Home /News /uttarakhand /

आजादी की लड़ाई में 'अल्मोड़ा जेल' का भी योगदान! यहां 2 बार भेजे गए थे जवाहरलाल नेहरू

आजादी की लड़ाई में 'अल्मोड़ा जेल' का भी योगदान! यहां 2 बार भेजे गए थे जवाहरलाल नेहरू

अल्मोड़ा

अल्मोड़ा जेल की स्थापना 1872 में हुई थी.

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दो बार इस जेल में लाया गया था.

    अल्मोड़ा स्थित जेल का बेहद शानदार इतिहास रहा है. इस जेल की स्थापना 1872 में अंग्रेजों ने की थी. कथित तौर पर इस जेल से अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी. भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दो बार इस जेल में लाया गया था. पंडित गोविंद बल्लभ पंत, खान अब्दुल गफ्फार खां, देवी दत्त पंत, आचार्य नरेंद्र देव, बद्री दत्त पांडेय, हर गोविंद पंत, विक्टर मोहन जोशी, सैय्यद अली जहीर और दुर्गा सिंह रावत समेत करीब 476 स्वतंत्रता सेनानी इस जेल में रहे थे, जिन्होंने आजादी की रणनीति बनाई थी.

    अल्मोड़ा जेल में जवाहरलाल नेहरु के द्वारा इस्तेमाल किया हुआ काफी सामान आज भी रखा हुआ है. नेहरू से संबंधित उनकी चारपाई, कुर्सी, चरखा और खाने के बर्तन जेल के वार्ड में रखे हुए हैं. इस वार्ड को नेहरू वार्ड नाम दिया गया है. करीब एक साल पहले नेहरू वार्ड का जीर्णोद्धार किया गया.

    जेल में जवाहरलाल नेहरू का पुस्तकालय भी मौजूद है, जहां उन्होंने अपनी किताब मेरी आत्मकथा के कुछ अंश लिखे थे. नेहरू वार्ड में भोजनालय कक्ष भी है. इस वार्ड को पर्यटन के लिहाज से खोले जाने के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन शासन से अभी तक का कोई जवाब नहीं आया है.

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर