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why is life in danger after vaccine big claim in bhu riches

Corona News: वैक्सीन लेने के बाद भी खतरें में क्यों है जान! BHU की रिचर्स में हैरान करनेवाला खुलासा.

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सीरो सर्वे के तहत वाराणसी में 116 लोगों के सैंपल्स कलेक्ट कर उनका एंटीबॉडी चेक किया.लेकिन जब इसके रिपोर्ट सामने आए तो तथ्य चौकाने वाले थे.इस रिचर्स में ये बात सामने आई कि मौजूदा वक्त में सिर्फ 17 फीसदी लोग ही ऐसे हैं जिनमे हाइब्रिड एंटीबॉडी है.जबकि 30 फीसदी लोगों में एंटीबॉ

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    रिपोर्ट- अभिषेक जायसवाल,वाराणसी

    वाराणसी: कोरोना के चौथे लहर की आशंका के बीच बीएचयू (BHU) के वैज्ञानिकों की एक रिचर्स ने टेंशन बढ़ा दी है.बीएचयू में हुए इस रिचर्स में चौकानें वाला तथ्य सामने आया है.रिचर्स के बाद बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने ये दावा किया कि कोरोना (Corona) की वैक्सीन लगने के बाद भी करीब 30 फीसदी लोग ऐसे हैंजिनमें एंटीबॉडी (Antibody) पूरी तरह समाप्त हो चुकी है.जबकि 46 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी समाप्त होने की कगार पर है जो चिंताजनक है.

    प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि हाल में ही उनकी टीम ने सीरो सर्वे के तहत वाराणसी में 116 लोगों के सैंपल्स कलेक्ट कर उनका एंटीबॉडी चेक किया.लेकिन जब इसके रिपोर्ट सामने आए तो तथ्य चौकाने वाले थे.इस रिचर्स में ये बात सामने आई कि मौजूदा वक्त में सिर्फ 17 फीसदी लोग ही ऐसे हैं जिनमे हाइब्रिड एंटीबॉडी है.जबकि 30 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है.7 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बेहद कम है जबकि अगले कुछ दिनों में 46 फीसदी लोगों की एंटीबॉडी भी समाप्त होने की कगार पर है.

    90 फीसदी लोग हैं वैक्सिनेटेड
    खास बात ये है कि इनमें 90 फीसदी लोग ऐसे हैं जो पूरी तरह वैक्सिनेटेड हैं.प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि जब आबादी के करीब 70 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी खत्म हो जाती है तो कोरोना की अगली लहर के आने की संभावना बढ़ जाती है.प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि लोगों को इससे बहुत घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का पालन करना चाहिए जिससे वो इससे बच सकते हैं.

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