परिसीमन विरोध पहुंचा अब न्याय के देवता के दरबार में, ग्रामीणों ने दी एप्लीकेशन

मंदिर पहुंचे खत्याड़ी गांव के प्रधान हरीश कनवाल कहते हैं कि ग्रामीण कतई नगरपालिका में शामिल नहीं होना चाहते और इसलिए गोल्ज्यू के दरबार में प्रार्थना लेकर आए हैं.

News18 Uttarakhand
Updated: August 27, 2018, 6:57 PM IST
परिसीमन विरोध पहुंचा अब न्याय के देवता के दरबार में, ग्रामीणों ने दी एप्लीकेशन
अदालत में हार का सामना करने वाले पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों ने न्याय के देवता गोलू के दरबार में एप्लीकेशन लगाई है.
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Updated: August 27, 2018, 6:57 PM IST
उत्तराखंड में परिसीमन को लेकर विरोध अब भगवान की अदालत में पहुंच गया है. लंबे समय तक सड़क और अदालत में विरोध करने के बाद हार का सामना करने वाले पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों ने न्याय के देवता गोल्ज्यू के दरबार में एप्लीकेशन लगाई है. मान्यता है कि गोल्ज्यू मंदिर में लगाई फरियाद अनसुनी नहीं होती.

बता दें कि नैनीताल हाईकोर्ट ने कई गांवों के लोगों के परिसीमन का विरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के परिसीमन के आदेश को निरस्त कर दिया था लेकिन हाईकोर्ट की ही खंडपीठ ने एकल पीठ के फ़ैसले को पलट दिया था जिसके बाद परिसीमन लागू होने का रास्ता साफ़ हो गया था. इससे पहले लोगों ने धरने-प्रदर्शन कर परिसीमन का विरोध किया था.

अदालत के फ़ैसले के बाद हताश फरियादी अब अल्मोड़ा में स्थित न्याय के देवता गोल्ज्यू के दरबार पहुंच रहे हैं. ग्रामीणों को उम्मीद है जो फरियाद सरकार और कोर्ट में नहीं सुनी गई वह गोल्ज्यू भगवान के दरबार में ज़रूर सुनी जाएगी.

मंदिर पहुंचे खत्याड़ी गांव के प्रधान हरीश कनवाल कहते हैं कि ग्रामीण कतई नगरपालिका में शामिल नहीं होना चाहते और इसलिए गोल्ज्यू के दरबार में प्रार्थना लेकर आए हैं. कनवाल कहते हैं कि सरकार का यह फ़ैसला बहुत ग़लत है इसलिए इसे वापस लेना ही होगा. वह विश्वास जताते हैं कि गोल्ज्यू उनकी प्रार्थना ज़रूर सुनेंगे.

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