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लॉकडाउन के बीच विदेशियों को भाया अल्मोड़ा, COVID-19 के डर से स्वदेश लौटने से किया इनकार

होटल एवं होमस्टे एसोशियसन के अध्यक्ष मोहन सिंह रायल का कहना है कि सभी विदेशियों से बात कही गयी है, लेकिन वे अपने देश में नहीं जाना चाहते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

होटल एवं होमस्टे एसोशियसन के अध्यक्ष मोहन सिंह रायल का कहना है कि सभी विदेशियों से बात कही गयी है, लेकिन वे अपने देश में नहीं जाना चाहते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

अल्मोड़ा (Almora) में अमेरिका, इटली, फ्रांस, जर्मनी और इजरायल सहित कई देशों के 70 से अधिक नागरिक ठहरे हुए हैं. सभी अपने आप को यहां पर सुरक्षित मान रहे हैं.

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अल्मोड़ा. उत्तराखंड में घूमने आए विदेशी नागरिक लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से पिछले कई दिनों से यहीं पर फंसे हुए हैं. ऐसे में यहां पर रहते-रहते कुछ विदेशी नागरिकों को अल्मोड़ा से काफी प्यार हो गया है. अब वे यहां की शांत एवं मनमोहक वादियों में ही अपने आप को सुरक्षित मान रहे हैं. इन पर्यटकों (Tourists) का कहना है कि कोरोना (COVID-19) संक्रमण के इस संकट में अपने देश वापस नहीं जाना चाहते हैं, क्योंकि यहां पर वे लोग ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, अमेरिका, इटली, फ्रांस, जर्मनी और इजरायल सहित कई देशों के 70 से अधिक नागरिक अल्मोड़ा के कसारदेवी क्षेत्र में अभी ठहरे हुए हैं. कहा जा रहा है कि अब ये विदेशी नागरिक वापस अपने देश नहीं जाना चाहते हैं. पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे के कहना है कि अल्मोड़ा के कसारदेवी क्षेत्र में 70 से अधिक विदेशी नागरिक अभी भी रह रहे है. उनके देशों द्वारा उन्हें बुलाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ये लोग अपने आप को यहां सुरक्षित मान रहे हैं. इससे पहले प्रशासन ने 60 विदेशियों को उनके देश भेजा था, जिसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट तक स्पेशल गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी. इसके बाद उनके देश से स्पेशल विमान उन्हें लेने के लिए आए थे.

लॉकडाउन के नियम पालन की अपील
कसारदेवी क्षेत्र के होटल एवं होमस्टे एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन सिंह रायल का कहना है कि यहां रुका हुआ कोई भी विदेशी नागरिक अपने देश नहीं लौटना चाहता है. वे यहां के रिजॉर्ट और होमस्टे में अपने आप को सुरक्षित मान रहे हैं. उन सभी लोगों से लॉकडाउन के नियम पालन करने को कहा गया है. जहां पर भी विदेशी रह रहे हैं, वहां सोशल डिस्टेंसिंग का खयाल रखा जा रहा है. एक कमरे में एक या फिर दो ही पर्यटकों को रखा गया है. रायल ने कहा कि पहाड़ की सुंदर और शांत वादियां और सामने चमकता हुआ हिमालय देख सभी का मन यहां रहने को चाहता है. आपको बता दें कि योग साधना के नाम से प्रसिद्ध कसारदेवी क्षेत्र सुरक्षित और शांत है. यही वजह है कि विदेशी नागरिक कोरोना संक्रमण के दौरान अपने देश नहीं लौटना चाहते हैं.

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