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    वाराणसी ट्रैफिक विभाग के कारण परेशान है सिख समुदाय, वजह जान कर रह जाएंगे हैरान

    सिख समुदाय को व्हीकल एक्ट में हेलमेट न पहनने की छूट मिली हुई है.
    सिख समुदाय को व्हीकल एक्ट में हेलमेट न पहनने की छूट मिली हुई है.

    वाराणसी ट्रैफिक विभाग (Varanasi Traffic Department) द्वारा गाड़ी चलाते समय हेलमेट न पहनने के वजह से सिख समुदाय (Sikh Community) के चालान काटे जा रहा हैं. यह बात आजकल चर्चा में बनी हुई है.

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    वाराणसी. उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी में ट्रैफिक विभाग (Varanasi Traffic Department)के कारनामे एक बार से हैरान किए हुए हैं. इनके द्वारा काटा गया चालान चर्चा का कारण बना है. ये चर्चा बनारस की गलियों में नहीं बल्कि सिख समुदाय (Sikh Community) के घर-घर में हो रही है. सिख समुदाय को मिले हुए चालान का कागज उन्हें ये सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर ऐसी गलती हुई भी तो कैसे हुई है. जबकि ट्रैफिक विभाग के आलाधिकारी वाराणसी में अपनी मुश्तैदी से पीठ थपथपा रहे हैं.

    ये है पूरा मामला
    मामला दरअसल ये है कि ट्रैफिक विभाग ने कुछ सिख समुदाय के काफी लोगों के यहां गाड़ी के चालान का कागज भेजा है और वो भी चालान उनकी गाड़ी के बीमा, पर्यावरण या फिर किसी अन्य कारण से नहीं बल्कि उन्हें हेलमेट न लगाने के कारण भेजा है. अब बनारस में रहने वाला सिख समुदाय ये सोच रहा है कि पगड़ी के ऊपर आखिर हेलमेट कैसे पहनें. जबकि देश के व्हीकल एक्ट में भी सरदारों को हेलमेट के लिए छूट दी गयी है.

    वाराणसी में चल रहा है ये अभियान
    दरअसल, वाराणसी में ट्रैफिक विभाग द्वारा हेलमेट पहनाने को लेकर पिछले 1 साल से अभियान चल रहा है. इस दरम्यान लॉकडाउन में ये अभियान और जोर पकड़ा, तो इस अभियान में हेलमेट के साथ मास्क भी जुड़ गया. फिर क्या था जब लॉकडाउन में सड़क पर ट्रैफिक का बोझ नहीं था, तो ट्रैफिक विभाग के जवान और पुलिसकर्मी चालान काटने में जुड़ गए, क्योंकि टारगेट भी पूरा करना था. ऐसे में सिर्फ अगर लॉकडाउन पीरियड की बात करें तो वाराणसी में लाखों लोगों के चालान कटे. हालांकि इन चलानों के लिए लॉकडाउन तोड़ने का हवाला दिया गया.



    बहरहाल नियम तो नियम है जो इसे तोड़ेगा उसी का चालान कटेगा, लेकिन अब सवाल ये उठता है कि दो पहिया गाड़ियों पर सरदार कैसे हेलमेट लगाए. क्योंकि उनकी पगड़ी उन्हें हेलमेट एडजस्ट करने की जगह नहीं देती है और तो और व्हीकल एक्ट में में सरदारों को हेलमेट के लिए छूट दी गयी है. अब ये बात चौराहों पर खड़े उन ट्रैफिक विभाग के पुलिसकर्मियों को कौन समझाए कि सामने पगड़ी पहन गाड़ी चलाना वाला व्यक्ति सरदार है, जो हेलमेट नहीं लगा सकता.

    ट्रैफिक विभाग द्वारा सरदार जगजीत सिंह (लक्सा निवासी) और बलबीर सिंह के घर ट्रैफिक विभाग द्वारा 1-1 हजार रुपये का चालान पहुंचा है और अब ये दोनों परेशान हैं कि पगड़ी उतार कर हेलमेट कैसे पहनें. इनका कहना है कि अक्सर चौराहों पर पुलिसकर्मियों द्वारा हमारी गाड़ी की फोटो खींचते हुए देखा जाता है. कई बार तो हमने जाकर कहा भी है कि हम सरदार हैं और हम हेलमेट नहीं पहन सकते, लेकिन बावजूद उसके ये चालान काट दिया गया है.

    एसपी ट्रैफिक ने कही ये बात
    जबकि इस मामले पर एसपी ट्रैफिक से न्यूज़ 18 के टीम ने बात की तो पहले तो उन्होंने कहा कि वाराणसी एक ऐसा शहर है जहां 100 प्रतिशत लोग हेलमेट पहनने लगे हैं. जब उनसे ये पूछा गया कि क्या इन लोगों में सरदार भी शामिल हैं तो उन्‍होंने सफाई देते हुए कहा कि ये गलतियां हो जाती हैं जिसे फिर बाद में सही कर दिया जाता है.
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