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अजान को लेकर क्‍या कहता है कानून? जानें इसको लेकर क्‍या है सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले?

अजान को लेकर क्‍या कहता है कानून? जानें इसको लेकर क्‍या है सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले?

इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति  प्रो. संगीता श्रीवास्तव  ने मस्जिद के लाउडस्पीकर की तेज आवाज से हो रही परेशानी को लेकर डीएम प्रयागराज को कार्रवाई के लिए तीन मार्च को एक पत्र लिखा है.

इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने मस्जिद के लाउडस्पीकर की तेज आवाज से हो रही परेशानी को लेकर डीएम प्रयागराज को कार्रवाई के लिए तीन मार्च को एक पत्र लिखा है.

Uttar Pradesh News: कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने पत्र में कहा है कि रोज सुबह लगभग साढ़े पांच बजे मस्जिद में अजान होती है. अल्लसुबह मस्जिद के लाउडस्पीकर से गूंजने वाली अजान की आवाज से नींद में खलल पड़ रही है. अजान से उनकी नींद इस तरह बाधित हो जाती है कि उसके बाद तमाम कोशिश के बाद भी वह सो नहीं पातीं.

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    एहतेशाम खान

    इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की नींद में अजान ने खलल डाल दी है. कुलपति ने मस्जिद के लाउडस्पीकर की तेज आवाज से हो रही परेशानी को लेकर डीएम प्रयागराज को कार्रवाई के लिए तीन मार्च को एक पत्र लिखा है. कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव का यह पत्र सामने आने के बाद कोहराम मच गया है. कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ की पत्नी हैं और 15 मार्च से इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से अवकाश पर हैं. इससे पहले बालीवुड के मशहूर गायक सोनू निगम ने भी अजान को लेकर कुछ ऐसी बातें कही थीं, जिसके बाद देश भर में बड़ा बवाल मचा था. पत्र में कहा गया है कि क्लाइव रोड स्थित उनके आवास के पास में उस्मानिया मस्जिद है, जिसमें रोज सुबह लगभग साढ़े पांच बजे लाउडस्पीकर से गूंजने वाली अजान की आवाज से नींद में खलल पड़ रही है.

    जानें इस पर क्‍या कहता है देश का सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट....

    1. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2000 में एक फैसला दिया था. मामला था चर्च ऑफ गॉड बनाम केकेआर मैजेस्टिक कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन. इसमें चर्च पर आरोप था की वहां तेज आवाज में धार्मिक कार्यक्रम होते है, जिससे कॉलोनी के लोग परेशान है, इसलिए वहां से आने वाली आवाज को नियंत्रित किया जाए.

    सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि आवाज नियंत्रित होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि धर्म की आजादी किसी के मूल अधिकार का हनन नहीं कर सकती, जो लोग आवाज नही सुनना चाहते उन्हें सुनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. ध्वनि को नियंत्रित करने के लिए हर राज्य के अलग-अलग कानून हैं. यहां तक की राज्य के अंदर अलग-अलग इलाकों के लिए ध्वनि नियंत्रण के अलग-अलग नियम हैं. रिहायशी और इंडस्ट्रियल इलाके के लिए अलग सीमा है, लेकिन इस नियम का पालन नही होता है. पुलिस और आम लोगों को भी जानकारी काम है.

    2. इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला- पिछले साल मई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि अज़ान देना धार्मिक आजादी का अधिकार है, लेकिन माइक्रोफोन से अज़ान देना अधिकार नहीं है. इसलिए अज़ान बिना माइक के दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी तरह का कार्यक्रम तेज आवाज में करने के लिए लोकल अधिकारी से इजाजत लेनी होगी. अधिकारी आवाज की सीमा तय कर सकता है. बिना इजाजत के तेज आवाज में कोई भी कार्यक्रम नहीं हो सकता.

    क्‍या है कुलपत‍ि की श‍िकायत
    कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने पत्र में कहा है कि रोज सुबह लगभग साढ़े पांच बजे मस्जिद में अजान होती है. अलसुबह मस्जिद के लाउडस्पीकर से गूंजने वाली अजान की आवाज से नींद में खलल पड़ रही है. अजान से उनकी नींद इस तरह बाधित हो जाती है कि उसके बाद तमाम कोशिश के बाद भी वह सो नहीं पातीं. इस वजह से उन्हें दिनभर सिरदर्द बना रहता है और कामकाज भी प्रभावित होता है.

    पत्र में कहावत का भी जिक्र
    पत्र में एक पुरानी कहावत का भी उल्लेख किया गया है. उन्होंने लिखा है, 'आपकी स्वतंत्रता वहीं खत्म हो जाती है, जहां से मेरी नाक शुरू होती है.’ कुलपति ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी सम्प्रदाय, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं हैं. वह अपनी अजान लाउडस्पीकर के बगैर भी कर सकते हैं, ताकि दूसरों की दिनचर्या प्रभावित न हो.

    जांच के निर्देश
    कुलपति ने अपने इस पत्र की कॉपी कमिश्नर, आईजी और डीआईजी को भी भेजी है. डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने कहा कि कुछ दिनों पहले एक लेटर मिला था. मामले में संबंधित अधिकारी को जांच कर वैधानिक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने भी नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है.

    क्‍या कहना है प्रयागराज के आईजी का
    प्रयागराज के आईजी कविंद्र प्रताप सिंह का बयान कुलपति संगीता श्रीवास्तव का पत्र सामने आने के बाद आया है. आईजी प्रयागराज केपी सिंह का कहना है क‍ि उसे संज्ञान में लिया गया है. मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. आईजी का बयान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार रात 10:00 से सुबह 6:00 तक कोई लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं कर सकता. इसकी जांच की जाएगी अगर ऐसा होता है तो परमिशन लेकर ही हो सकता है नहीं तो एक्शन लिया जाएगा. आईजी ने कहा पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है, हाईकोर्ट और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

    क्‍या कहना है मौलानाओं का
    लखनऊ के शिया मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास ने कहा है क‍ि अजान सिर्फ 2 से 5 मिनट की होती है तो यह गलत आरती को भी कहना चाहिए वो भी तो सुबह होती है और शिक्षा से जुड़े लोग इस तरह की बात करते है यह तो बेहद अफसोस जनक है मुझे लगता है उनको अपनी यह दरख्वास्त वापस लेनी चाहिए.

    - मौलाना फिरंगी महली सुन्नी धर्मगुरु का बयान- 'प्रयागराज की कुलपति के बयान की मैं घोर निंदा करता हूं. हमारा देश गंगा जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है. यहां मस्जिदों से अजान और मंदिरों से कीर्तन की आवाज सुनाई देती है. हमारा देश ऐसा है जहां हर व्यक्ति एक दूसरे के धर्म की इज्जत करता है. एक साथ रहता है इसलिए मैं सबसे अपील करता हूं कि एक दूसरे के धर्म की रक्षा करें उनका सम्मान करें और ऐसी बातों पर ध्यान ना दें.' फिरंगी महली का कहना है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के हिसाब से मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं. उसका पालन किया जा रहा है और आगे भी किया जाएगा.

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    Tags: Allahabad Central University, Azan, Sangeeta Shrivastava, Uttar pradesh news

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