लाइव टीवी

देहरादून में फ्लाईओवर निर्माण में देरी पर हाईकोर्ट सख्त

Mukesh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: November 7, 2016, 7:53 PM IST
देहरादून में फ्लाईओवर निर्माण में देरी पर हाईकोर्ट सख्त
राजधानी देहरादून में फ्लाईओवर निर्माण में ढिलाई अब कम्पनी और जिम्मेदार अफसरों पर भारी पड़ेगी. जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने छह महीने में काम पूरा करने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन तय समयसीमा में नहीं होने पर इसे कोर्ट की अवमानना समझा जायेगा. इसके साथ कोर्ट ने देरी के लिये जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई का आदेश भी दिया है.

राजधानी देहरादून में फ्लाईओवर निर्माण में ढिलाई अब कम्पनी और जिम्मेदार अफसरों पर भारी पड़ेगी. जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने छह महीने में काम पूरा करने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन तय समयसीमा में नहीं होने पर इसे कोर्ट की अवमानना समझा जायेगा. इसके साथ कोर्ट ने देरी के लिये जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई का आदेश भी दिया है.

  • Share this:
राजधानी देहरादून में फ्लाईओवर निर्माण में ढिलाई अब कम्पनी और जिम्मेदार अफसरों पर भारी पड़ेगी. जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने छह महीने में काम पूरा करने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन तय समयसीमा में नहीं होने पर इसे कोर्ट की अवमानना समझा जायेगा. इसके साथ कोर्ट ने देरी के लिये जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई का आदेश भी दिया है.

एक ओर देवभूमि उत्तराखंड राज्य स्थापना की बरसी मनाने की तैयारी में जुटी है लेकिन 16 वर्षों में स्थाई राजधानी तो छोड़िये अस्थाई राजधानी को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने वाला फ्लाईओवर ही नहीं बन पाया है. देहरादून के बल्लीवाला, बल्लूपुर और आईएसबीटी को मिलाकर तीन फ्लाईओवर निर्माणाधीन हैं लेकिन काम किसी का पूरा नहीं हो सका है.

देहरादून निवासी रविन्द्र जुगरान की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये नैनीताल हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है. जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस आलोक सिंह की खंडपीठ ने छह महीने में काम पूरा करने का आदेश दिया है. केन्द्रीय सड़क परिवहन सचिव को हाईकोर्ट ने कहा है कि लेटलतीफी के लिये जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय कर उनपर कार्रवाई करें. हाईकोर्ट ने ये भी कहा है कि तीनों फ्लाईओवर का निर्माण कार्य छह महीने में पूरा हो जाये.ऐसा नहीं हुआ तो कोर्ट की अवमानना समझा जायेगा और ईपीआईएल कम्पनी के एमडी को सस्पेंड माना जायेगा.

बल्लीवाला फ्लाईओवर के निर्माण में नियमों की अनदेखी पर भी हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है. कोर्ट ने कहा है कि पैदल चलने वालों के लिये जगह क्यों नहीं छोड़ी गयी, पुल के ऊपर लाइट का इंतजाम क्यों नहीं किया गया और बरसात के पानी का निकासी का कोई इंतजाम क्यों नहीं है. हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियमों का अनुपालन करते हुये पुलों का निर्माण तय समय सीमा में करने को कहा है. साथ ही चीफ़ इंजीनियर स्तर के अधिकारी को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपने का आदेश सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड को दिया है.

गौरतलब है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल ने पुलों के निर्माण में देरी पर नाराजगी जाहिर की थी. खुद सीएम भी लापरवाही पर नाराज हो चुके हैं और राष्ट्रपति शासन के समय राज्यपाल ने भी मामले को गंभीरता से लिया था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण एजेंसी ईपीआईएल की लापरवाही जारी रही. अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गयी हैं कि शायद तय समय सीमा में निर्माण पूरा हो सकेगा.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बागेश्‍वर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 7, 2016, 7:53 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...