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PM मोदी के कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद डर हुआ दूर, टीका लगवाने के लिए लोग दिख रहे उत्साहित

पीएम मोदी के कोरोना वैक्सीन लगवाने बाद देश के लोगों में वैक्सील को लेकर जो डर था वह खत्म हो गया है.  (फोटो सभार- ANI twitter)

पीएम मोदी के कोरोना वैक्सीन लगवाने बाद देश के लोगों में वैक्सील को लेकर जो डर था वह खत्म हो गया है. (फोटो सभार- ANI twitter)

एक मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के द्वारा कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगवाने के बाद से देश के लोगों में वैक्सीन को लेकर डर पूरी तरह से खत्म हो गया है. अब लोग खुद वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 3, 2021, 10:39 PM IST
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प्रयागराज. देश में एक मार्च से कोविड वैक्सीनेशन (Covid Vaccination) के तीसरे चरण की शुरुआत हो चुकी है. इस चरण में 45 वर्ष से 60 वर्ष आयु वर्ग वाले ऐसे लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है, जो किसी गंभीर बीमारी (Serious Illness) से पीड़ित हैं और उन्हें संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है. इसके साथ ही 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को भी वैक्सीन लगाई जा रही है. एक मार्च को पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी वैक्सीन लगवाई थी.

पीएम मोदी के वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों में वैक्सीन लगवाने को लेकर अब डर पूरी तरह से खत्म हो गया है. लोग अब खुद वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं. हांलाकि वैक्सीनेशन की शुरुआत में फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स को जब वैक्सीन लगाई जा रही थी, उस समय भी लोगों के मन में स्वदेशी वैक्सीन लगवाने को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा था, लेकिन पीएम मोदी और दूसरे बड़े नेताओं के वैक्सीन लगवाने के बाद स्वदेशी वैक्सीन को लेकर लोगों के विहैवियर में भी बदलाव आया है.

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प्रयागराज में वैक्सीन के इंचार्ज एसीएमओ डॉ राहुल सिंह के मुताबिक पहले, जहां लोग चिकित्सकों से ये पूछते थे कि क्या उन्हें वैक्सीन लगवानी चाहिए. वहीं पीएम मोदी के वैक्सीन लगवाने के बाद अब लोग खुद डॉक्टरों से फोन करके यह पूछ रहे हैं कि उन्हें फलां बीमारी है और क्या वे वैक्सीन लगवा सकते हैं. एसीएमओ डॉ. राहुल सिंह के मुताबिक प्रयागराज में लगभग नौ लाख लोगों को बीस मार्च तक वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने उम्मीद जतायी है कि जिस तरह से लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है ये लक्ष्य जरूर पूरा होगा.
उन्होंने कहा है कि सरकार छूटे हुए फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स के लिए भी एक बार फिर से वैक्सीनेशन की शुरुआत करने जा रही है, जिससे छूटे लोग भी इसमें कवर हो जाएगे. एसीएमओ डॉ. राहुल सिंह के मुताबिक इस कैटेगरी का कोई भी व्यक्ति कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर वैक्सीन लगवा सकता है. इसके अलावा वॉक इन करते हुए वैक्सीनेशन सेंटर पर भी जाकर आधार कार्ड के आधार पर एड वेनीफिशरी के रूप में वैक्सीन लगवा सकता है. उनके मुताबिक अब कोविन 2.0 एप भी आ गया है. इसके जरिए भी रजिस्टेशन करके वैक्सीन सेंटर पर जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं.

एसीएमओ डॉ राहुल सिंह के मुताबिक शहर के सरकारी अस्पतालों में तेज बहादुर सप्रू बेली अस्पताल, जिला महिला चिकित्सालय डफरिन और मोतीलाल मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में नि:शुल्क कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है. इसके साथ ही साथ निजी क्षेत्र में यूनाइटेड मेडिसिटी में भी कोविड वैक्सीनेशन कराया जा रहा है. सरकारी अस्पतालों में जहां निशुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है, वहीं निजी अस्पताल ढाई सौ रुपए तक चार्ज कर सकते हैं. इसके लिए चिन्हित किए गए निजी अस्पतालों को सरकार डेड सौ रुपए की दर से वैक्सीन भी उपलब्ध कराएगी, जिसके बाद निजी अस्पताल पहले से पंजीकरण कराए लोगों को वैक्सीन लगा सकते हैं. प्रयागराज जिले में सीरम इंस्टीट्यूट पुणे की कोवीशील्ड वैक्सीन अब तक फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स को लगाई गई है. यही वैक्सीन अब तक जिले में अन्य लोगों को भी लगाई जा रही है.

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एसीएमओ डॉ राहुल सिंह ने कहा कि कई और निजी अस्पताल भी कोविड वैक्सीन लगाने के लिए आवेदन कर चुके हैं. जो‌ भी अस्पताल मानकों को पूरा करेंगे स्वास्थ विभाग उन्हें वैक्सीन लगाने की अनुमति देगा, जिसके बाद उन अस्पतालों में भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी.
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