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वाराणसी: साधु-संतों ने किया फिल्म तांडव का विरोध, बुद्धि-शुद्धि यज्ञ के साथ CM योगी को लिखा पत्र

फिल्म तांडव के काशी में शुरू हुआ विरोध
फिल्म तांडव के काशी में शुरू हुआ विरोध

Varanasi News: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई तांडव फिल्म को लेकर बवाल शुरू हो गया है. बवाल की वजह है तांडव फिल्म का एक सीन है.

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वाराणसी. सैफ अली खान (Actor Saif Ali Khan) स्टारर बॉलीवुड फिल्म तांडव (Film Tandav) को लेकर एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया है. काशी के साधु-संतों ने फिल्म तांडव के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है और बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. फिल्म के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए काशी के संतों ने फिल्म निर्माताओं कलाकारों के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया. साथ ही फिल्म के पोस्टर को जलाया गया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से संतों ने फिल्म के कलाकारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

दरअसल, विवाद और बॉलीवुड फिल्मों का चोली दामन का साथ रहा है. एक बार फिर से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई तांडव फिल्म को लेकर बवाल शुरू हो गया है. बवाल की वजह है तांडव फिल्म का एक सीन है. फ़िल्म तांडव के इस सीन में स्टेज पर दो कलाकार आपस में एक ड्रामा कर रहे हैं, उसी दरमियान कलाकार जीशान अय्यूब के द्वारा एक डायलॉग बोला जाता है. इस डायलॉग में भगवान राम और भगवान शिव को लेकर के बातें की गई है. जिसमे कहा गया है कि भगवान राम आजकल डिमांड में है, महादेव आप कुछ करिये।

साधु-संतों ने किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञ 



इसके अलावा जेएनयू की तरह इस फ़िल्म में भी आज़ादी सम्बंधित नारे लागये गए हैं. जिसमें आपत्तिजनक बातें की जाती है.अब फिल्म का यह सीन विवाद की जड़ बनता जा रहा है. जैसे ही यह फिल्म रिलीज हुई फिल्म के इस हिस्से पर काशी के संतों की तरफ से विरोध के स्वर फूट पड़े. विरोध इतना ज्यादा है कि फिल्मी कलाकारों के खिलाफ बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया गया. साथ ही साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तत्काल इस पर कार्रवाई करने के लिए भी पत्र लिखा गया. फिल्म के इस सीन को लेकर रविदास घाट स्थित गिताम्बा तीर्थ एक मठ में साध्वी गीता मां के नेतृत्व में संत ने एक बैठक की.
आंदोलन की चेतावनी 

हवन कुंड में फिल्म के पोस्टरों की प्रति जलाने के बाद साध्वी गिताम्बा ने बताया कि हमेशा से बॉलीवुड में फिल्मी कलाकार हिंदू धर्म के आराध्य देवताओं का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन उनकी हिम्मत मुस्लिम या ईसाई धर्म को लेकर कभी नहीं होती है. फिल्म के इस सीन को लेकर हम संतों में बहुत आक्रोश है और अगर इस फिल्म पर रोक नहीं लगाई गई या कम से कम  इस सीन को नहीं हटाया गया तो काशी के संत आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे. उधर काशी के संतों के साथ स्थानीय लोगों ने भी इसका विरोध किया है.
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