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Uttarakhand Chunav: अल्मोड़ा की एक और सीट हुई दिलचस्प, कांग्रेसी गुरु की भाजपाई चेले से जंग

Uttarakhand Chunav: अल्मोड़ा की एक और सीट हुई दिलचस्प, कांग्रेसी गुरु की भाजपाई चेले से जंग

कांग्रेस ने कुंजवाल और भाजपा ने महरा को टिकट दिया है.

कांग्रेस ने कुंजवाल और भाजपा ने महरा को टिकट दिया है.

Uttarakhand Election : कई जगह दिलचस्प मुकाबले की खबरें आ रही हैं. विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के दौर में कहीं, एक ​ही परिवार के सदस्यों के अलग अलग पार्टियों के लिए चुनाव लड़ने की खबरें हैं, तो कहीं पति-पत्नी (Wife Contesting Against Husband) के एक ही सीट से. उत्तराखंड चुनाव के समय में अल्मोड़ा में एक और सीट पर दिलचस्प मुकाबला दिख रहा है. कई दशकों तक कांग्रेस में ही रहकर दोनों प्रत्याशियों (Congress & BJP Candidates) ने राजनीति की है और अब कांग्रेस बनाम BJP की जंग लड़ रहे हैं. दोनों के अपने दावे और आरोप हैं. जानिए तमाम रोचक डिटेल्स.

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अल्मोड़ा. अल्मोड़ा की सोमेश्वर सीट से सपा के टिकट पर बलवंत आर्य चुनाव मैदान में हैं, तो उनकी पत्नी मधुबाला निर्दलीय लड़ रही हैं. अल्मोड़ा में ही एक विधानसभा सीट जागेश्वर है, जहां भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच जंग​ दिलचस्प होने जा रही है. जागेश्वर सीट पर गुरु और चेले के बीच महामुकाबला होने जा रहा है. कांग्रेस ने एक बार फिर अपने दिग्गज नेता गोविन्द सिंह कुंजवाल को मैदान में उतारा है, तो कभी कांग्रेसी रहे मोहन सिंह महरा भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं. दोनों के बीच गुरु और चेले का बरसों का लंबा रिश्ता रहा है.

कुंजवाल और महरा दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में जाकर अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं और मज़े की बात यह है कि दोनों को एक दूसरे की मज़बूती और कमज़ोरी के बारे में पता भी है. जागेश्वर विधानसभा से कुंजवाल पांच बार विधायक रह चुके हैं और अब छठवीं बार नामांकन करने के बाद इमोशनल भी हो रहे हैं. इस बार वह वोटरों से यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि यह उनका आखिरी चुनाव है और वह आखिरी बार लोगों का साथ चाहते हैं. कुंजवाल जागेश्वर क्षेत्र में अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों के आधार पर वोट मांगते हुए दिख रहे हैं.

क्यों दिलचस्प है गुरु चेले की जंग?
कुंजवाल के पंच रत्नों में से मोहन सिंह महरा भी कभी एक कहे जाते रहे हैं, जो पहले चुनावों के दौरान उनका प्रचार कार्य संभालते रहे. फिर दोनों के बीच दूरियां पैदा होने लगीं. महरा 2019 के पंचायत चुनावों में बेटे के लिए ज़िला पंचायत अध्यक्ष का टिकट मांग रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने उनकी यह मांग पूरी नहीं की. तबसे महरा अपने सियासी गुरु कुंजवाल से अलग हुए और कुंजवाल पर लगातार ‘अपना राज’ चलाने के आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि कुंजवाल का दावा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका दिया, लेकिन महरा ने जनता से मुंह मोड़ लिया.

सीट पर बदलाव बनाम राज्य में बदलाव!
अब इस जंग में दोनों ही नेता बदलाव की बात कर रहे हैं, अंतर फलक का है. कांग्रेस के कुंजवाल का कहना है, ‘मेरे सामने प्रत्याशी भाजपा का है और भाजपा ने युवाओं के साथ छल किया है. महंगाई सहित कई मुद्दों पर जनता परेशान है और अब राज्य में परिवर्तन चाहती है.’ इधर, महरा कह रहे हैं, ’40 साल तक हमने साथ रहकर राजनीति की पर अब मैं भाजपा का प्रत्याशी हूं. कुंजवाल लगातार विधायक हैं और जनता अब जागेश्वर में बदलाव चाहती है.’

Tags: Uttarakhand Assembly Election, Uttarakhand politics

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