Varanasi News: रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते गिरफ्तार हुआ युवक, खुद को बताया BHU का छात्र

वाराणसी में रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पकड़ा गया युवक

वाराणसी में रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पकड़ा गया युवक

Remedisivir Injection Black Marketing: वाराणसी के भेलुपर थाना के ककरमत्ता क्षेत्र में पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले युवक को गिरफ्तार किया. युवक का नाम सुनील पटेल है और उसकी उम्र मात्र 21 वर्ष है.

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वाराणसी. चंद पैसों के लिए कोरोना महामारी (Corona Pandemic) में कुछ लोग इंसानियत को शर्मशार कर रहे हैं. लगातार दवाओं की कालाबाजारी (Black Marketing of Medicines) की सूचना प्रदेश में आम बात हो चली है. लेकिन अब यूपी की पुलिस (Police) ने कालाबाजारियों के ऊपर नकेल कसना शुरू कर दिया है. ऐसा ही एक मामला पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) से आया है, जहां एक युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remedisivir Injection) को अवैध रूप से बेचते हुए पुलिस के गिरफ्त में आ गया. युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जब पूछताछ की तो इस इंजेक्शन के जमाखोरी की भी तस्वीर सामने आई.

वाराणसी के भेलुपर थाना के ककरमत्ता क्षेत्र में पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले युवक को गिरफ्तार किया. युवक का नाम सुनील पटेल है और उसकी उम्र मात्र 21 वर्ष है. भेलूपुर थानाअध्यक्ष अमित मिश्रा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक इंजेक्शन बेच रहा हैं. सूचना को गम्भीरता से लेते हुए जब हम मौके पर पहुचें तो युवक भागने लगा. ऐसे में उसका पीछा कर उसे पकड़ा. युवक से पूछताछ में पता चला कि युवक इस इंजेक्शन को 6 की संख्या में बहुत पहले ही खरीद के रख लिया था और अब तक 5 इंजेक्शन बेच चुका है. पुलिस अभी युवक से पूछताछ कर रही है ताकि कुछ और सुराग मिल सके.

15 हजार में बेचे पांच इंजेक्शन

पकड़ा गया युवक सुनील अपने आप को बीएचयू का छात्र बता रहा है. युवक के अनुसार वो वाराणसी के ही रोहनिया इलाके के गंगापुर क्षेत्र का रहने वाला है. सुनील का कहना है कि उसे ऑनलाइन क्लास के लिए रुपयों की जरूरत थी, इसलिए इंजेक्शन बेच रहा था. आरोपी युवक ने बताया कि प्रत्येक रेमडेसिविर इंजेक्शन उसने 15 हजार में बेचें हैं. हॉस्पिटल के बाहर खड़ा होकर वो मरीजों के परिजनों से बातचीत कर इंजेक्शन बेचा करता था.
गिरफ़्तारी के बाद ये बात तो तय हो गयी कि वारणसी में दवाओं की कालाबाजारी जमकर हुई है, लेकिन इस कालाबाजारी में जमाखोरी भी शामिल है. ऐसे में अब पुलिस और जिला प्रशासन को ऐसे कालाबाजारी करने वाले लोगों पर खुलकर कार्रवाई करनी चहिए, तभी कोरोना से लड़ाई में उनका प्रयास सार्थक होगा.
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