'केरल में सीपीएम सरकार आने के बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं पर ज्यादा हमले'

केरल में आरएसएस और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हिंसा और हत्या कराए जाने के विरोध में लोक अधिकार मंच, आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश है. लोक अधिकार मंच और आरएसएस कार्यकर्ताओं का कहना है कि केरल में संघ और हिन्दू संगठनों पर पहले से हमले होते आये हैं.

Saurabh Singh | ETV UP/Uttarakhand
Updated: April 24, 2017, 5:27 PM IST
'केरल में सीपीएम सरकार आने के बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं पर ज्यादा हमले'
लोक अधिकार मंच और आरएसएस कार्यकर्ताओं का कहना है कि केरल में संघ और हिन्दू संगठनों पर पहले से हमले होते आये हैं. परन्तु केरल में 2016 में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार आने के बाद हिंसक हमलों में इजाफा हुआ है.
Saurabh Singh | ETV UP/Uttarakhand
Updated: April 24, 2017, 5:27 PM IST
केरल में आरएसएस और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हिंसा और हत्या कराए जाने के विरोध में लोक अधिकार मंच, आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश है.

लोक अधिकार मंच और आरएसएस कार्यकर्ताओं का कहना है कि केरल में संघ और हिन्दू संगठनों पर पहले से हमले होते आये हैं. परन्तु केरल में 2016 में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार आने के बाद हिंसक हमलों में इजाफा हुआ है.
लोक अधिकार मंच के मुताबिक केरल के 14 जिलों में से 10 जिले हिंसा की जद में हैं. वहां संघ और हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों की हत्या की जा रही है. इससे संघ और सभी हिन्दू संगठनों में भारी आक्रोश है.

जिसको लेकर लोक अधिकार मंच के नेतृत्व में 25 अप्रैल को जिला मुख्यालय नई टिहरी में धरना प्रदर्शन और जनाक्रोश सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी हिन्दू संगठनों सहित अन्य सामाजिक संगठन भी प्रतिभाग करेंगे.

लोक अधिकार मंच के संयोजक अनुसूया नौटियाल का कहना है कि मार्क्सवादी

कम्यूनिस्ट पार्टी के लोगों द्वारा जो हिंसा का खेल खेला जा रहा है, उससे हिन्दू संगठनों में आक्रोश है. जिसको लेकर 25 अप्रैल को जिला मुख्यालयों में विरोध स्वरूप धरना प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा.
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