होम /न्यूज /उत्तराखंड /उत्तराखंड के पहाड़ों में ये कैसा विकास? 10 साल में सिर्फ 3 किलोमीटर ही बन पाई सड़क

उत्तराखंड के पहाड़ों में ये कैसा विकास? 10 साल में सिर्फ 3 किलोमीटर ही बन पाई सड़क

अल्मोड़ा के एक गांव में सड़क करीब 10 साल पहले कट चुकी थी, पर डामरीकरण सिर्फ तीन ही किलोमीटर तक हो पाया है. ग्राम प्रधान ...अधिक पढ़ें

    रोहित भट्ट/अल्मोड़ा. उत्तराखंड के पर्वतीय जिले राज्य गठन के 22 साल बीत जाने के बाद भी विकास से कोसों दूर हैं. पहाड़ के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाएं आज भी लोगों की पहुंच से दूर हैं. अल्मोड़ा जिले की सड़कों की बात करें, तो यहां कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां सड़क तो काट दी गई है, पर अभी तक डामरीकरण नहीं हो किया गया है. अल्मोड़ा के होली एंजल से मेडिकल कॉलेज और विकास भवन तक पहुंचने वाली यह सड़क करीब 10 किलोमीटर की है. गरगूंठ गांव में आने वाली यह सड़क करीब 10 साल पहले कट चुकी थी, पर डामरीकरण सिर्फ तीन ही किलोमीटर तक हो पाया है. इस सड़क का हाल इतना बुरा है कि ग्रामीणों के पास गाड़ी होने के बावजूद भी वह गाड़ी न के बराबर लेकर जाते हैं. बारिश के समय इस सड़क का हाल और भी खराब हो जाता है. सड़क में कीचड़ और गड्ढे होने की वजह से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर इस सड़क पर आवाजाही करने को मजबूर हैं.

    ग्राम प्रधान गरगूंठ मुकेश कुमार ने बताया कि उनके गांव में 10 साल पहले यह सड़क कट चुकी थी, पर अभी तक डामरीकरण नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यह सड़क कई गांवों को जोड़ती है, जिसमें गरगूंठ, रेलापाली, रैखोली, भनार, तलाड़बाड़ी के इलाकों के करीब 8000 लोगों को एक उम्मीद थी कि उनके गांव को भी एक अच्छी रोड मिलेगी, पर 10 सालों से सिर्फ तीन ही किलोमीटर डामरीकरण हो पाया है.

    ग्रामीण राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस सड़क का हाल इतना खराब है कि यहां से लाने पर गर्भवती महिलाएं और बीमार हो जाती हैं. मरीजों को सड़क से नहीं बल्कि डोली या फिर पीठ पर लादकर ले जाया जाता है. सड़क में गड्ढे होने की वजह से गिरने का भी खतरा बना रहता है. स्थानीय युवा कमल बिष्ट बताते हैं कि वह गरगूंठ गांव के निवासी हैं. यहां के जितने भी युवा हैं, जो स्कूल पढ़ रहे हैं या फिर कॉलेज में पढ़ते हैं, वे आज भी इस खस्ताहाल सड़क की वजह से पैदल जाते हैं. गांव के लोगों के पास गाड़ी तो है, पर वे गाड़ी को कम ही चलाते हैं. बारिश के दिनों में इस सड़क पर जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जिससे गाड़ी ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कई बार लोग गड्ढे का अंदाजा न होने पर गिरकर चोटिल हो जाते हैं.

    वहीं प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि इस सड़क को पूरा करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है. जैसे ही प्रस्ताव पारित होता है और बजट मुहैया कराया जाता है, वैसे ही सड़क में डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

    Tags: Almora News, Uttarakhand news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें