ये है अनोखा बैंक, यहां जमा होता है पुण्य और कर्ज में मिलता है राम नाम

इस बैंक में बाकायदा कर्मचारी भी नियुक्त हैं और खाते भी खोले जाते हैं.
इस बैंक में बाकायदा कर्मचारी भी नियुक्त हैं और खाते भी खोले जाते हैं.

वाराणसी (Varanasi) में एक ऐसा अनूठा बैंक है जिसका रुपयों पैसे से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है. 93 सालों से चल रहे इस बैंक के लाखों खाताधारक हैं, लेकिन आज तक किसी ने एक भी रुपया यहां जमा नहीं किया. रुपये के नाम पर यहां जमा होता है पुण्य और कर्ज में मिलता है राम नाम. इस बैंक को राम रमापति बैंक कहा जाता है.

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वाराणसी. बैंक का नाम सुनते ही दिमाग में रुपये के लेन-देन का ही ध्यान आता है. लेकिन धर्मनगरी वाराणसी (Varanasi) में एक ऐसा अनूठा बैंक है जिसका रुपयों पैसे से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है. 93 सालों से चल रहे इस बैंक के लाखों खाताधारक हैं, लेकिन आज तक किसी ने एक भी रुपया यहां जमा नहीं किया. रुपये के नाम पर यहां जमा होता है पुण्य और कर्ज में मिलता है राम नाम. इस बैंक को राम रमापति बैंक कहा जाता है.

93 साल का हुआ बैंक

वाराणसी के विश्वनाथ गली में बना राम रमापति बैंक गुरुवार को 93 साल का हो गया. सैकड़ों की संख्या में इसके खाताधारक हैं. इस बैंक में रखी पोटलियों में रुपये नहीं, बल्कि राम नाम से लिखे कागजात हैं. जिनकी संख्या अरबों हो गई है. इस बैंक में बाकायदा कर्मचारी भी नियुक्त हैं. ये उपभोक्ताओं को खाता खुलवाने से लेकर अन्य कामों को करते हैं. बैंक में उपभोक्ताओं के लिए फॉर्म भी भरा जाता है, जिससे इस बैंक में राम भक्त को प्रवेश मिलता है. फॉर्म में पूरे नियम लिखे गए है. जिसमें रामभक्त का नाम और पते के साथ ही व्यक्ति को राम नाम के कर्ज का कारण भरना पड़ता है और साथ में अपनी मन्नत.



सवा लाख 'जय श्री राम' नाम का कर्ज दिया जाता है
बैंक के मैनेजर चंद्र कुमार मल्होत्रा बताते है कि बैंक में कर्ज के रूप में सवा लाख 'जय श्री राम' नाम का कर्ज दिया जाता है जिसे उपभोक्ता यानी राम भक्त को नियम के अनुसार भरना पड़ता है. इसके लिए बैंक भक्त को राम बुक से लेकर कलम तक मुहैया कराता है. इस बुक को ब्रह्म मुहूर्त में बिना मास-मदिरा के सेवन के साथ ही भरना होता है. ऐसा करने से इस राम नाम के कर्ज को पूरा कर इस बैंक में वापस जमा करने से ब्याज के रूप में उसकी मनोकामना पूर्ण होती है.

जमा है 1 अरब से ऊपर जम्हाई राम नामावली

बैंक में अब तक लाखो उपभोक्ता राम भक्त के रूप में बन चुके हैं. जिसके कारण इस बैंक में अब तक 1 अरब से भी ज्‍यादा राम नामावली जमा हो चुकी है. यहां राम भक्त हर वर्ष राम नवमी को अपना खाता खुलवाने आते हैं. भले ही इस वर्ष कोरोना के कारण ये बैंक बंद है, लेकिन इसकी आस्था और विश्वास इस आपदा के घड़ी में भी उतनी ही मजबूत है.

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