Uttarakhand: 2022 चुनाव से पहले कांग्रेस का नया दांव, मनीष खंडूरी को दी अहम जिम्मेदारी

कांग्रेस ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मनीष खंडूरी को नए रोल में प्रोजेक्ट किया है.

कांग्रेस ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मनीष खंडूरी को नए रोल में प्रोजेक्ट किया है.

Uttarakhand Assembly Election 2022: कांग्रेस ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Election 2022) से पहले मनीष खंडूरी (Manish Khanduri) को नए रोल में प्रोजेक्ट किया है. उन्हें कांग्रेस प्रोग्राम कमेटी का अध्यक्ष बनाया है. मनीष खंडूरी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के बेटे हैं.

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देहरादून. कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 (Uttarakhand Assembly Election 2022) के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. चुनाव से पहले प्रोग्राम को कैसे सफल बनाया जाए, इसके लिए कमेटी बनाई गई है. चुनाव से पहले होने वाला हर प्रोग्राम जनता को अपने साथ जोड़े, इसके लिए मनीष खंडूरी (Manish Khanduri)  के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई है. प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन कमेटी में गरिमा दसौनी, मथुरा दत्त जोशी, प्रदीप तिवारी, सुमित ह्रदयेश समेत कुल 9 नेताओं को जगह मिली है. 2019 में गढ़वाल सीट सेसांसद का चुनाव लड़ चुके मनीष खंडूरी को ये अहम ज़िमेदारी दी गई है, ताकि खंडूरी नाम कांग्रेस के भी काम आ सके.

जिला और विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी अपने काम मे जुट गए हैं. 2022 का चुनाव उत्तराखंड कांग्रेस के लिए इम्तिहान तो है ही, नए प्रभारी देवेंद्र यादव के प्रदर्शन का टेस्ट भी है. यादव ने राज्य, जिले औऱ विधानसभा क्षेत्रों तक के कार्यकर्ताओं को काम में लगा दिया है. आने वाले दिनों में प्रभारी देवेंद्र यादव खुद

जिलों का दौरा करेंगे. उससे पहले जिला, ब्लॉक और बूथ में क्या मूड है, उसी को भांपने के लिए उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव जुटे हैं. कांग्रेस के नए प्रभारी देवेंद्र यादव ने तीन माह पहले ही साफ कर दिया था कि पार्टी में वही रहेगा, जो काम करेगा क्योंकि मामला सिर्फ कार्यकर्ता को जगाने का नहीं, 2022 में कुर्सी

पाने का है.
कांग्रेस ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मनीष खंडूरी को नए रोल में प्रोजेक्ट किया है. उन्हें कांग्रेस प्रोग्राम कमेटी का अध्यक्ष बनाया है. मनीष खंडूरी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के बेटे हैं. गढ़वाल मेंकांग्रेस के पास कोई बड़ा चेहरा नहीं है. जानकार कहते हैं मनीष के बहाने कांग्रेस एक तरफ बीजेपी को असहज करना चाहती है और दूसरी तरफ उनको स्थापित करना चाहती है. मनीष के आलावा प्रोग्राम कमिटी में आठ मेंबर्स भी रखे गए हैं. लिस्ट में बड़े नेताओं - हरीश रावत, इंदिरा हृदयेश के कैंप को बराबर तवज्जो जो दी गई है.
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