गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के लिए सरकार ने बढ़ाए कदम: रेखा आर्या

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा का कहना है कि वर्तमान सरकार के खाने के दांत और दिखाने के दांत कुछ और हैं. सरकार को गैरसैंण को जल्द से जल्द गैरसैंण को राज्य की राजधानी घोषित कर देनी चाहिए.

Kishan Joshi | News18 Uttarakhand
Updated: March 31, 2018, 2:44 PM IST
गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के लिए सरकार ने बढ़ाए कदम: रेखा आर्या
रेखा आर्या, राज्यमंत्री उत्तराखंड सरकार.
Kishan Joshi | News18 Uttarakhand
Updated: March 31, 2018, 2:44 PM IST
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान से राजनैतिक आस्था का केन्द्र रहा गैंरसैंण सियासतदारों के लिए फुटबाल की तरह रहा है. कभी भाजपा ने गैरसैंण को कांग्रेस के पाले फेंका तो कभी कांग्रेस ने भाजपा के पाले में गेंद लुड़काई. आम आदमी गैंरसैंण में ही राज्य की राजधानी के रूप में देखना चाहता है. सूबे के हुकमरान हर बार सदन में बैठकर इस विषय को टालते नजर आते हैं.

राज्य बनने के साथ ही उत्तराखण्ड की राजधानी गैरसैंण को बनाने की मांग होती रही है. पिछले दो दशकों में बारी-बारी से सत्ता में रहे भाजपा और कांग्रेस ने स्थायी राजधानी के लिए कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाया है. अब जनता सड़कों में है, ऐसे में भाजपा गैरसैंण को गीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कह रही है.

राज्य मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण में मिनी सचिवालय बनाने के लिए बजट का आवंटन किया जा चुका है.

रेखा आर्या ने कहा कि गैरसैंण में बुनियादी इंफ्रास्टेक्चर के निर्माण होने के साथ ही सरकार गैरसैंण के ग्रीष्मकालीन राजधानी  होने की घोषणा करेगी.

साल 2014 से गैंरसैंण में कैबिनेट और विधानसभा सत्र के बाद के आगाज के बाद एक बार फिर लोगों में उम्मीद जगी है. जनता अपने जनप्रतिनिधियों से गैरसैंण को स्थायी राजधानी चाहती है. आज विपक्ष में बैठी कांग्रेस भाजपा से गैंरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग कर रही है

प्रदेश के कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा का कहना है कि वर्तमान सरकार के खाने के दांत और दिखाने के दांत कुछ और हैं. उन्होंने कहा कि जब गैरसैंण में बुनयादी ढांचे का लगभग विकास हो चुका है, वहां विधानसभा भवन बन चुका है और सचिवालय का निर्माण हो गया है. सरकार को गैरसैंण को जल्द से जल्द गैरसैंण को राज्य की राजधानी घोषित कर देनी चाहिए.  उन्होंने कहा कि गैरसैंण को राज्य की राजधानी घोषित न करना राज्य के जनता के साथ कुठाराघात करना जैसा है.

राज्य बनने के 18 साल बाद भी राजधानी के मुद्दे पर जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है. सत्ता पाने के बाद कांग्रेस हो या फिर भाजपा स्थायी राजधानी के सवाल पर चुप्पी साधे नजर आते हैं.
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