वाराणसी: कोरोना की अफवाह ने ईरान से लौटे युवक को कराया फरार घोषित, फिर क्या हुआ जानिए
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वाराणसी: कोरोना की अफवाह ने ईरान से लौटे युवक को कराया फरार घोषित, फिर क्या हुआ जानिए
केविन पीटरसन ने भारतीय फैंस को घर में ही रहने की सलाह दी है (सांकेतिक फोटो )

युवक फरार घोषित होने के बाद चुपचाप भागता हुआ वाराणसी (Varanasi) के दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पहुंचा और अपनी जांच कराई. टेस्ट के कुछ दिनों बाद उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई, तब जाकर उसने राहत की सांस ली.

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वाराणसी. कोरोना वायरस (Coronavirus) जितना खतरनाक है, उससे कम खतरनाक उसकी अफवाह नहीं है. शायद इसीलिए सरकार और अफसर लगातार इस बात की गुजारिश कर रहे हैं कि अफवाहों से बचें. बिना पुष्टि के किसी भी बात को सोशल मीडिया पर वायरल न करें लेकिन कुछ लोग अब भी नहीं मान रहे हैं. ऐसे ही कुछ लोगों की गलती एक युवक को इतनी भारी बीती कि उसे फरार घोषित होना पड़ा. यही नहीं, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम गाजीपुर से बनारस और बनारस से गाजीपुर तक उस फरार युवक को ढूंढते हुए चक्कर काटती रही.

दरअसल, बनारस का एक युवक ईरान में मर्चेंट नेवी में काम करता है. मूल रूप से युवक गाजीपुर का रहने वाला है. 11 फरवरी को वो अपने परिवार के पास बनारस आया था. इस बीच कोरोना की दस्तक देश में सुनाई देने लगी थी. कुछ दिनों बाद गांव के लोगों को पता चला कि युवक ईरान से आया हुआ लेकिन गांव में दिखाई नहीं दिया. इन्हीं आशंकाओं और अटकलों को जोड़ते हुए 3 दिन पहले गांव वालों ने उसके और कोरोना के बीच अफवाह की एक कहानी बुन दी. अफवाह फैल गई कि युवक को कोरोना है और वो घर से फरार हो गया है.

उड़ी अफवाह तो एजेंसियां हुईं सक्रिय, फरार घोषित
इसके बाद ये अफवाह लोगो से होते हुए गाजीपुर स्वास्थ्य महकमे तक पहुंच गई. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य महकमा एलर्ट हो गया और पुलिस को इसकी सूचना दे दी. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले गाजीपुर पहुंची तो वहां युवक नहीं मिला. फिर टीम बनारस के उसके घर आई तो यहां भी युवक नहीं मिला. परिजनों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ हुई तो किसी के पास उसकी जानकारी नहीं थी. जिसके बाद युवक को फरार घोषित कर दिया गया. फरारी के ऐलान के बीच पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तलाश करती रही.
घबराए युवक ने खुद कोरोना की जांच कराई और रिपोर्ट आई निगेटिव


अचानक ये सूचना युवक को मिली तो वो घबरा गया. घबराहट इतनी कि वो पुलिस से बचने लगा और चुपचाप भागता हुआ वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पहुंचा और अपनी जांच कराई. टेस्ट के कुछ दिनों बाद उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई, तब जाकर उसने राहत की सांस ली.

अभी भी लोगों की संदेह भरी नजरों से जूझ रहा है शख्स
लेकिन कहते हैं कि अफवाह का असर कई दिनो पीछा नहीं छोड़ता. युवक को रिपोर्ट आने के बाद भी आसपास के कुछ लोग संदेह की नजर से देख रहे हैं. बता दें कि युवक ईरान से हवाई यात्रा करके मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा और वहां से ट्रेन के जरिए बनारस पहुंचा था. फिलहाल अब युवक सामान्य लोगों की तरह है लेकिन एक अफवाह कैसे एक इंसान को परेशान कर सकती है, इस युवक की कहानी एक नजीर है. इसलिए सरकार का साथ दीजिए और बिना किसी तथ्य की पुष्टि किए बिना कोरोना की अफवाह फैलाने से बचिए.

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