CM के आदेश के बाद भी कोसी इंटेकवेल की जांच नहीं हुई पूरी, पेयजल संकट बरकरार
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CM के आदेश के बाद भी कोसी इंटेकवेल की जांच नहीं हुई पूरी, पेयजल संकट बरकरार
कोसी इंटेकवेल

कोसी बैराज में 10 करोड़ की लागत से इंटेकवेल (Intekwell) बनाया. इंटेकवेल शुरू से ही विवादों में रहा है. इस बारे में डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चौहान (Deputy Speaker Raghu Nath Singh Chauhan) ) और भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल ने सीएम को पत्र लिखा है.

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अल्मोड़ा. उत्तराखंड के अल्मोड़ा नगर में वर्षों से ही पेयजल संकट (Water Crises) रहता है. कोसी बैराज में 10 करोड़ की लागत से इंटेकवेल (Intekwell) बनाया. इंटेकवेल शुरू से ही विवादों में रहा है. घटिया निर्माण को लेकर भाजपा और कांग्रेस में जमकर वाद-विवाद रहा है. इस बारे में डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चौहान (Deputy Speaker Raghu Nath Singh Chauhan) ) और भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल ने सीएम को पत्र लिखा है. इसके बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra singh Rawat) ने गुणवत्ता को लेकर साल भर पहले एसआईटी जांच के आदेश दिए थे.

2016 में 10 करोड़ की लागत से बना था इंटेकवेल

प्रदेश के अल्मोड़ा और पौड़ी जिले में सबसे अधिक पेयजल संकट रहता है. इस संकट को दूर करने के लिए अल्मोड़ा में 2016 में 10 करोड़ की लागत से इंटेकवेल का निर्माण किया गया था. वर्ष 2018 से जांच की बात शुरू हुई, तत्कालीन पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने भी इसका निरीक्षण किया और कहा था कि जल्दी ही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत गया है, अभी तक कोई भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आना कई सवाल खंड़े करता है.



जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आना चिंता की बात: डिप्टी स्पीकर
डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि जब मामला सामने आया था तभी सीएम से जांच की मांग की थी, लेकिन अभी तक जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आना चिंता की बात है. इसके लिए दुबारा से देखा जाएगा कि किस स्तर पर गलती हुई है.

दाल में कुछ तो काला है: पूर्व विधायक मनोज तिवारी

वहीं पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि जब बैराज और इंटेकवेल बन रहा था तब भाजपा ने खूब विरोध किया और घोटाले की बात कहकर इस मुद्दे को खूब उछाला था. इसके साथ ही भाजपा ने कहा था कि बैराज और इंटेकवेल की जांच की जाएगी. लेकिन कई साल बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई तो लग रहा है कि दाल में कुछ काला है.

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