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ऊर्जा निगम के तारों की चिंगारी से जल रहे हैं जंगल, तीसरी बार हुआ हादसा, वन विभाग ने सौंपी जांच

बागेश्‍वर में पिछले कुछ दिनों में आग की तीन घटनाएं हो चुकी हैं.

बागेश्‍वर में पिछले कुछ दिनों में आग की तीन घटनाएं हो चुकी हैं.

Bageshwar news: बागेश्वर में उत्तराखंड पॉवर कार्पोरेशन निगम की लापरवाही वनसंपदा को नुकसान पहुंचा रही है. अब तक तीन मामलों में जंगल क्षेत्र में लगी आग का कारण ऊर्जा निगम के झूलते तारों के टकराने से उठी चिंगारी ही रही है. हालांकि वन विभाग की सक्रियता से आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन इससे पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है.

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सुष्मिता थापा

बागेश्वर. बागेश्वर में उत्तराखंड पॉवर कार्पोरेशन निगम की लापरवाही वनसंपदा को नुकसान पहुंचा रही है. अब तक तीन मामलों में जंगल क्षेत्र में लगी आग का कारण ऊर्जा निगम के झूलते तारों के टकराने से उठी चिंगारी ही प्रमुख कारण रही है. हालांकि वन विभाग की सक्रियता से आग पर काबू पा लिया गया था, परंतु इससे पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है.

जानकारी के मुताबिक, रविवार को नीलेश्वर पहाड़ी पर शार्ट सर्किट से एक बार फिर आग लग गई. हालांकि वन विभाग को इसकी जानकारी मिलते ही विभागीय टीम वहां पहुंची और आग पर काबू तो पा लिया गया. आग की इस घटना के बाद वन विभाग में हलचल मच गई है. रविवार को झूलते तारों के टकराने से लगभग सौ वर्ग मीटर क्षेत्र में आग लग गई. यदि वन विभाग को वहां पहुंचने में कुछ और विलंब होता तो यह आग गंभीर रूप ले सकती थी. आग बाजार की आबादी की ओर फैल सकती थी, जिस कारण इससे भयंकर नुकसान को रोकना आसान नहीं होता. वन विभाग ने नीलेश्वर पहाड़ी पर आग का कारण शार्टसर्किट बताते हुए इसकी रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी को सौंप दी है.

डिगरा व चंडिका क्षेत्र में भी शार्ट सर्किट से लगी थी आग
ऊर्जा निगम के झूलते तारों के चलते रविवार को इस अग्नि काल की तीसरी घटना थी. वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इससे पूर्व चंडिकामंदिर के समीप भी शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से आग लगी, परंतु विभाग की टीम के उस वक्त नजदीक होने के कारण तुरंत काबू पा लिया गया, जबकि अमसरकोट के डिगरा वन पंचायत में भी शार्ट सर्किट की चिंगारी से आग लगी थी. जिससे आधा हेक्टेयर क्षेत्र की वन संपदा आग की चपेट में आई तथा ग्रामीणों व वन विभाग ने इसे कड़ी मशक्कत के बाद फैलने से रोका था.

गेहूं के खेतों में आग लगाना भी हो सकता है खतरनाक

इन दिनों कई क्षेत्रों में गेहूं कटाई चल रही है इसके बाद किसान के खेतों में आग लगाते हैं. कभी कभार यहां की चिंगारी जंगल में जाकर भीषण आग का कारण बन जाती है. जंगल के आग की चपेट में आने के कई कारण हैं, जिसमें से झूलते तारों में शार्ट सर्किट होना भी है.

Tags: Bageshwar News, Forest fire, Uttarakhand news

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