पर्यटन विभाग की सुस्ती के चलते पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग कर्ज में डूबे

उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाने के दावों पर पलीता लगता नजर आ रहा है. सूबे के पर्यटन विभाग की सुस्ती के चलते पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग कर्ज के बोझ तले दब गए हैं.

News18 Uttarakhand
Updated: August 4, 2018, 2:49 PM IST
पर्यटन विभाग की सुस्ती के चलते पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग कर्ज में डूबे
पर्यटन विभाग की सुस्ती के चलते पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग कर्ज में डूबे
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Updated: August 4, 2018, 2:49 PM IST
उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाने के दावों पर पलीता लगता नजर आ रहा है. सूबे के पर्यटन विभाग की सुस्ती के चलते पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग कर्ज के बोझ तले दब गए हैं. बागेश्वर जिले में पर्यटन विभाग के सुस्त रवैये के चलते पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. बता दें कि विभाग द्वारा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत विभिन्न मदों में ऋण उपलब्ध कराया जाता है.

इनमें होटल, मोटेल, पेइंग गेस्ट, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड सेंटर, टैक्सी वाहन, मोटर वर्कशॉप, साहसिक पर्यटन से उपकरण, योग ध्यान केंद्र और कुटीर उद्योग प्रमुख है. इन सभी मदों में 33 फीसदी और 25 फीसदी सब्सिडी की दर पर लोन दिया जाता है, लेकिन जिले के 108 लाभार्थियों को सालों से इस योजना की सब्सिडी नहीं दी गई है, जिससे वो कर्ज के बोझ तले दब गए हैं.

विभाग का कहना है कि जिले के 35 लाभार्थियों को इस वर्ष 70 लाख की सब्सिडी दी गई है, लेकिन उसके बावजूद अभी तक 2 करोड़ से ज्यादा की धनराशि पर विभाग कुंडली मारकर बैठा है. अधिकारी शासन से समय पर पैसे नहीं मिलने को लेटलतीफी की मुख्य वजह मानते हैं. जिले के मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि शासन को पैसे की डिमांड भेजी गई है और पैसे मिलने पर सभी लाभार्थियों की सब्सिडी का भुगतान कर दिया जाएगा.

बहरहाल, जहां एक ओर राज्य सरकार इस योजना का दायरा बढ़ाकर सूबे में पर्यटन व्यवसाय को पंख लगाने की तैयारी कर रही है. वहीं दूसरी तरफ पर्यटन विभाग की सुस्त चाल सरकार की योजना पर पानी फेर रही है. ऐसे में सूबे को पर्यटन प्रदेश बनाने के दावों की हवा निकलती नजर आ रही है.
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