वाराणसी: अब भगवान राम के लिए बाबा विश्वनाथ की नगरी से चांदी के पान भी भेजे गए
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वाराणसी: अब भगवान राम के लिए बाबा विश्वनाथ की नगरी से चांदी के पान भी भेजे गए
अयोध्या भेजा जा रहा बनारसी पान

Ayodhya Ram Mandir Nirman: ये पान वाराणसी के चौरसिया समाज की ओर से काशी विद्वत परिषद के मंत्री प्रोफ़ेसर रामनारायण द्विवेदी को भेंट किए गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 10:34 AM IST
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वाराणसी. अयोध्या (Ayodhya) में राम और काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) के बीच रिश्तों की डोर और भी मजबूत हुई है. अब भगवान राम (Lord Ram) के भव्य और दिव्य मंदिर के शिलान्यास में मशहूर बनारसी पान भी मौजूद होगा. बनारस से 5 चांदी के पान अयोध्या में शिलान्यास कार्यक्रम के लिए भेजे जा रहे हैं. ये पान वाराणसी के चौरसिया समाज की ओर से काशी विद्वत परिषद के मंत्री प्रोफ़ेसर रामनारायण द्विवेदी को भेंट किए गए. बता दें कि इससे पहले वाराणसी से ही राम मंदिर की नीव में स्थापित होने वाले शेषनाग, कछुआ, बेलपत्र, वास्तु देवता, पंचरत्न और चंदन तैयार कर अयोध्या भेजा गया हैं.

भव्य मंदिर निर्माण की तैयारियां तेज

श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में बनने जा रहे ब्रह्मांड नायक भगवान राम के भव्य मंदिर की तैयारियां तेज हो गई हैं. पीएम नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को मंदिर का भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे. खास बात ये है कि अयोध्या में भगवान राम के इस भव्य और दिव्य मंदिर का सबसे करीबी रिश्ता राम के अराध्य शिव से बनता दिख रहा है. शिव नगरी काशी के सांसद नरेंद्र मोदी मंदिर का भूमि पूजन करेंगे. भूमि पूजन कराने के लिए तीन आचार्य काशी से जा रहे हैं और अब भूमि पूजन में नींव के अंदर विराजित होने के लिए वाराणसी से ही सोने के शेषनाग, चांदी के कच्छप, चांदी के पांच बेलपत्र, सोने के वास्तुदेवता, सवा पाव चंदन और पंचरत्न जाएंगे. सभी बनकर तैयार हो गए हैं और काशी विद्वत परिषद के महामंत्री और बनारस हिंदू विश्वविदयालय के धर्म विज्ञान संकाय के प्रोफेसर डॉ रामनारायण द्विवेदी के साथ बीएचयू के ही प्रोफेसर विनय पांडेय और प्रोफेसर रामचंद्र पांडेय इनको लेकर अयोध्या पहुंचेंगे. जहां पीएम मोदी शिलान्यास में विधिवत पूजन अर्चन के साथ इन्हें राम मंदिर की नींव में स्थापित करेंगे. अब इस फ़ेहरिस्त में मशहूर बनारसी पान भी जुड़ गया है. खास बात ये है कि पहले इन सभी को बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया जाएगा. फिर प्रसाद स्वरूप ले जाकर अयोध्या में श्रीराम मंदिर की नींव में पीएम मोदी इसे स्थापित करेंगे.



पान हर शुभ कार्य में होता है इस्तेमाल
काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो राम नारायण द्विवेदी ने बताया कि पान हर शुभ कार्य में इस्तेमाल होता है. ख़ुद बाबा विश्वनाथ को भी पान का प्रसाद चढ़ाया जाता है. सोने के शेषनाग, चांदी के कच्छप, चांदी के पांच बेलपत्र, सोने के वास्तुदेवता, सवा पाव चंदन और पंचरत्न सब तैयार हो गया है. अब इन्हें बाबा विश्वनाथ को अर्पित कर प्रसाद के रूप में अयोध्या लेकर जाएंगे. प्रोफेसर राम नारायण दिवेदी ने इनका महत्व समझाते हुए बताया कि धरती शेषनाग पर टिकी है. खुद भगवान भी शेषनाग की शैय्या पर विराजते हैं. इसलिए सोने के शेषनाग को नींव के अंदर स्थापित किया जाएग. इसके अलावा कच्छप लक्ष्मी जी की सवारी है. इससे वह स्थान हमेशा जागृत और दिव्यता को प्राप्त करेगा और समुद्र मंथन पर भी भगवान ने कच्छप अवतार लेकर पर्वत को अपनी पीठ पर उठाया था. इसलिए उसकी भी मान्यता है. स्वर्ण वास्तु देवता एक वास्तु पुरुष है. इसलिए किसी भी नींव पूजन में इनके होने से वास्तु के सभी दोष खत्म हो जाते हैं. वहीं बेलपत्र और चंदन भगवान शिव को सबसे अधिक प्रिय है. इसके अलावा पंचरत्न और पंच औषधियों का भी नींव पूजन में बहुत महत्व है.
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