उत्तराखंडः अल्मोड़ा में मंत्री के पति ने बंटवाया 'एक्सपायरी आटा', कांग्रेस के हमले पर BJP ने दी ये सफाई

रेखा आर्य के पति ने सोमेश्वर के कुछ गांवों में जो आटा बांटा उसके उपभोग का समय ख़त्म हो चुका था.
रेखा आर्य के पति ने सोमेश्वर के कुछ गांवों में जो आटा बांटा उसके उपभोग का समय ख़त्म हो चुका था.

कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि कोरोना (COVID-19) महामारी के बीच यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है. वहीं बीजेपी की तरफ से कहा गया कि बांटने वाले की नीयत देखनी चाहिए.

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अल्मोड़ा. जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और प्रदेश में राज्यमंत्री रेखा आर्य एक बार फिर विवादों में आ गई हैं. कोरोना (COVID-19) संकट के बीच उनके पति गिरधारी लाल साहू ने सोमेश्वर विधानसभा के लोद, रमेलडूंगरी, उतरौड़ा घुरदौड़ा, मवे, बड़गांव, बलौट आदि गांवों में आटा, चावल, राशन, मास्क, सेनेटाइज़र आदि वितरित किया लेकिन पांच 5 किलो के आटे के जो बैग ग्रामीणों को बांटे गए वह सभी बैग 2018 के थे, जिन्हें इस्तेमाल करने की समय सीमा (बेस्ट बिफ़ोर डेट) कब की समाप्त हो चुकी थी. जाहिर तौर पर जैसे ही यह बात सामने आई इससे हंगामा खड़ा हो गया.

थैली पुरानी, आटा नया! 

अल्मोड़ा के कुछ गांवों के इस मामले को लेकर देहरादून में भी राजनीति शुरू हो गई है. सरकार की एकमात्र महिला मंत्री से मामला जुड़ा होने को लेकर कांग्रेस ने इसे मुश्किल समय में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बताया है. वहीं बीजेपी को लग रहा है यह कोई बड़ा मामला नहीं है. पार्टी की ओर से कहा जा रहा है कि आटा नहीं, मदद करने वाले की नीयत देखनी चाहिए.



सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों तक के विरोध के बाद रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने संबंधित आटा मिल मालिक के हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र जारी कर दिया. इसमें कहा गया है कि कोरोना संकट के बीच मिल में नए बैगों की आपूर्ति नहीं हो पाई, इसलिए 2018 के कट्टों में ही नया आटा पैक किया गया.
राजनीति पर मंत्री रेखा आर्य खामोश 

पुरानी डेट के पैक में नया आटा बंटवाने की बीजेपी की दलील पर कांग्रेस को विश्वास नहीं है. कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है. संबंधित आटे की सैंपलिंग कर प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी का कहना है कि गिरधारी लाल साहू की नीयत साफ थी, फिर भी इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.

इस संबंध में मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. न्यूज़ 18 के कई बार फोन करने के बावजूद राज्य मंत्री रेखा आर्य ने फोन नहीं रिसीव किया.

कांग्रेस ने पहले भी उठाए हैं मामले

आपको बता दें कि इससे पहले भी कांग्रेस, भाजपा पर आरोप लगाती रही है कि वह प्रधानमंत्री के नाम से मोदी किट बांटकर राजनीति कर रही है. कांग्रेस का यह भी आरोप था कि प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग और तमाम मानकों की दुहाई देकर कांग्रेस को राशन वितरित नहीं करने दे रहा है. लेकिन भाजपा नेताओं को इसकी छूट दी गई है. ऐसे में इस मामले के ठंडा पड़ने की फिलहाल गुंजाइश नज़र नहीं आती.

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