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डेढ़ सौ बाद होगा अल्मोड़ा नगर पालिका का विस्तार या टल जाएगा

Kishan Joshi | News18India
Updated: October 12, 2017, 8:58 PM IST
डेढ़ सौ बाद होगा अल्मोड़ा नगर पालिका का विस्तार या टल जाएगा
Kishan Joshi | News18India
Updated: October 12, 2017, 8:58 PM IST
अल्मोड़ा नगरपालिका उत्तराखण्ड की सबसे पुरानी पालिकाओं में से एक है. इसके विस्तारीकरण को लेकर कई बार सवाल उठे और घोषणाएं हुईं लेकिन जनविरोध के कारण कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका. इस बार भी पालिका में 23 गांवों को शामिल करने का निर्णय लिया है जिसका विरोध तेज़ हो गया हैं.

अल्मोड़ा नगरपालिका की स्थापना 1864 में हुई और डेढ़ शताब्दी बीतने के बाद भी पालिका परिषद में कोई नया गांव नहीं जुड़ा. जब भी पालिका विस्तार की बात आती है लोगों को विरोध के आगे सरकारें अपने पांव पीछे खींच लेती हैं.

वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी लोगों से दुबारा विचार करने की बात करते हैं. इसके साथ ही अधिक बजट की दुहाई देते हैं.

अल्मोड़ा संसदीय सीट से सांसद और केन्द्र में राज्य मंत्री अजय टम्टा खुद अल्मोड़ा के दुगालखोला ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं वह भी नहीं चाहते हैं कि उनका गांव नगरपालिका में शामिल हो.

हालांकि पानी ही सरकार होने की वजह से वह खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे और जन सुनवाई के माध्यम से सरकार तक लोगों को बात पहुंचाने की बात कह रहे हैं.

ग्रामीण पिछले दो सप्ताह से पालिका के विरोध में गांधी पार्क में धरना दे रहे हैं. वह नहीं चाहते कि सरकार उन्हें पालिका में शामिल करें.

पिछले 150 साल से पालिका का विस्तार नहीं हुआ और नगर से लगी सभी ग्राम पंचायतें नगर की सुविधाएं ले रही हैं तो नगरपालिका खस्ताहाल है. जनसंख्या और क्षेत्रफल कम होने से बजट की कमी रहती है तो दूसरी तरफ ग्रामीणों का आंदोलन. अब अन्तिम फैसला सरकार के हाथ में हैं वह अपने निर्णय पर अडित रहती है या फिर ग्रामीण आंदोलन को लेकर अपने हाथ पीछे खींच लेती है.

 
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