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CM धामी को असंतुष्ट दिग्गज से मिलना था, नामांकन का आखिरी दिन था और उड़ नहीं सका हेलीकॉप्टर, तब क्या हुआ?

CM धामी को असंतुष्ट दिग्गज से मिलना था, नामांकन का आखिरी दिन था और उड़ नहीं सका हेलीकॉप्टर, तब क्या हुआ?

हेलीकॉप्टर से निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.

हेलीकॉप्टर से निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.

Uttarakhand Election : उत्तराखंड चुनाव के लिए जबसे राजनीतिक पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणाएं (Candidates in Uttarakhand) की हैं, तबसे ही कई नेताओं की नाराज़गी खुलकर सामने आ गई है. ऐसे ही हालात बागेश्वर ज़िले में​ दिखे, जहां 'शेरदा' कहे जाने वाले नेता शेर सिंह गड़िया (Sher Singh Gariya) को मनाने के लिए मुख्यमंत्री (Pushkar Singh Dhami) की मीटिंग तय थी. लेकिन खटीमा में खराब मौसम (Khatima Weather) के चलते कार्यक्रम चौपट हो गया. वहीं, बागेश्वर ज़िले में आखिरी दिन तक कुल 20 प्रत्याशियों ने नामांकन (Nominations Filed) दाखिल कर दिए.

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सुष्मिता थापा
बागेश्वर. एक तरफ रुद्रप्रयाग पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपाइयों को वर्चुअली संबोधित किया, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन के ज़रिये संबोधित करने के हालात पेश आ गए. वास्तव में, धामी अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा में थे और उन्हें वहां से बागेश्वर ज़िले में एक असंतुष्ट भाजपा नेता शेरसिंह गड़िया को मनाने के लिए पहुंचना था, लेकिन मौसम खराब होने के चलते वह उड़ान नहीं भर सके. इसके बाद किसी तरह उन्होंने मोबाइल फोन के ज़रिये कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत तो की, लेकिन गड़िया के साथ उनकी बैठक फिलहाल टल ही गई.

टिकट वितरण से खफा चल रहे गड़िया की नाराज़गी दूर होने की औपचारिक घोषणा भाजपा एक बार फिर नहीं कर पाई. उन्हें मनाने के लिए धामी खटीमा से शुक्रवार को कपकोट पहुंचने वाले थे. धामी को कपकोट के केदारेश्वर मैदन में डेढ़ बजे उतरना था. इसके बाद एक होटल में गड़िया व उनके बीच वार्ता और फिर पार्टी कार्यकर्ताओं व पत्रकारों के सामने गड़िया व धामी की संयुक्त मुलाकात तय थी. लेकिन शुक्रवार को जहां जनपद में चटख धूप थी, वहीं खटीमा में घने कोहरे के कारण धामी का हेलीकॉप्टर उड़ान ही नहीं भर पाया. अब ‘शेरदा’ न तो बीजेपी के चुनाव प्रचार में उतर पा रहे हैं और न ही विरोध की रणनीति तय कर पा रहे हैं. बस, धामी के साथ जल्द मुलाकात का इंतज़ार ही हो रहा है.

धामी ने 6 मिनट में कार्यकर्ताओं को दिए मंत्र
शुक्रवार को जब धामी खराब मौसम के चलते कपकोट नहीं पहुंच सके तो जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने सीएम को फोन लगाकर बताया कि कार्यकर्ता उनका इंतज़ार कर रहे थे. धामी ने फोन पर ही कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने 6 मिनट के भीतर कार्यकर्ताओं से चुनाव में एकजुट होकर जी जान से जुट जाने की बात करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार की पिछले पांच साल की उपलब्धियां भी बताईं और इन्हें जनता के बीच ले जाने का आह्वान भी किया.

दोनों विधानसभाओं से दस-दस नामांकन
शुक्रवार को नामांकन के आखिरी दिन बागेश्वर विधानसभा से कुल 3 नामांकन हुए. बसपा की और से ओम प्रकाश टम्टा ने, तो कांग्रेस के बागी भैरव नाथ टम्टा ने निर्दलीय के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया।. वहीं, कपकोट विधानसभा से 6 प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज कराए. यहां हरगोविंद जोशी ने बसपा से, चंदन सिंह ऐठानी ने निर्दलीय, समाजवादी पार्टी से हरिराम शास्त्री, राजेंद्र सिंह, शेर सिंह ऐठानी और गोविंद लाल ने निर्दलीय परचे भरे. रिटर्निंग ऑफिसर हर गिरी ने बताया कि अंतिम दिन तक दोनों विधानसभा क्षेत्रों से दस दस प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए.

Tags: Pushkar Singh Dhami, Uttarakhand Assembly Election, Uttarakhand BJP

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