लाइव टीवी

कन्या भोज पर काशी के संतों की अनूठी अपील, भोजन गरीबों और दक्षिणा राहत कोष में दें
Varanasi News in Hindi

Upendra Dwivedi | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 2, 2020, 7:59 AM IST
कन्या भोज पर काशी के संतों की अनूठी अपील, भोजन गरीबों और दक्षिणा राहत कोष में दें
काशी के संतों की अनूठी अपील

वाराणसी के संतों ने देशवासियों से आह्वान किया है कि इस बार नवमी में कन्या भोजन और पूजन न कराएं. अपने ही घर की कन्याओं का पूजन करें और जो भोजन बनाया हो, उसे गरीबों को दें और दक्षिणा राहत कोष में दे.

  • Share this:
वाराणसी. जब कभी कोई मसला धर्म और विज्ञान के बीच फंसता है, तब-तब काशी (Kashi) नई नजीर पेश करती है. इस बार भी कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण 21 दिन के लॉकडाउन (Lockdown) के बीच काशी के संतों की ओर से नवमी (Ram Navmi) पर कन्या भोज को लेकर अनूठी अपील की गई है. वाराणसी के संतों ने देशवासियों से आह्वान किया है कि इस बार नवमी में कन्या भोजन और पूजन न कराएं. अपने ही घर की कन्याओं का पूजन करें और जो भोजन बनाया हो, उसे गरीबों को दें और दक्षिणा राहत कोष में दे.

संतों की बैठक के बाद किया गया ये आह्वान

वाराणसी में संतों की बैठक के बाद ये आह्वान किया गया. हाथों में स्लोगन लिखे कार्ड और शंखों की ध्वनि के बीच संतों ने अपील की है कि नवमी पर इस बार कन्या भोज कराने से बचें. इससे सोशल डिस्टेसिंग के नियम का उल्लंघन होगा. इसके लिए धर्म के मुताबिक, इस बार कन्या भोज तो बनाएं लेकिन कन्याओं को घर पर न बुलाएं. बल्कि जो भी भोजन बनाया है, उसे कन्या भोज का संकल्प लेकर गरीबों और बेसहारा लोगों के बीच बंटवा दें. यही नहीं, कन्याओं को जो दक्षिणा देनी है, उस दक्षिणा को प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करा दें. कोरोना के कारण 21 दिन के लॉकडाउन के बीच यही असली कन्या पूजन होगा.



नवमी का असल मकसद होगा हल



महामंडलेश्वर आशुतोषानंद गिरी महाराज ने कहा कि इस वक्त देश में कोरोना का संकट है. 21 दिन के लॉकडाउन के बीच अपने आधी लड़ाई जीत ली है और आधी बाकी है. धार्मिक मान्यता है कि जो भी लोग नौ दिन का व्रत रखते हैं, उन्हें नवमी को कन्या भोज कराना पड़ता है. लेकिन ऐसे हालात के बीच में कन्या भोज कराना उचित नहीं है. इसके बदले कन्या भोज का खाना गरीबों को और दक्षिणा की राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में देने से असल मकसद हल हो पाएगा. इस मौके पर दो कन्याओं ने भी अपील की. हाथो में जो स्लोगन लिखे कार्ड थे, उसमे लिखा था- सुखी रहेगी देश की कन्या, दूर करेगी दोष कोरोना. कन्या का करें कल्याण, घर में रहने दे मत करें आह्वान. इसके अलावा कन्या पर न आए संकट, रोके कोरोना करे न जमघट आदि नारे लिखे थे.

ये भी पढ़ें:

UP के 569 लोग निजामुद्दीन की तबलीगी जमात में गए थे, सभी किए गए क्वारेंटाइन

आगरा: युवक की आत्महत्या मामले में राज्यमंत्री उदयभान सिंह की बहू पर FIR

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए वाराणसी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 2, 2020, 7:59 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading