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इटावा: इटावा में दिखा बाढ़ जैसा नजारा, नाला चोक होने से 50 से अधिक घरों में घुसा पानी

इटावा में नाला चोक होने से 50 से ज्यादा घरों में पानी भर गया.
इटावा में नाला चोक होने से 50 से ज्यादा घरों में पानी भर गया.

इटावा (Etawah) में नगर पालिका (Municipality) की लापरवाही के चलते एक नाला चोक हो गया. जिसके कारण 50 से अधिक लोगों के घरों में पानी घुस गया. इसके बाद नाले को खोलने के लिए नगर पालिका के सैकड़ों कर्मचारियों (Employees) को काम पर लगाया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2020, 10:48 PM IST
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इटावा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इटावा (Etawah) जिले में नगर पालिका की बड़ी लापरवाही के चलते मेवाती टोला में एक नाला चोक हो गया, जिसके कारण कड़कड़ती ठंड में करीब 50 घरों के अंदर पानी घुस गया. इसके बाद नगर पालिका (Municipality) ने चोक नाले को खुलवाने के लिए 3 पम्प, 4 जेसीबी मशीनों के अलावा नगर पालिका के सैकडों कर्मचारियों को लगाया गया.

पूस महीने में लोगों के घरों में नाले का पानी भरने से प्रशासनिक अफसरों में हडंकप मच गया. नाले के आसपास 50 से ऊपर घरों में पानी घुसने से लोग घरों में ही फसे रह गये. मेवाती मोहल्ले की रहने वाली सरीना बेगम ने बताया कि हम लोग सुबह 8 बजे से घर के बाहर हैं और घर जाने का कोई रास्ता नहीं है. ऐसे में जब तक नाले का पानी साफ नहीं हो जाता तब तक घर जाना संभव नहीं है.

इसी मोहल्ले के रहने वाले राशिद ने बताया कि आज सुबह 8 बजे से अरविंद पुल से होकर गुजरने वाला यह नाला चोक हो गया. बताया जा रहा है कि नाले में कचरा फंसने से यह चोक हुआ है. इसके कारण आसपास के मकानों में पानी भर गया. नाले का पानी जब सड़क पर आया तो लोग फंस गए. ना तो कोई घर से बाहर निकल सकता था और ना ही कोई सब्जी लेने बाजार जा सका. इसे नगर पालिका की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है.



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पालिकाकर्मी इस नाले में मना करने के बावजूद भी कचड़ा लाकर डालते थे, जिसके कारण ये समस्या खड़ी हो गई है. इस घटना के बाद लोगों ने नाराजगी जाहिर की है. लोग चैयरमेन से भी काफी नाराज दिखे. नाला चोक होने और लोगों के घरों में पानी घुसने की खबर पर एसडीएम सदर नाले को खुलवाने के लिए मौके पर पहुंचे. एसडीएम ने बताया कि चोक नाले को खुलवाने के लिए 3 पम्प, 4 जेसीबी मशीनों के अलावा नगर पालिका के लगभग सैकडों कर्मचारी लगे हैं.

तो वहीं बड़ा सवाल खड़ा होता है एक ओर साफ सड़कों पर झाड़ू लगाकर नगर पालिका स्वच्छ भारत का नारा देती है और दूसरी ओर इस तरह की जमीनी हकीकत सामने आने का बाद धरातल पर स्वच्छ भारत मिशन पूरी तरह फेल होता नजर आ रहा है.
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