार भी कर सकता है. खास बात ये है कि इस डिवाइस के जरिए 1 किलोमीटर दूर से जवान अपने दुश्मनों पर गोलियां बरसा सकते हैं.

अधिक पढ़ें ...

हाइलाइट्स

सिस्टम के डेमो के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा है पत्र
प्रोटोटाइप को बनाने में 23 हजार रुपये हुए हैं खर्च

रिपोर्ट:अभिषेक जायसवाल

वाराणसी (Varanasi) के युवा वैज्ञानिक श्याम चौरसिया ने कमाल की डिवाइस तैयार की है. यह डिवाइस सरहद पर तैनात जवानों की सुरक्षा के साथ ही दुश्मनों पर गोलियों की बौछार भी कर सकता है. खास बात ये है कि इस डिवाइस के जरिए 1 किलोमीटर दूर से जवान अपने दुश्मनों पर गोलियां बरसा सकते हैं. श्याम चौरसिया इस डिवाइस को तैयार करने में बीते छः महीने से जुटे हुए थे और अब कबाड़ के सामानों से श्याम ने इसका प्रोटोटाईप मॉडल तैयार किया है जो रिमोर्ट के जरिए फायरिंग भी करता है.

श्याम चौरसिया ने इस डिवाइस का नाम ‘आर्मी एन्टी अटैक सिस्टम’ रखा है. श्याम ने बताया कि ये डिवाइस पूरी तरह से मानव रहित है जो दिन के साथ रात के अंधेरे में भी दुश्मन के पास आने पर कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी देगा. इसके अलावा इस डिवाइस के जरिए जवान कैमरे से टारगेट कर दुश्मनों पर गोलियां दाग सकते हैं.

रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम पर है आधारित
श्याम ने बताया कि ये डिवाइस टू वे कम्युनिकेशन सिस्टम पर आधारित है. जिसका एक हिस्सा कन्ट्रोल रूम में रहेगा और दूसरा हिस्सा कैम्प से एक किलोमीटर दूर रखा जा सकता है. जैसे ही इस डिवाइस के नजदीक किसी तरह की एक्टिविटी होती है ये तुरन्त रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम के जरिए कंट्रोल रूम में लगे डिवाइस को इसकी जानकारी देना शुरू करता है और कंट्रोल रूम में लगा सिस्टम बीप करना शुरू कर देता है. इसके बाद डिवाइस में लगे कैमरे की मदद से जवान उस एक्टिविटी को देख फायरिंग कर सकता है.

इन सामानों से किया तैयार
श्याम ने बताया कि इस डिवाइस का प्रोटोटाईप को तैयार करने में 21 हजार का खर्च आया है और इसे कबाड़ में फेंके गए सामानों से बनाया गया है. इसका वजन करीब 4 किलोग्राम है. श्याम ने बताया कि इसके डेमोस्ट्रेशन के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भी लिखा है. इसमे एक कैमरा, रेडियो किट, गियर बॉक्स, मोशन सेंसर, मेटल पाइप सहित अन्य चीजों का इस्तेमाल किया गया है.

Tags: UP latest news, Varanasi news

अगली ख़बर