Home /News /uttarakhand /

उत्‍तराखंड में हर साल सड़क हादसों में जान गंवाते हैं 600 लोग

उत्‍तराखंड में हर साल सड़क हादसों में जान गंवाते हैं 600 लोग

उत्‍तराखंड में सड़क दुर्घटना की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर साल करीब छह सौ लोग सड़क हादसों के शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में संगीन वारदातों से भी ज्‍यादा सड़क हादसों में मौतें होती हैं।

उत्‍तराखंड में सड़क दुर्घटना की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर साल करीब छह सौ लोग सड़क हादसों के शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में संगीन वारदातों से भी ज्‍यादा सड़क हादसों में मौतें होती हैं।

उत्‍तराखंड में सड़क दुर्घटना की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर साल करीब छह सौ लोग सड़क हादसों के शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में संगीन वारदातों से भी ज्‍यादा सड़क हादसों में मौतें होती हैं।

उत्‍तराखंड में सड़क दुर्घटना की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर साल करीब छह सौ लोग सड़क हादसों के शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में संगीन वारदातों से भी ज्‍यादा सड़क हादसों में मौतें होती हैं।

राज्‍य के डीजीपी ने प्रदेश में बड़े वाहनों के हो रहे सड़क हादसों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दो पहिए वाहनों के दुर्घटनाग्रस्‍त होने के मामलों में कमी आई है, लेकिन बड़ी गाड़ियों के हादसे का शिकार होने की घटनाएं बढ़ी हैं।

खास तौर ऊधमसिंहनगर प्रदेश में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना वाला जिला बन गया है। जहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। साथ ही नैनीताल हरिद्वार और देहरादून जैसे जिलों की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है।

पुलिस महकमे के सामने जाम के साथ सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की सबसे बड़ी चुनौती है। क्‍योंकि प्रदेश के 146 थानों के ज्यादातर पुलिस जवान सड़क पर ही नजर आते हैं या तो वे जाम की स्थिति से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। या फिर सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जूझते नजर आते हैं।

डीजीपी का कहना है कि प्रदेश में पुलिस जवानों को सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए काफी संजीदगी के साथ काम करना होगा। क्‍योंकि चारधाम यात्रा के सीजन के मौके पर भारी संख्या में वाहन दर्जनों राज्यों से आते हैं प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों की सड़कों पर वे वाहनों को चलाने में निपुण नहीं होते हैं, इस वजह से भी प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसलिए पुलिस चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों को सुरक्षित भेजने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।

अब वाहन चालकों की पहले फिजिकल जांच कराने की तैयार की जा रही है। साथ ही रात्रि के समय वाहनों को चालने की वैसे पर्वतीय क्षेत्रों में प्रतिबंध है। ऐसे में पुलिस पूरी तरह से प्रदेश में यात्रा करने वाले या फिर वाहनों से का इस्तेमाल करने वालों को सुरक्षित यात्रा करने के लिए प्लान तैयार कर रही है।

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.

Tags: Harish rawat

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर