आखिरकार मारा गया अल्मोड़ा का आदमखोर... दो हफ़्ते में दो बार गोली खाने के बाद भी नहीं आया था पकड़ में

क्षेत्र में गुलदार के आंतक से ग्रामीण भी परेशान थे और इसीलिए दो सप्ताह पहले गुलदार को आदमखोर घोषित किया गया था.
क्षेत्र में गुलदार के आंतक से ग्रामीण भी परेशान थे और इसीलिए दो सप्ताह पहले गुलदार को आदमखोर घोषित किया गया था.

भिकियासैंण में एक व्यक्ति को मारा था और दो लोगों को घायल किया था इस गुलदार ने

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अल्मोड़ा. मंगलवार की सुबह भिकियासैंण में आदमखोर गुलदार की तहशत खत्म हो गई. पिछले दो सप्ताह में आदमखोर गुलदार को दो बार गोली लेकिन फिर भी उसका कोई पता नहीं चल रहा था. चार दिन भी इस गुलदार को गोली मारी गई थी लेकिन वह फ़रार हो गया था. सोमवार देर शाम को भी मशहूर शिकारी लखपत रावत और उनकी टीम ने गुलदार को गोली मारी थी लेकिन वह फिर भाग गया. रात भर वन विभाग और शिकारियों ने उसके  ढूंढने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिला. सुबह गोली मारे जाने की जगह से कुछ ही दूरी पर आदमखोर गुलदार का शव बरामद हो गया जिससे ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है.

एक को मारा था, दो को किया था घायल 

अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र में आदमखोर गुलदार ने एक व्यक्ति को शिकार किया था और दो लोगों को गंभीर रूप से घायल किया था. इसके बाद ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित किया था और क्षेत्र में शिकारियों की टीम तैनात की थी.



रेंजर हरीश टम्टा ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार के आंतक से ग्रामीण भी परेशान थे और इसीलिए दो सप्ताह पहले गुलदार को आदमखोर घोषित किया गया था. इसके बाद क्षेत्र में दो टीमें शिकारियों की तैनाथ की गई थीं. मारे गई  मादा गुलदार की उम्र 13 वर्ष के आस-पास लग रही है. उन्होंने बताया कि गुलदार का पोस्टमार्टम करने के लिए अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर लाया जा रहा है.
दहशत में थे लोग 

स्थानीय निवासी रमेश सनवाल ने कहा कि जबसे गुलदार ने क्षेत्र में एक व्यक्ति को मौत के घाट उतारा था तबसे ग्रामीण दहशत में थे. लोग खेतों में काम करने में भी डर रहे थे. चारों तरफ भय का माहौल था. आज सुबह जब गुलदार को शिकारियों ने मारा उसके बाद से लोगों में डर कम हुआ है.

सुबह यह पता चलने के बाद कि आमदखोर गुलदार मारा गया है लोगों ने अपने खेतों में काम करने जाना शुरु किया.
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