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इस पोर्टल से प्रवासियों का सही डाटा जुटाएगा प्रशासन, पूछेगा- आप करना क्या चाहते हैं?

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में प्रवासियों की सही जानकारी जुटाने की कवायद की जा रही है. Demo Pic.

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में प्रवासियों की सही जानकारी जुटाने की कवायद की जा रही है. Demo Pic.

उत्तराखंड (Uttarakhand) के अल्मोड़ा जिले में 30 हजार से अधिक प्रवासी अपने घरों को लौट चुके है. अभी भी लगातार प्रवासी घरों को आ रहे है.

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अल्मोड़ा. उत्तराखंड (Uttarakhand) के अल्मोड़ा जिले में 30 हजार से अधिक प्रवासी अपने घरों को लौट चुके है. अभी भी लगातार प्रवासी घरों को आ रहे है. जिले के लोधिया, भुजान, मोहान और मोतियापाथर बैरियर के अनुसार 30 हजार प्रवासी लौटे है. लेकिन गांवों में इससे भी अधिक लोग पहुंचे है. अब जिला प्रशासन इनकी सही जानकारी के लिए एक पोर्टल बनाया है. जिस पर जिला प्रशासन ने पहले ही इन प्रवासियों की जानकारी को पंजीकृत किया है. इस पोर्टल के माध्यम से प्रवासियों के वापसी की सही संख्या और जानकारी मिलने का दावा किया जा रहा है.

जिले के नोडल अधिकारी एसके उपाध्याय का कहना है कि मई और जून माह से जिले में 30 हजार से अधिक प्रवासी अपने घरों को आये हैं, जिनके डाटा जिला प्रशासन ने बनाए हैं. अब जिले के 102 अधिकारियों को न्यायपंचायत स्तर पर तैनात किया गया है. जो एएनएम, आशा कार्यक्रत्री, आंगनबाड़ी के साथ मिलकर प्रवासियों के डाटा बनाएंगी. पहले तो प्रवासी जब बैरियर पर आ रहे थे, वह सिर्फ अपने क्षेत्र का ही नाम बता रहे थे. अब वह उस क्षेत्र के गांव की भी जानकारी देगें. साथ ही उनसे ये भी पूछा जाएगा कि वो क्या काम करना चाहते हैं?

रोजगार का भी इंतजाम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही जिले में मई जून में 30 हजार और मार्च अप्रैल में 10 हजार प्रवासी लौटकर आये है. वह क्या काम करना चाहते है. बताया जा रहा है कि इससे प्रशासन द्वारा प्रवासियों के रोजगार का भी इंतजाम किया जाएगा. इसके साथ ही यह भी तस्वीर साफ हो जायेगी की वाकई में जो सरकारी आंकड़े पोर्टल में नोडल अधिकारी ने दिया है, वह गांवों के प्रवासियों के साथ मिलान कर रहा है या सिर्फ खाना पूर्ति के लिए हुआ है. बता दें कि कई प्रवासी परेशान होकर अपने गांवों में लौटे हैं. वह मजबूरी में ही गांवों से मैदान की तरफ गये है. उसके बच्चें गांव में खेती का काम करते है. लेकिन अपना रोजगार नही होने के कारण नौकरी की तलाश में मैदान गया है. जिले के कई विभाग भी ऐसे लोगों का डाटा तैयार कर रहा है जो प्रवासी वापस लौट रहे है.

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