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उत्तराखंड: रिस्पना पुनर्जीवन अभियान ने जगाई उम्मीदें, अब 15 अन्य नदियों के उद्धार की भी तैयारी

प्रदेश सरकार ने रिस्पना के साथ ही 2017 में अल्मोड़ा की कोसी नदी के पुर्नजीवन का अभियान भी शुरू किया था.

प्रदेश सरकार ने रिस्पना के साथ ही 2017 में अल्मोड़ा की कोसी नदी के पुर्नजीवन का अभियान भी शुरू किया था.

राजधानी देहरादून (Dehradun) में आबादी क्षेत्र से होकर बहने वाली रिस्पना का स्वरूप बदलता देख सरकार अब प्रदेश में सर्वाधिक प्रदूषित और मृतप्राय हो चुकी पंद्रह अन्य नदियों की दशा सुधारने के लिए भी अभियान शुरू करने वाली है.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में नवंबर 2017 में शुरू किया गया रिस्पना नदी (Rispana River) के पुर्नजीवन का अभियान परवान चढ़ने लगा है. राजधानी देहरादून (Dehradun) में आबादी क्षेत्र से होकर बहने वाली रिस्पना का स्वरूप बदलता देख सरकार अब प्रदेश में सर्वाधिक प्रदूषित और मृतप्राय हो चुकी पंद्रह अन्य नदियों की दशा सुधारने के लिए भी अभियान शुरू करने वाली है. मसूरी से लेकर देहरादून तक 28 किलोमीटर लंबी रिस्पना नदी जैसे-जैसे आबादी क्षेत्र में प्रवेश करती है, नदी गंदे नाले में तब्दील हो दम तोड़ती हुई नजर आती है. कभी यही रिस्पना अपने पूरे वेग में बहा करती थी. लेकिन, अतिक्रमण और गंदगी के चलते धीरे-धीरे रिस्पना गंदे नाले में कन्वर्ट हो गई.

नवंबर 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पहल पर रिस्पना के पुर्नजीवन के लिए अभियान शुरू किया गया. नदी के दोनों तटों पर बंजर हो चुकी भूमि पर वन विभाग, स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से वृहद अभियान चलाकर करीब ढाई लाख पेड़ लगाए गए. इसके उद्वार की जिम्मेदारी देहरादून वन प्रभाग और मसूरी वन प्रभाग को दी गई. करीब ढाई साल का समय हो चुका है. रिस्पना में इसके पॉजीटिव रिजल्ट मिलने लगे हैं. नदी के निर्जन तट पर अब जंगल खड़ा हो रहा है. देहरादून वन प्रभाग के डीएफओ राजीव धीमान रिस्पना के किनारे खड़े हो चुके जंगलों को देखकर बेहद उत्साहित हैं. धीमान और उनकी टीम ने एक चैलेंज लेकर इस पर दिन रात काम किया था.

इसके भी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं
देहरादून वन प्रभाग ने रिस्पना के किनारे चार जगहों पर साढ़े दस हजार पौधे लगाए थे. धीमान के अनुसार इन सभी जगह पर पौधेां का सर्वावाइल रेट शत प्रतिशत है. इन्हीं में से एक स्पॉट मौथरोवाला में जब न्यूज 18 की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो यहां हरा भरा जंगल खड़ा हो चुका है. इससे पूरी पारिस्थितिकी ही यहां रिजुवनेट हो गई. नदी किनारे कई प्रकार के पक्षी आपको नजर आ जाएंगे, ये इस बात का भी संकेत है कि पानी की क्वालिटी में अब सुधार हो रहा है. धीमान के अनुसार यहां सोईल टेस्टिंग भी कराई गई है , इसके भी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं.

 डिस्चार्ज बढ़ने की संभावना बन गई है
डीएफओ मसूरी कहकशा नसीम बताती हैं कि प्लांटेशन के बाद नदी के कैचमेंट एरिया में सागरताल में नया जल स्रेात भी डेवलेप हुआ है.  इधर, कैरवान गांव क्षेत्र में नदी के तटों पर लगाए गए पेड़ों पर तो फ्रूटिंग तक शुरू हो गई है. ईकोलॉजी का रिस्टोर होना अभियान की सफलता है. इससे स्वाभाविक तौर पर रिस्पना का वाटर डिस्चार्ज बढ़ने की संभावना बन गई है.

कूड़ा सीधा नदी में न फेंका जा सके
रिस्पना के पुर्नजीवन अभियान की मॉनेटियरिंग कर रहे देहरादून के डीएम आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि फर्स्ट फेज की सफलता के बाद अब हम सेकिंड फेस शुरू करने जा रहे हैं. इसके तहत रिस्पना में गिरने वाले शहर के गंदे नालों को टेप करने की कार्रवाई शुरू की गई है. आबादी क्षेत्रों में रिवर ट्रेनिंग का काम भी शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. नदी में जो कचरा है उसको एक बार निकाला जाएगा. इसके अलावा आबादी क्षेत्रों में नदी के दोनों तटों पर नेट लगाने की प्लानिंग भी की जा रही है. ताकि, कूड़ा सीधा नदी में न फेंका जा सके.

19 करोड़ रुपये का प्रावधान किया
प्रदेश सरकार ने रिस्पना के साथ ही 2017 में अल्मोड़ा की कोसी नदी के पुर्नजीवन का अभियान भी शुरू किया था. इसके पॉजिटिव रिजल्ट से उत्साहित हो सरकार इसी साल बीस करोड़ की लागत से प्रदेश की सबसे प्रदूषित छह नदियों सुसवा, कल्याणी, ढेला, भेला, पिलाखर और  नंधौर के पुर्नजीवन अभियान शुरू करने जा रही है. कैंपा मद से इसके लिए धनराशि भी जारी हो चुकी है. कैंपा के सीईओ जेएस सुहाग का कहना है कि इसके अलावा मृतप्राय हो चुकी नौ अन्य नदियों हेवल, खोह, मलान, छिपरा, कलसा, गरूड गंगा, गंडक, कोसी और रायगढ़ के पुर्नजीवन के लिए भी अभियान चलाने की योजना बनाई गई हैं. इसके लिए फर्स्ट फेज में कैंपा के तहत 19 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है.

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School Reopen: उत्तराखंड में इस दिन से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, इन नियम शर्तों का करना होगा पालन

School Reopen: उत्तराखंड में मंगलवार से प्राइमरी स्कूल खुलेंगी.

School Reopen: स्टूडेंट्स की अधिक संख्या को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. स्कूल में सोशल डिस्टनसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इस दौरान स्टूडेंट्स पर स्कूल आने का दबाव नहीं रहेगा और ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में पढ़ाई जारी रहेगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 10:01 IST
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देहरादून. School Reopen: उत्तराखंड में प्रदेश सरकार ने तकरीबन 2 साल बाद प्राइमरी क्लास के स्कूलों को खोलने का फैसला किया है. प्राइमरी क्लास के स्कूल मंगलवार 21 सितंबर से खोले जाएंगे. इसको लेकर सरकार ने एसओपी जारी कर दी है. सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि कोविड नियम एवं शर्तों के साथ क्लास 1 से 5 तक के स्कूल खोले जा सकेंगे और कोविड नियमों के तहत स्कूल के टाइमिंग में बदलाव भी किए जा सकेंगे. ऑनलाइन क्लास के लिए पेरेंट्स को समय स्कूल को बताना होगा.

इसके साथ ही स्टूडेंट्स की अधिक संख्या को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. स्कूल में सोशल डिस्टनसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इस दौरान स्टूडेंट्स पर स्कूल आने का दबाव नहीं रहेगा और ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही मोड में पढ़ाई जारी रहेगी. खास बात यह है कि स्कूल में मिड डे मील नहीं बनाया जाएगा इस दौरान भोजन माता स्कूल आएंगी और स्कूल में सैनिटाइजेशन का काम करेंगी. स्कूल खुलने के पहले और छुट्टी के बाद दोनों समय सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा.

नोडल अधिकारी देखेंगे स्कूलों की व्यवस्था
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शुक्रवार को ही शिक्षा सचिव को स्कूल खोलने को लेकर निर्देश दिए थे जिसके अंतर्गत शनिवार को शिक्षा सचिव राधिका झा ने आदेश जारी करते हुए स्कूल खोलने पर s&op जारी कर दी है. स्कूल में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे जो स्कूल की व्यवस्थाओं की तमाम जिम्मेदारियों को देखेंगे.

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Uttarakhand: 21 सितंबर से बजेगी प्राइमरी स्कूलों की घंटी, सरकार ने जारी की एसओपी

उत्तराखंड: 21 सितंबर से बजेगी प्राइमरी स्कूलों की घंटी.

Uttarakhand News: उत्तराखंड में 21 सितंबर मंगलवार से प्राइमरी क्लास के स्कूल खुलने जा रहे हैं. इसको लेकर सरकार ने शनिवार को एसओपी जारी कर दी. स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. स्कूल के टाइमिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं.बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं होगा.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में 21 सितंबर मंगलवार से प्राइमरी क्लास (primary class) के लिए भी स्कूल खुलने जा रहे हैं. इसको लेकर सरकार ने शनिवार को एसओपी SOP जारी कर दी है. नियम शर्तों के साथ क्लास 1 से 5 तक के स्कूल खोले जा सकेंगे, कोविड नियमों के तहत स्कूल की टाइमिंग में बदलाव किए जा सकेंगे, वहीं स्टूडेंट्स के नम्बर को देखते हुए दो शिफ्ट में प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा सकते हैं. इसके अलावा दोनों ही मोड में ऑफलाइन और ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाएगी.

मिड डे मील को लेकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है. इसमें अब स्कूल में मिड डे मील नहीं बनाया जाएगा, वहीं भोजन माता स्कूल में आएंगी. वह भोजन तैयार करने की बजाय स्कूल में सैनेटाइजेशन का काम करेंगी. स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ाई करवाई जाएगी. इसके अलावा स्कूल खुलने के पहले और छुट्टी के बाद दोनों समय सैनेटाइजेशन करवाया जाएगा. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शुक्रवार को ही शिक्षा सचिव को स्कूल खेल खोलने को लेकर निर्देश दिए थे. शनिवार को शिक्षा सचिव राधिका झा ने आदेश जारी करते हुए स्कूल खोलने पर एसओपी जारी कर दी.

पेरेंट्स पर नहीं होगा कोई दबाव

किसी भी पेरेंट्स को अपने बच्चे को स्कूल दबाव नहीं बना सकता है. स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. इसके अलावा स्कूल के टाइमिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं. भोजन माताएं बच्चों के हाथ साफ कराने की जिम्मेदारी संभालेंगीं. स्कूल में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे जो स्कूल की व्यवस्थाओं की तमाम जिम्मेदारियों को देखेंगे. ऑनलाइन क्लास के लिए पेरेंट्स को समय स्कूल को बताना होगा.

Uttarakhand: हल्द्वानी में केजरीवाल रविवार को करेंगे रोड शो, बड़ी घोषणा की उम्मीद

सीएम केजरीवाल 19 स‍ितंबर को उत्‍तराखंड का दौरा करेंगे. (File Photo)

Tringa Sankalp Yatra : आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हल्द्वानी पहुंच कर तिरंगा संकल्प यात्रा में शामिल होंगे. वे हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर चुनाव को लेकर कोई बड़ा वादा कर सकते हैं.

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देहरादून. आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कल यानी 19 सितंबर को हल्द्वानी आएंगे. यह उत्तराखंड में केजरीवाल का तीसरा दौरा होगा. इससे पहले वे अपने दो दौरों में राजधानी देहरादून पहुंचे थे, पहली बार वे कुमाऊं की हल्द्वानी पहुंच कर अपनी आगामी रणनीति पर बात करेंगे. हल्द्वानी दौरे के में वे रोड शो करेंगे और कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे. आप का हर कार्यकर्ता केजरीवाल के दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि वे हल्द्वानी में प्रेस वार्ता कर चुनाव को लेकर कोई बड़ा वादा कर सकते हैं. अपने पहले दौरों के दौरान भी अरविंद केजरीवाल फ्री बिजली के मुद्दे पर घोषणा कर चुके हैं. उत्तराखंड की जनता के साथ-साथ आप कार्यकर्ता भी जनहित की किसी घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें : चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू: दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु, कोविड को लेकर बनाए ये नियम

आम आदमी पार्टी के चुनाव अभियान कमेटी के अध्यक्ष दीपक बाली ने बताया कि हल्द्वानी पहुंच कर अरविंद केजरीवाल प्रेस वार्ता करेंगे. उसके बाद हल्द्वानी में होने वाली तिरंगा संकल्प यात्रा में शामिल होंगे, जो बरेली रोड मंगल पड़ाव से रामलीला मैदान हल्द्वानी तक होगी. इसमें अरविंद केजरीवाल के साथ आप के प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा हजारों आप कार्यकर्ता भी शामिल होंगे.

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अरविंद केजरीवाल का ये पहला हल्द्वानी दौरा है. इससे पहले वे दो बार देहरादून आ चुके हैं. हल्द्वानी के इस दौरे पर अरविंद केजरीवाल कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. इससे पहले के दो दौरों के दौरान उन्होंने बिजली गारंटी के तहत 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रतिमाह हर परिवार को देने की घोषणा की थी. उसके बाद कर्नल कोठियाल को सीएम चेहरा घोषित करने के साथ उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा की थी. उनके इन दौरे से उत्तराखंड की जनता को एक नई उम्मीद जगी है. लिहाजा केजरीवाल का हल्द्वानी दौरा जनता के लिहाज से उम्मीदों भरा है. आगामी चुनावों को देखते हुए भी उनका ये दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है.

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू: दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु, कोविड को लेकर बनाए ये नियम

चारधाम और हेमकुंड साहिब के कपाट खुले.

Chardham Yatra : हाईकोर्ट की ओर से चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरु हो गई है. इसके साथ ही पांचवें धाम के रूप में विख्यात सिक्खों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्दालुओं के लिये खुल गए हैं.

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देहरादून. हाईकोर्ट (High Court) की ओर से चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है. इसके साथ ही पांचवें धाम के रूप में विख्यात सिक्खों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्दालुओं के लिये खुल गए हैं. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए हैं. दोनों ही यात्राओं को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह दिख रहा है. यात्रा शुरू करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए कोरोना गाइडलाइन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियम भी बनाए  हैं.

सुबह पंचप्यारों की अगुवाई में जहां पवित्र गुरुग्रंथ साहिब को संचखंड से दरबार साहिब में शुशोभित किया गया वहीं, अरदास व सुखवाणी का पाठ कर यात्रा की शुरुवात हुई. शनिवार से शुरु हुई यात्रा को लेकर हेमकुंड साहिब द्वारा हेमकुंड पहुंचने वाले यात्रियों से ऋषिकेश ट्स्ट कार्यालय में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की अपील की गई है. इसके बाद ही श्रद्दालुओं को हेमकुंड साहिब क्षेत्र में जाने दिया जायेगा.

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कपाट खुलने के बाद श्रद्दालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया है. ट्रस्टी सरदार नरेन्द्र जीत बिन्द्रा ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के तहत एक दिन में केवल 1000 श्रद्दालुओं को ही धाम में जाने की अनुमति दी जाएगी.

सीमित श्रद्धालुओं को ही अनुमति

राज्‍य सरकार ने चारों धामों में सीमित संख्‍या में श्रद्धालुओं को धामों में दर्शन के लिए जाने की अनुमति प्रदान की है. चारधाम यात्रा और हेमकुंड में श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन को लेकर सीमित संख्या में जाने की अनुमति है.

देहरादून में कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी, सुद्धेवाला जेल से गूंजेगी आवाज- 'गुड मॉर्निंग...'

सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. जिसके लिए इन्हें प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया गया है. जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर वर्तिका नंदा दे रही हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 19:33 IST
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देहरादूनः देहरादून (Dehradun) की सुद्धोवाला जेल (Suddhowala Jail) में बंद कैदियों के लिए जेल प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत अब जेल के अंदर जल्द ही ‘गुड मार्निंग दून जेल’ गूंजेगा. कैदियों के मनोरंजन, उन्हें डिप्रेशन से दूर रखने, उनमें सृजनात्मकता को बनाए रखने और रोजाना की दिनचर्या में कुछ नया शामिल करने के लिए जेल प्रबंधन की ओर इस शानदार पहल की शुरुआत की गई है. जिसकी तैयारी भी जेल में शुरू हो चुकी है.

सुद्धोवाला जेल में बंद कैदी अब रेडियो जॉकी का काम करेंगे. जिसके लिए इन्हें प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया गया है. जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर वर्तिका नंदा दे रही हैं. इस काम के लिए कुछ महिला और पुरुष कैदियों को चुना गया है. जिसके तहत आठ पुरुष और चार महिला कैदियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. जो जेल में रेडियो जॉकी के रूप में काम करेंगे.

शॉर्टलिस्ट किए गए कैदियों में से दो महिला और दो पुरुष कैदी ही चुने जाएंगे. जिनकी आवाज सुबह-सुबह जेल के अंदर ‘गुड मॉर्निंग दून जेल’ के साथ गूंजेगी. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब वर्तिका नंदा इस तरह का काम कर रही हैं. इससे पहले भी वह जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी बना चुकी हैं.

इससे पहले वह पानीपत, अंबाला, आगरा और फरीदाबाद के जेल में बंद कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण दे चुकी हैं. वर्तिका नंदा दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर होने के साथ-साथ एक समाज सेविका भी हैं. जेल में बंद कैदियों को तनाव मुक्त करने के लिए देहरादून की सुद्धोवाला जेल ने रेडियो शुरू करने की योजना बनाई. सुद्धोवाला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक दधीराम और जेलर पवन कुमार ने भी इसकी पुष्टी की है.

देहरादून जेल के कैदी तैयार कर रहे इम्युनिटी बूस्टर, छू भी नहीं सकेगा कोरोना!

देहरादून जेल में 30 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं.

सुद्धोवाला जेल प्रशासन ने जेल परिसर में कोरोना महामारी व अन्य बीमारियों से बचाव के लिए औषधीय पौधे लगाए हैं.

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कोरोनावायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकारें अलग-अलग तैयारियां कर रही हैं. अस्पताल कोविड मामलों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. वहीं कई लोग घरेलू इलाज पर भी जोर आजमाइश कर रहे हैं. लोग महामारी से बचाव के लिए विभिन्न तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं और अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में लगे हुए हैं. कुछ ऐसा ही नजारा देहरादून की सुद्धोवाला जेल में देखने को मिल रहा है.

सुद्धोवाला जेल प्रशासन अपने स्टाफ और कैदियों की सुरक्षा में जुट गया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके. प्रशासन ने पहल करते हुए जेल परिसर में औषधीय पौधे लगाए हैं. पौधे लगाने और इनके रखरखाव का जिम्मा कैदियों को ही सौंपा गया है.

जेल अधिकारी पवन कोठारी ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए, साथ ही भविष्य में स्टाफ व कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर जेल प्रशासन ने परिसर में औषधीय पौधों को लगाने की पहल की है, ताकि सभी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके.

पवन कोठारी ने कहा, \’जेल में लगाए गए औषधीय पौधों का सेवन कैदी व स्टाफ सुबह की चाय, दोपहर व शाम के भोजन और काढ़ा के रूप में करेंगे. जेल में कुल 30 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं.\’

जेल में जिन पौधों को लगाया गया है, वे हैं- शमी, अपामार्ग, कपूर, कामिनी, मुलेठी, शतावरी बेल, भृंगराज, देसी अकरकरा, सर्पगंधा, पत्थरचट्टा, पिपरमिंट, स्टीविया, जैसमिन, नीम, अजवाइन, कढ़ी पत्ता, मेंहदी, बड़ी तुलसी, हरड़, बहेड़ा, आंवला, अनार, रात की रानी, लहसुन बेल, मोगरा, हरसिंगार, पीपली, छुईमुई और पुनर्नवा.

Uttarakhand Elections 2022 में पुष्कर धामी ही होंगे BJP का सीएम चेहरा

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव बीजेपी पुष्कर धामी के नेतृत्व में ही लड़ेगी. (फाइल फोटो)

Uttarakhand News: केंद्रीय चुनाव प्रभारी दो दिन के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने मंत्रियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक की. साथ ही साफ शब्दों में कहा कि सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा.

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देहरादून. उत्तराखंड में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति को केंद्रीय चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी ने साफ कर दिया. जोशी ने उत्तराखंड से जाते-जाते साफ शब्दों में कह दिया कि राज्य के विधानसभा चुनाव पुष्कर धामी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बात पर किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि बीजेपी के केंद्रीय चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, चुनाव सह प्रभारी सरदार आरपी सिंह और सह प्रभारी सांसद लॉकेट चटर्जी दो दिवसीय दौरे पर देहरादून थे. दो दिनों तक उन्होंने बैक टू बैक बैठकों के दौर चलाए और सरकार, संगठन व कार्यकर्ताओं की नब्ज को टटोला.

ईमानदारी से करें काम
जोशी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मेरा काम सिर्फ को ऑर्डिनेशन का है. सब नेताओं को एकजुट होकर पार्टी के कामों को आगे बढ़ाना है. जोशी ने पार्टी नेताओं से अपील की कि पार्टी की ओर से दिए गए कामों को पूरी ईमानदारी के साथ करें.
दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को जोशी ने सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए बनाए गए प्रभारियों की मीटिंग भी ली. इस दौरान 60 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए टिप्स दिए गए. इस दौरान जोशी ने सभी से अपील की कि दूसरी पार्टियों से जो लोग बीजेपी में आए हैं उनको भी साथ लेकर चलें.

पुष्कर के नेतृत्व में 60 सीटों का लक्ष्य
जोशी ने कहा कि युवा सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में 60 सीटों पर जीत का लख्य रखा है और इसे हर हाल में हासिल करना है. उन्होंने कहा कि इसे हासिल करना तभी संभव है जब सभी एकजुट होकर कार्य करेंगे और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएंगे. साथ ही लोगों को उनका लाभ भी दिलवाएंगे. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि विकास के लिए केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होना भी बहुत जरूरी है.

धामी ने कहा- सभी घोषणाएं होंगी पूरी
सीएम पुष्कर धामी ने इस दौरान नेताओं को आश्वास्त किया कि सरकार जो भी घोषणाएं कर रही है, वो पूरी की जाएंगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष 24 हजार नौकरियां देने को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने स्पष्ट कहा था कि हम भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देंगे. सीएम ने कहा कि हम करीब छह हजार नौकरियों का प्रपोजल भेज चुके हैं और अगले दो महीने में छह हजार और नौकरियों की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी.

Uttarakhand: 21 सितंबर से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, कोविड गाइडलाइन का होगा पालन

उत्तराखंड के प्राइवेट और सरकारी प्राइमरी स्कूल 21 सितंबर से खुलेंगे. (प्रतीकात्मक फोटो)

शिक्षा मंत्री ने कहा कि 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है. कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल से स्कूल बंद पड़े हैं. पिछले महीने उत्तराखंड में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूल खुल चुके हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 21:50 IST
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देहरादून. कोविड-19 के संक्रमण के कम होते ही व्यवसाय से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक पटरी पर आने लगी है. अब उत्तराखंड के 1 से 5 तक के स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है. इस बारे में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने शिक्षा सचिव राधिका झा को निर्देश दिया है. प्राइमरी स्कूल खोले जाने का यह निर्देश सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्री ने दिया. 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है. कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल से स्कूल बंद पड़े हैं. पिछले महीने उत्तराखंड में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूल खुल चुके हैं.

कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण बच्चे पढ़ाई से वंचित हो गए थे. इसी को देखते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विचार-विमर्श कर यह फैसला किया गया है. 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के सरकारी और गैर सरकारी स्कूल खोले जाएंगे.

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अभिभावकों की सहमति जरूरी

इस बारे में कोविड गाइडलाइन भी जारी की जा चुकी है. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि माता-पिता की सहमति के बाद ही बच्चा स्कूल आएगा. बच्चों को स्कूल में बुलाने को लेकर प्रबंधन किसी भी हाल में कोई दबाव नहीं बनाएगा. कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा. शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी.

Chardham Yatra: कल से शुरू होगी यात्रा, लेकिन पहले करवाना होगा रजिस्ट्रेशन, जानें पूरा प्रोसेस

चारधाम यात्रा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा. Image - Shutterstock.com

Uttarakhand News: चारधाम यात्रा एक बार फिर शनिवार से शुरू होने जा रही है, इसके लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति मिलेगी.

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देहरादून. नैनीताल हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा को लेकर इजाजत मिलने के बाद अब सरकार ने इसको लेकर तैयारियां भी पूरी कर ली हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और पर्यटन मंत्री का दावा है कि शनिवार से यात्रा शुरू होने को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत लोगों को दर्शन करवाए जाएंगे. लेकिन इस बार कुछ प्रतिबंध रहेंगे. कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर दिन बद्रीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800 और यमुनोत्री में 400 लोग ही दर्शन कर सकेंगे. इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए यात्रियों को https://badrinath-kedarnath.gov.in पर लॉगइन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट या फिर कोरोना टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा.

नहीं कर सकेंगे स्नान
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए किसी भी कुंड में श्रद्धालुओं का स्नान करना मुश्किल होगा. जानकारी के अनुसार दर्शनों की व्यवस्‍था का पूरा काम देवस्‍थानम बोर्ड देखेगा. हालांकि इसको लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं. गंगोत्री से पूर्व विधायक विजय पाल सजवान ने कहा कि बोर्ड हमेशा गाइडलाइंस में उलझा देता है, इसलिए यात्रा से संबंधित काम जिलाधिकारियों को सौंपा जाए.

उल्लेखनीय है कि लगातार 2 साल से कोरोना का सीधा असर चार धाम यात्रा पर पड़ा है और यात्रा अब ऐसे वक्त पर शुरू हो रही है जब डेढ़ महीने के आसपास का वक्त बचा है. ऐसे में जहां सरकार के सामने यात्रा को बिना परेशानी के चलाने की चुनौती है, वही यात्रा से जुड़े लोगों को इस बात की उम्मीद कि डेढ़ महीने में कुछ तो रोजी रोटी का इंतजाम होगा.

गौरतलब है कि 28 जून को हाईकोर्ट ने कोविड 19 संबंधी पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण उत्तराखंड की इस महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा पर रोक लगाई थी. इसे हटाने के लिए राज्य सरकार लगातार कोशिशें कर रही थी और राज्य में सियासत भी गरमा गई थी. पिछले दिनों सरकार के सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापिस लेने के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हो सकी और बीते गुरुवार को हाईकोर्ट ने यात्रा के लिए रास्ता साफ कर दिया.

Char Dham Update: बद्रीनाथ-केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में कल से जुटेंगे श्रद्धालु, CM धामी बोले- भक्तों का स्वागत

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शनिवार से शुरू होगी

Char Dham Yatra Update: बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धामों की यात्रा के लिए देवस्थानाम बोर्ड करेगा यात्रियों का रजिस्ट्रेशन. यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. कल ही से हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू हो जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 16:10 IST
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देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने चार धाम यात्रा शुरू होने को लेकर कहा कि राज्य में शनिवार 18 सितंबर से चार धाम यात्रा और हेमुकंड साहिब यात्रा शुरू हो जाएगी. उन्होंने दावा किया कि सरकार की तरफ से यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

बता दें कि हाईकोर्ट ने गुरुवार को रोक हटाते हुए इस यात्रा के लिए मंज़ूरी दी थी. इस यात्रा को जिन शर्तों के साथ मंज़ूरी दी गई है, उनके अनुसार सीमित यात्री ही जा सकेंगे. करीब दो महीने का समय इस यात्रा के लिए बचा है. श्रद्धालुओं ने सीएम धामी के प्रति आभार व्यक्त किया है और सीेएम ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया.

लगातार ट्वीट करते हुए सीएम धामी ने कहा, ‘चारधाम यात्रा का उत्तराखण्ड के लिए सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है. प्रत्येक वर्ष देश-विदेश के लाखों लोगों को इस यात्रा की प्रतीक्षा रहती है. प्रदेश सरकार #COVID19 के सभी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और सुगम चार धाम यात्रा हेतु प्रतिबद्ध है.’ सीएम ने अपने ट्वीट में उत्तराखण्ड में 18 सितम्बर से यात्रा की शुरुआत होने के उपलक्ष्य में ट्वीट करते हुए सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं का राज्य सरकार की ओर से स्वागत किया.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

जन्मदिन की बधाई ली और यात्रा के लिए दी

सीएम धामी ने अपने जन्मदिन के मौके को चार धाम यात्रा के साथ जोड़ते हुए लिखा कि ‘आज चारधाम तीर्थ पुरोहितों ने भेंट कर जन्मदिन की बधाई देते हुए चारधाम यात्रा पुनः शुरू किये जाने के सन्दर्भ में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की. मैं अपनी ओर से चारधाम पुरोहितों एवं सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट करता हूं.’

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सरकार ने किया अदालत के प्रति आभार व्यक्त

इससे पहले धामी ने हाई कोर्ट के फैसले पर लिखा, ‘जन भावनाओं के अनुरूप माननीय उच्च न्यायालय द्वारा चार धाम यात्रा पुनः प्रारंभ करने के निर्णय पर राज्य सरकार सहृदय आभार व्यक्त करती है. इस निर्णय से न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ है बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.’

Uttarakhand Elections : आज BJP चुनाव प्रभारियों की अहम बैठकें, टिकट समेत इन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन

प्रहलाद जोशी का स्वागत करते सीएम धामी. (File Photo)

Assembly Election 2022 : उत्तराखंड सरकार कैसे काम कर रही है, भाजपा संगठन की क्या तैयारी है... जैसे बिंदुओं पर जानकारी जुटाने के बाद आज की बैठकों में प्रहलाद जोशी की टीम बड़े मुद्दों पर राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ चिंतन करेगी.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 13:54 IST
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देहरादून. उत्तराखंड बीजेपी की कोर ग्रुप की मीटिंग शुक्रवार को होने जा रही है, जो कई मायनों में अहम साबित हो सकती है. करीब पांच महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राज्य के लिए चुनाव प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत सह प्रभारी लॉकेट चटर्जी और आरपी सिंह उत्तराखंड के दौरे पर हैं. दौरे के दूसरे दिन ये सभी प्रभारी उत्तराखंड भाजपा के कोर ग्रुप के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत उत्तराखंड से भाजपा के सभी सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे. यह बैठक किन मुद्दों पर फोकस करेगी और इसका अंजाम क्या निकलेगा?

मुद्दा 1 : किसे मिलेगा टिकट?
चुनाव प्रभारी कोर ग्रुप के साथ ही विधानसभा प्रभारियों के साथ भी बैठक शुक्रवार को करेंगे और इस बैठक को लेर सबसे महत्वपूर्ण बात यही कही जा रही है कि यहां से इस पर राय बनने की संभावना है कि किस सीट से किसे टिकट मिलेगा. एक तरह से पार्टी इस बात का अंदाज़ा लगाने की प्रक्रिया आज की बैठक से शुरू करेगी कि कहां किस उम्मीदवार का पलड़ा भारी है.

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मुद्दा 2 : बूथ मैनैजमेंट कैसे हो?
जोशी समेत तीनों चुनाव प्रभारियों का प्रमुख एजेंडा बूथ मैनैजमेंट की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. आज की बैठक में इस बारे में रणनीति बनाने को लेकर गहन विचार हो सकता है. गुरुवार को भी जोशी ने अपने छोटे वक्तव्य में इस बात को साफ तौर पर उभारा था कि बूथ तक कार्यकर्ता को जी जान से जुट जाना है और लोगों तक केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों को लेकर जाना है.

मुद्दा 3 : नेताओं को और कैसे जोड़ें?
चुनाव प्रभारियों के दौरे से ऐन पहले कांग्रेस के एक विधायक को उत्तराखंड बीजेपी ने अपने पाले में लेकर एक बड़ा संकेत दिया है. कहा जा रहा है कि आज की बैठक में इस सिलसिले को अगले कुछ महीनों के लिए एक रणनीति के तौर पर जारी रखने को लेकर भी मंथन हो सकता है. कांग्रेस के अलावा कुछ अन्य नेताओं के भी बीजेपी से जुड़ने की खबरों के मद्देनज़र कोर ग्रुप की मीटिंग के बाद उत्तराखंड भाजपा नेताओं के सदस्यता अभियान को बढ़ाने की तरफ रुख कर सकती है.

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गुरुवार को जोशी और अन्य प्रभारियों ने एक तरह से राज्य और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करते हुए परिचयात्मक बातचीत की और राज्य में पार्टी व सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियां जुटाईं. आज रणनीति को लेकर खास तौर पर बैठक होने जा रही है और इन दो दिनों की बैठकों का पूरा ब्योरा दिल्ली में हाईकमान तक पहुंचेगा इसलिए ये काफी अहम मानी जा रही हैं.

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चार धाम यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह है. (File Photo)

Char Dham Yatra Registration : उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि तीर्थ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करने की हिदायत भी दी.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 12:46 IST
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देहरादून. चार धाम यात्रा को हाई कोर्ट से गुरुवार को मंज़ूरी मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार 18 सितंबर से इस यात्रा को शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. कोविड 19 संक्रमण इस यात्राा के ज़रिये न फैले, इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी करने के संबंध में दावा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तीर्थ यात्रा के लिए राज्य ने पर्याप्त इंतज़ाम कर लिये हैं. वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन संबंधी डिटेल्स देते हुए कहा कि इस संबंध में एसओपी जल्द जारी की जाएगी.

सीएम धामी ने दावा किया कि यात्रा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा. वहीं, न्यूज़18 से बातचीत करते हुए सतपाल महाराज ने बताया कि श्रद्धालु किस तरह यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. महाराज के मुताबिक चार धाम यात्री रजिस्ट्रेशन के लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.badrinathkedarnath.gov.in पर प्रक्रिया पूरी करें. इस बारे में न्यूज़18 ने आपको विस्तार से बताया है कि आप कैसे रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.

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इसके अलावा, अपने ट्विटर हैंडल से जारी किए एक वीडियो में सतपाल महाराज ने कहा कि कोविड संबंधी तमाम गाइडलाइनों का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा. हाई कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट करवाने और अन्य कोविड हिदायतों के संबंध में राज्य सरकार ने तैयारी पहले ही कर ली थी.

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केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को या तो आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ में रखनी होगी या फिर कंपलीट वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट. सतपाल महाराज ने कहा कि ये दस्तावेज़ रजिस्ट्रेशन करवाने वाले श्रद्धालुओं को जमा करने होंगे. पर्यटन मंत्री का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड जल्द एसओपी जारी करेगा, लेकिन श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. उन्होंने बद्रीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालुओं के दर्शन करने की व्यवस्था की भी पुष्टि की.

Char Dham Yatra 2021 : श्रद्धालुओं को किस वेबसाइट पर कैसे करवाना होगा रजिस्ट्रेशन? जानें पूरे डिटेल्स

उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा 18 सितंबर से शुरू होगी.

Char Dham Yatra Registration : उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा 18 सितंबर से शुरू होने जा रही है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया देवस्थानम बोर्ड के सुपुर्द की गई है, जिसकी वेबसाइट के माध्यम से तीर्थ यात्रियों को पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. जानिए सभी ज़रूरी डिटेल्स.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 10:50 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित चार धाम यात्रा को हाई कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धामों में श्रद्धालुओं के स्वागत का ऐलान करते हुए कहा कि 18 सितंबर से यात्रा शुरू हो जाएगी. चार धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा भी शनिवार से ही शुरू होगी. लेकिन अब सवाल यह है कि अगर आपको चार धाम यात्रा पर जाना है, तो आपके लिए क्या ज़रूरी या अनिवार्य नियम, कायदे और तरीके हैं? तीर्थ यात्रा के लिए सबसे पहले आपको पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. आपको बताते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया क्या है.

श्रद्धालु इस वेबसाइट पर करवाएं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अगर आप उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा के लिए जा रहे हैं तो पहले ही देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना आपके लिए अनिवार्य होगा. बोर्ड को रजिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है और इस रजिस्ट्रेशन के बगैर यात्रियों को धाम में अनुमति नहीं मिलेगी. रजिस्ट्रेशन करवाने की पूरी प्रक्रिया इस तरह है :

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1. सबसे पहले आप Badrinath-kedarnath.gov.in वेबसाइट पर लॉगिन करें.
2. लॉगिन करने के लिए आपको अपना वैध मोबाइल नंबर वेबसाइट पर दर्ज करना होगा.
3. इसके बाद आप एक पासवर्ड जनरेट कर सकेंगे और एक कैप्चा टाइप करने के बाद लॉगिन हो जाएंगे.
4. लॉगिन के बाद आपके दिए गए मोबाइल नंबर के ज़रिए वेरिफिकेशन होगा इसलिए अपना मोबाइल चालू रखें.
5. एक ओटीपी के साथ मोबाइल या फिर दिए गए ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन प्रक्रिया होगी.

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देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट के इस पेज पर आप लॉगिन कर सकते हैं.

इस बात का खास खयाल रखें कि मोबाइल नंबर वैध भारतीय नंबर ही हो. दूसरी ज़रूरी बात है कि आपको पूजा, पाठ, आरती, भोग या रुकने ठहरने संबंधी बुकिंग आदि के लिए इसी तरह रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. इस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कोई समस्या आती है तो उसके लिए बोर्ड की वेबसाइट पर एक संपर्क ईमेल भी दिया गया है.

कौन से यात्री कर सकते हैं तीर्थ यात्रा?
चार धाम यात्रा के लिए हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आने वाले श्रद्धालुओं के संबंध में कुछ निर्देश स्पष्ट कर दिए गए हैं. शनिवार से शुरू हो रही यात्रा के तहत हर एक दिन केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1200, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 से ज़्यादा तीर्थ यात्रियों को अनुमति नहीं दी जा सकेगी. इसके अलावा कुछ और भी बातें ध्यान में ज़रूर रखें.

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1. आप तभी यात्रा कर पाएंगे जब आपने वैक्सीन के दोनों डोज़ लगवा लिये हों, उनका सर्टिफिकेट आपके पास हो.
2. तीर्थ यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे.
3. तीर्थ यात्रियों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट भी अपने साथ कैरी करनी होगी.
4. फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना नियमों का पालन न करने वाले तीर्थ यात्रियों पर जुर्माने और सज़ा तक के प्रावधान लागू हैं.

इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए आप रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के बाद आपको एक ई-पास की तरह का दस्तावेज़ मिल जाएगा, जिसे तीर्थ यात्रा की पूरी अवधि के दौरान आपको साथ रखना होगा. ये तमाम प्रक्रियाएं और शर्तें अगले आदेश तक के लिए लागू हैं.

यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार, पूर्वी UP के लिए अलर्ट, कल से ढीले पड़ेंगे तेवर

यूपी उत्तराखंड में मौसम का हाल जानिए.

UP-Uttarakhand Weather : 1 जून से 15 सितंबर के बीच के आंकड़ों की मानें तो उत्तराखंड में 1072.8 मिमी और उत्तर प्रदेश में 632.5 मि​मी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो 'पर्याप्त' है. इस मानसून सीज़न के खत्म होते तक दोनों राज्य सामान्य से ज़्यादा तरबतर हो जाएंगे.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 08:50 IST
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लखनऊ/देहरादून. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों ही राज्योंं में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश से उथल पुथल मची हुई है. उप्र में बारिश के चलते दीवार गिरने के हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो जाने के साथ ही, दोनों ही राज्यों के कई ज़िलों में सड़कों, पु​लों व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चरों को नुकसान पहुंचने की खबरें आ चुकी हैं. भारतीय मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए खास तौर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी शुक्रवार को भारी बारिश के आसार बताए गए हैं.

उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल
बुधवार से गुरुवार के बीच रायबरेली, लांभुआ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, अमेठी, रानीगंज, गाज़ीपुर और कानपुर समेत कुछ अन्य जगहों पर भारी बारिश की रिपोर्ट वेदर चैनल ने दी है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पूर्वी यूपी समेत पश्चिमी हिस्से में उत्तराखंड से सटे इलाकों में भी बारिश के आसार बने हुए हैं. गुरुवार के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा कि शुक्रवार को पूर्वी हिस्सों को छोड़ अधिकांश यूपी के लिए यलो अलर्ट रहेगा. वहीं, 17 सितंबर के बाद से यूपी समेत उत्तराखंड में भी बारिश की तेवरों में कुछ कमी देखी जाएगी.

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शुक्रवार को बारिश के बाद शनिवार से दोनों राज्यों में मानसून ढीला पड़ सकता है.

उत्तराखंड में कैसा है मौसम?
पहाड़ी इलाकों यानी खास तौर से कुमाऊं अंचल में भारी बारिश के आसार शुक्रवार को भी बने हुए हैं. गुरुवार के लिए आरेंज अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा था कि शुक्रवार को उत्तराखंड के कुछ इलाके यलो अलर्ट पर व अन्य अलर्ट मुक्त होंगे. न्यूज़18 ने आपको ज़िलेवार यह भी खबर दी थी कि किस तरह उत्तराखंड में सितंबर के पहले 14 दिनों में करीब 13 फीसदी ज़्यादा बारिश हो चुकी थी. हालांकि इस पूरे महीने में बारिश का दौर बना रहेगा, ऐसी भविष्यवाणी मौसम विभाग कर चुका है.

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क्या है ऐसे मौसम का कारण?
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से कम दबाव का सिस्टम बनने से चल रही नम हवाओं के चलते ऐसा मौसम बना हुआ है. वेदर चैनल के मुताबिक यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के पूर्वी व मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक बना रहेगा, जिससे भारी और मद्धम दर्जे की बारिश होती रहेगी. शुक्रवार के बाद यह सिस्टम उत्तर पश्चिम की तरफ रुख करेगा, जिससे उत्तराखंड और यूपी में बारिश के तेवर ढीले पड़ने की उम्मीद है.

उत्तराखंड का मौसमः सितंबर में हो चुकी 13% ज्यादा बारिश, और बरसेंगे बदरा, येलो अलर्ट जारी

उत्तराखंड में बारिश के तेवर बरकरार हैं. (File Photo)

Yellow Alert in Uttarakhand : मौसम विभाग की चेतावनी है कि कम से कम आज और भारी बारिश हो सकती है. यलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य में भारी बारिश को लेकर खासकर यात्रियों के लिए हिदायतें जारी की गई हैं. आंकड़ों से जानिए बारिश का पूरा मिज़ाज.

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  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 17:20 IST
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देहरादून. पिछले महीने भारी और लगातार बारिश से तबाही की तस्वीरें सामने आने के बाद लग रहा था कि सितंबर में मानसून की रफ्तार उत्तराखंड में कुछ थमेगी, लेकिन ताज़ा स्थिति यह है कि सितंबर के महीने में राज्य में 13 फीसदी तक ज़्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है और मौसम विभाग की चेतावनी यह भी है कि बाकी बचे महीने में अभी और बारिश होगी. इस महीने में बागेश्वर ज़िले में सामान्य से 200 फीसदी तक ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि राजधानी देहरादून समेत कुछ ज़िलों में इस महीने में औसत से कम पानी बरसा है. कुल मिलाकर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून अभी और सुर्खियां रचने के मूड में है.

1 से 14 सितंबर तक के आंकड़े जारी करते हुए मौसम विभाग ने सरप्लस वर्षा हो जाने की बात इस तरह कही कि इस अवधि में 115.9 मिमी बारिश की अपेक्षा रहती है, लेकिन 131 मिमी हो चुकी है. ये अनुमान भी ज़ाहिर किया कि आने वाले दिनों में खास तौर पर कुमाऊं अंचल में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. यहां मंगलवार से यलो अलर्ट जारी किया गया है, जो आज गुरुवार के लिए भी लागू है.

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कहां-कैसे रहे बारिश के आंकड़े?
बागेश्वर में 202 फीसदी ज़्यादा तक बारिश हो गई क्योंकि 77.4 मिमी औसत रहता है लेकिन 14 दिनों में आंकड़ा 234 मिमी का रहा. चमोली में 144 फीसदी और चंपावत में भी 58 फीसदी ज़्यादा बारिश हुई. पहाड़ी ज़िलों के उलट मैदानी इलाकों में इस दौरान कम बारिश दर्ज की गई. नैनीताल में 41%, यूएस नगर में 39%, हरिद्वार में 30% और देहरादून में औसत से 25% कम बारिश दर्ज की गई.

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क्या है और बारिश का अनुमान?
आंचलिक मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के हवाले से खबरों में कहा गया कि कम से कम 16 सितंबर तक तो राज्य में बारिश के आसार बने हुए ही हैं. ‘कुमाऊं अंचल के ज़िलों में गढ़वाल अंचल के ज़िलों से ज़्यादा बारिश होगी.’ गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते लगातार खबरें बनी हुई हैं कि आम रास्ते और हाईवे ठप हो रहे हैं. सड़कों, पुलों के टूटने और भूस्खलन होने की सुर्खियां भी बनी हुई हैं. सिर्फ पौड़ी गढ़वाल ज़िले में ही 36 सड़कें ठप होने की खबर आ चुकी है, जिसमें पीएम ग्रामीण सड़क योजना की करीब दो दर्जन सड़कें चौपट हो चुकी हैं. यानी भारी बारिश का कहर सबसे ज़्यादा गांवों और ग्रामीणों पर टूट रहा है.

Sarkari Naukri : उत्तराखंड, राजस्थान, यूपी, झारखंड और पंजाब में 16000 से अधिक नौकरियां, टीचर सहित इन पदों के लिए करें आवेदन

Sarkari Naukri : पंजाब में प्री प्राइमरी टीचर्स की 8000 से अधिक वैकेंसी है.

Sarkari Naukri : पंजाब, राजस्थान, यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में ग्रजुएट से लेकर 10वीं पास तक के लिए नौकरियां हैं. उत्तराखंड में चल रही टेक्नीशियन स्टाफ भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ गई है.

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  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 17:08 IST
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नई दिल्ली. Sarkari Naukri : सरकारी नौकरियों के लिए प्रयासरत युवाओं के लिए बंपर भर्तियां निकली हैं. पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड में ही 16500 से अधिक नौकियां हैं. यहां टीचर से लेकर कुक, चौकरीदार, डाक सेवक, टेक्नीशियन और वीडियो जैसे पदों पर भर्तियां हो रही हैं. इस तरह हाई स्कूल पास से ग्रेजुएट तक के लिए नौकरियां हैं. इन सब पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है. हालांकि पंजाब में अभी भर्ती शुरू होने वाली है. शानदार सरकारी नौकरी के सपने पूरे करने का यह अच्छा मौका है. न्यूनतम योग्यता की शर्तें पूरी कर रहे हैं तो तुरंत आवेदन कर दें.

बात उत्तराखंड से शुरू करें तो यहां मेडिकल कॉलेजों में टेक्नीशियन स्टाफ के पदों पर भर्ती निकली है. उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 306 वैकेंसी है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर थी. जिसे बढ़ाकर अब 15 अक्टूबर कर दिया गया है. टेक्नीशियन स्टाफ भर्ती के अंतर्गत लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन और रेडियोथेरेपी टेक्नीशियन के साथ सीएसएसडी टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्री टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, रिसेप्शनिस्ट और रेडियो ग्राफिक टेक्नीशियन पदों पर भर्ती होगी. पूरी

झारखंड में टीचर से लेकर चौकीदार तक की नौकरियां

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रदेश के आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में टीचर, अकाउंटेंट कम कंप्यूटर ऑपरेटर, कुक और चौकीदार के पदों पर भर्ती निकली है. इसके तहत कुल 479 वैकेंसी है. इन पदों पर सिर्फ महिलाओं की भर्ती होगी. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 27 सितंबर 2021 है. इसके लिए आवेदन ऑफलाइन करना है.

Sarkari Naukri : टीचर से लेकर चौकीदार तक 450 से अधिक नौकरियां, तुरंत करें आवेदन

पंजाब में टीचर्स की 8000 से अधिक वैकेंसी

पंजाब शिक्षा विभाग ने प्री प्राइमरी टीचर्स की 8393 पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2021 से शुरू होगी. इसके लिए आवेदन पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट educationrecruitmentboard.com परा जाकर किया जा सकेगा. प्री प्राइमरी शिक्षक पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास मांगी गई है. आवेदन के 12वीं में न्यूनतम 45% अंक होने चाहिए. इसके अलावा नर्सरी टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट भी जरूरी है.

प्री प्राइमरी टीचर्स की 8000 से अधिक वैकेंसी

राजस्थान में ग्राम विकास अधिकारी के पदों पर वैकेंसी

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने ग्राम विकास अधिकारी के 3896 पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए आवेदन 09 अक्टूबर तक किया जा सकता है. आवेदन र्थी चयन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाकर करना है. राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी भर्ती 2021 में कुल रिक्त पदों की दो फीसदी सीटें खिलाड़ियों के लिए आरक्षित की गई हैं. खिलाड़ियों को आक्षण क्षैतिज रूप में मिलेगा यानी अभ्यर्थी जिस वर्ग (सामान्य/इडब्लूएस/एससी/एसटी /ओबीसी/एमबीसी) का होगा उसे उसी वर्ग के अंर्गत समायोजित किया जाएगा.

ग्राम विकास अधिकारी के पदों पर करें आवेदन

यूपी में 4000 से अधिक वैकेंसी

उत्तर प्रदेश में भारतीय डाक विभाग ग्रामीण डाक सेवक पदों पर बंपर भर्तियां कर रहा है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 सितंबर है. ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के तहत असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर और ब्रांच पोस्ट मास्टर के 4000 से अधिक पदों पर भर्ती होगी. इसके लिए आवेदन ऑनलाइन करना है. इसके लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास मांगी गई है.

डाक विभाग में 10वीं पास के लिए 4000 से अधिक नौकरियां

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Chardham Yatra: गंगोत्री-यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में नहीं होगी तकलीफ अगर पढ़ लेंगे ये खबर

चारधाम यात्रा शुरू होते ही प्रशासन और पुलिस विभाग ने पूरे राज्य में तैयारियां शुरू कर दी हैं. (फाइल फोटो)

Uttarakhand News: नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद अब पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस दौरान कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा, साथ ही सीमित संख्या में यात्रियों को दर्शन की अनुमति होगी.

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देहरादून. नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार को आदेश जारी कर चार धाम यात्रा पर लगी रोक को हटा दिया है. इसके साथ ही पुलिस विभाग ने अब चारधाम यात्रा की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार सभी जिला कप्तानों को उचित दिशा निर्देश दे दिए गए हैं और यात्रा का संचालन कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही करवाया जाएगा. अशोक कुमार ने बताया कि इस दौरान हर दिन यात्रियों की संख्या को सीमित रखा गया है. साथ ही चारधाम पर आने वाले यात्रियों को कोविड नेगेटिव होने की रिपोर्ट या फिर कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा. ऐसा नहीं होने पर उन्हें यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी. साथ ही मौके पर भी यात्रियों की कोरोना जांच करवाने का प्रावधान किया गया है.

क्या होंगे नए नियम

  • अब केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1200, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 यात्रियों को ही हर दिन दर्शनों की अनुमति होगी.
  • अब यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे.
  • यात्रियों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट या फिर कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट दिखाने होंगे.
  • यात्रियों को फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना नियमों का पालन करना होगा, ऐसा नहीं
  • करने पर जुर्माने और सजा का प्रावधान है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी एसएलपी
गौरलतब है कि हाईकोर्ट ने 26 जून को कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य में चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी. इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोट्र में एसएलपी दायर की थी. लेकिन फिर कुछ दिन पहले ही प्रदेश सरकार ने एसएलपी वापस ले ली गई थी. जिसके बाद गुरुवार को हाईकोर्ट में यात्रा को लेकर निर्णय लिया गया है.

मिलेगी राहत…
हाईकोर्ट की ओर से यात्रा पर लगी रोक हटाए जाने से राज्य सरकार सहित यात्रा से जुड़े व्यवसाइयों को बड़ी राहत मिली है. इससे तीर्थ पुरोहितों और उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के निवासियों को भी राहत की उम्मीद है जो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से यात्रा से जुड़े हैं.

AAP का दावा, 'सेल्फी विद टेंपल' मुहिम से जुड़े हज़ारों उत्तराखंडी, जानिए इस अभियान की वजह

आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया.

उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के इस अभियान को वोटरों को लुभाने का हथकंडा कहा तो आप ने भी दोनों पार्टियों पर निशाना साधा. जानिए क्या है पूरा मामला और कैसे आप की वेबसाइट से जुड़ रहे हैं लोग.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 13:39 IST
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देहरादून. उत्तराखंड चुनावी माहौल में सभी सियासी पार्टियां जनमत के लिए अपने स्तर पर मुहिम छेड़ रही हैं. इसी सिलसिले में आम आदमी पार्टी ने पहल करते हुए उत्तराखंड में ‘सेल्फी विद टेंपल’ मुहिम शुरू कर दी है. देवभूमि कहे जाने वाले राज्य में हाल में इस मुहिम के शुरू होने के बाद से अब तक करीब 25 हज़ार लोगों के जुड़ जाने का दावा भी आप ने किया. इस अभियान के तहत पार्टी ने लोगों से अपील की है कि वह राज्य स्थित अपने विशेष लगाव वाले किसी मंदिर के सामने सेल्फी खींचकर पोस्ट करने को कहा है, जिसकी मौजूदा हालत में सुधार की ज़रूरत हो. यही नहीं, ऐसे मंदिर की स्थिति सुधारने को लेकर आप ने लोगों से उनकी राय भी मांगी है.

आम आदमी पार्टी के नेता नवीन पिरशाली के हवाले से खबरों में कहा गया कि इस मुहिम के साथ सिर्फ चार दिनों में 22,976 लोग जुड़े, जिन्होंने अपने सुझाव देकर बताया कि राज्य के किस मंदिर की स्थिति को किस तरह बेहतर किया जा सकता है. पिरशाली ने यह भी कहा कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाए जाने के संबंध में आप ने सफलतापूर्वक वेबसाइट लॉंच की, जिसके माध्यम से यह मुहिम चल रही है.

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आप का दावा है कि उसका सेल्फी विद टेंपल ​अभियान चर्चित और लोकप्रिय हो रहा है. (Symbolic Image)

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वास्तव में, इस अभियान के दो मकसद बताए गए हैं. आप का दावा है कि लोगों के सुझावों से राज्य के मंदिरों को विश्व पटल पर पर्यटन के नक्शे और पहचान के लिहाज़ से बेहतर करने में मदद मिलेगी. दूसरी ओर, चर्चा यह भी ​है कि देवभूमि में चुनाव जीतने के लिए लोगों की धार्मिक भावना के साथ जुड़ाव के लिहाज़ से आप का यह अभियान मील का पत्थर भी साबित हो सकता है. विपक्षियों के इस तरह के हमले पर भी आप ने निशाना साधते हुए साफ कहा कि लोग इस मुहिम के साथ हैं और विपक्षियों को तकलीफ किस बात की है अगर आप ने उत्तराखंड को हिंदू आस्था की राजधानी बनाने का मिशन शुरू किया है.

रेप और बच्चों के यौन शोषण मामलों का रिपोर्ट कार्ड, 9 राज्यों के बीच उत्तराखंड में कितने खराब हैं हालात?

एनसीआरबी ने हिमालयीन राज्यों में अपराध संबंधी आंकड़े जारी किए.

NCRB Report Released : हिमालय के बीच बसे नौ भारतीय राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में अपराध की स्थिति चिंताजनक है. हालांकि इन आंकड़ों पर राज्य की पुलिस ने इसे 'इंसाफ के प्रति सकारात्मक नज़रिया' बताया है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 09:19 IST
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देहरादून. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो ने भारत में साल 2020 के लिए नौ हिमालयीन राज्यों के संबंध में बलात्कार और बच्चों के यौन शोषण मामलों को लेकर जो आंकड़े जारी किए, उनमें उत्तराखंड का नाम सबसे ऊपर रहा. अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के मुकाबले उत्तराखंड में 2020 में बलात्कार के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए गए, जिनकी संख्या ब्यूरो ने 487 बताई. महिलाओं के खिलाफ अपराध पर मंगलवार रात एनसीआरबी ने जो रिपोर्ट जारी की, उसके मुताबिक राज्यवार कुछ और अहम बातें जानिए.

सबसे ज़्यादा रेप केस की लिस्ट में उत्तराखंड के बाद हिमाचल प्रदेश दूसरे नंबर पर रहा, जहां 331 मामले दर्ज किए गए. त्रिपुरा में 79 और मेघालय में 67 ऐसे मामले रहे जबकि सबसे कम रेप केसों की संख्या मिज़ोरम में रही, जहां 33 मामले दर्ज हुए. इसी तरह उत्तराखंड बच्चों के प्रति किए जाने यौन अपराधों की सूची में भी अव्वल रहा. राज्य में 573 ऐसे केस दर्ज किए गए, जिनमें POCSO एक्ट के तहत अपराध दर्ज हुआ. कुछ और मामलों में भी उत्तराखंड की हालत गंभीर बताई गई.

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महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामले में उत्तराखंड की स्थिति चिंताजनक हुई.

ड्रग्स तस्करी उत्तराखंड में बड़ा सिरदर्द
साल 2020 के संदर्भ में एनसीआरबी के आंकड़ों से यह ज़ाहिर हुआ कि उत्तराखंड में ड्रग्स कारोबार भी एक बड़ी समस्या है. नारकोटिक्स एक्ट के तहत 1282 केस दर्ज ​हुए. हालांकि इस मामले में उत्तराखंड, हिमाचल से पीछे रहा, जहां 1538 ऐसे केस मिले. ड्रग्स तस्करी उत्तराखंड में प्रमुख समस्या के तौर पर उभरकर आ चुकी है और सरकार ने हाल में यह घोषणा भी कि इसकी रोकथाम के लिए जल्द ही एक ‘एंटी ड्रग पॉलिसी’ भी बनाई जाएगी.

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क्या है आंकड़ों पर उत्तराखंड की सफाई?
एनसीआरबी के आंकड़ों पर देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता के तौर पर महानिरीक्षक अमित सिन्हा के हवाले से खबरों में कहा गया, ‘POCSO और रेप के मामले इसलिए बढ़े हुए दिख रहे हैं क्योंकि राज्य की पुलिस इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे केस बगैर ढिलाई बरते दर्ज कर रही है. न्याय की आस में ऐसे केस दर्ज कराने में पीड़ितों को भी बल मिला है क्योंकि राज्य पुलिस की प्राथमिकता है कि ऐसे मामलों में न्याय हो सके.’

BJP में कलह: मंत्री हरक सिंह ने ढेंचा बीज पर कही थी ये बात, फिर त्रिवेंद्र रावत कुछ यूं दिया जवाब

उत्तराखंड बीजेपी में रार: मंत्री हरक सिंह पर त्रिवेंद्र रावत ने दिया ये विवादित बयान.

uttarakhand BJP: कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने ढेंचा बीज घोटाले का जिक्र कर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत पर निशाना साधा था. इसके जवाब में त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि हमारे यहां कहा जाता है- 'गधा जो होता है, वो ढेंचा-ढेंचा करता है.' इस बयान के बाद एक बार फिर उत्तराखंड बीजेपी के अंदर का घमासान सामने आ गया है.

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देहरादून. ढेंचा बीज घोटाले (dhencha seed scam) को लेकर शुरू हुए इस विवाद के बीच बुधवार शाम त्रिवेंद्र रावत (trivendra rawat) ने एक ऐसा विवादित बयान दे दिया, जिसने इस पूरे प्रकरण में आग में घी डालने का काम कर दिया है. त्रिवेंद्र रावत ने हरक सिंह के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि हमारे यहां कहा जाता है – “गधा जो होता है, वो ढेंचा-ढेंचा करता है.” त्रिवेंद्र रावत के इस बयान के बाद अब बीजेपी में चल रही अंदरूनी रार खुलकर सड़कों पर आ सकती है. हालांकि, हरक सिंह रावत की ओर से अभी इस बयान पर कोई रिएक्शन नहीं आया है.

दरअसल, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने न्यूज 18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में त्रिवेंद रावत के कृषि मंत्री रहते हुए सामने आए ढेंचा बीज घोटाले को लेकर कहा था कि हमारी सरकार आने पर हरीश रावत त्रिवेंद्र रावत को जेल भेजना चाहते थे. मैंने बतौर कृषि मंत्री त्रिवेंद्र रावत के समर्थन में दो पेज की नोटिंग की, जिसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया और वो जेल जाने से बच गए. हरक ने कहा था कि यदि वो जेल चले जाते तो 2017 में मुख्यमंत्री भी नहीं बन पाते.

इस बयान के न्यूज 18 पर चलते ही सियासी गलियारों में हंगामा मच गया था. आम आदमी पार्टी ने इसे बकायदा मुद्दा बनाते हुए प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि पिछले बीस सालों से बीजेपी और कांग्रेस ऐसी ही मिलीभगत कर प्रदेश को लूट रहे हैं. मामले ने इतना तूल पकड़ा कि बीजेपी संगठन को हस्तक्षेप कर मंत्री हरक सिंह रावत को तलब करना पड़ा. बुधवार को मंत्री हरक सिंह रावत मंत्री धन सिंह रावत को साथ लेकर एक ही कार से बलबीर रोड स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे. यहां महामंत्री संगठन अजेय कुमार और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ करीब आधे घंटे तक तक बंद कमरे में बातचीत हुई. मीटिंग से बाहर निकलने के बाद मदन कौशिक ने इसे एक सामान्य मुलाकात बताया, तो हरक ने भी कहा कि सरकार और संगठन के मुद्दों पर जरूरी बातचीत हुई.

पत्रकारों द्वारा ढेंचा बीज घोटाले के उनके बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर हरक ने बचते बचाते कहा कि उनका बयान सही था, उस पर वे आज भी कायम हैं. इसके बाद मामला करीब-करीब शांत माना जा रहा था, लेकिन इसके कुछ ही घंटों के बाद सामने आए त्रिवेंद्र रावत के बयान ने आग में घी डालने का काम कर दिया है.

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