वाराणसी: गंगा की लहरों के बीच हाथ, पैर बांधकर तैरता है प्रमोद साहनी

प्रमोद के इस हुनर के चर्चे पूरी वाराणसी में मशहूर हैं, प्रमोद ने तैराकी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया है

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गंगा की लहरों में खुले हाथ और पैर के सहारे तैराकी का हुनर दिखाने वाले बहुत से तैराक आपने देखे होंगे लेकिन जरा सोचिये अगर आपके हाथ और पैर बांध दिए जाएं तो क्या आप तैर पाएंगे. नहीं न, लेकिन हम आपका परिचय वाराणसी के एक ऐसे तैराक से कराने जा रहे हैं जिनकी तैराकी अनोखी है.



यह शख्स गंगा की लहरों के बीच में हाथ और पैर बांधकर तैरता है. इतना ही नहीं यह तैराक अपनी पीठ पर एक पत्थर भी बांधता है. आप वीडियो में देख सकते हैं कि गंगा में चलाई जा रही नाव पर बैठकर अपने हाथ पैर में रस्सी बांध रहे इस तैराक का नाम प्रमोद साहनी है.



इस तैराक ने अपने हाथ पैर तो बांधे ही साथ में पीठ पर पत्थर भी बांध लिया और उतर गया गंगा में अपनी तैराकी का हुनर दिखाने. यह शख्स लगातार गंगा में तैराता रहा. लगभग सौ मीटर तक तैराकी कर गंगा के किनारे तक पहुंच गया. किनारे पर पहुंचने के बाद इस तैराक ने अपने हाथ और पैर खुलवाए और इसके बाद अपने इस काम के पीछे का संदेश भी बताया.





प्रमोद के इस हुनर के चर्चे पूरी वाराणसी में मशहूर हैं. प्रमोद ने तैराकी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी हासिल किया है और अब वाराणसी के लोग इनका नाम रेकार्ड में दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं. प्रमोद तैराकी के अपने हुनर को पूरे देश को दिखाकर हर तैराक को ये संदेश देना चाहते हैं कि इरादे अगर मजबूत हों तो लहरों को पार कर किनारे पहुंचना बहुत मुश्किल नहीं होता है.
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