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Uttarakhand Election: सैनिकों को लेकर आमने-सामने भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियां खुद को बता रहीं सैन्य प्रेमी

Uttarakhand Election: सैनिकों को लेकर आमने-सामने भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियां खुद को बता रहीं सैन्य प्रेमी

उत्तराखंड के चुनावों में सैनिक वोट निर्णायक भूमिका में रहते हैं. (प्रतीकात्मक)

उत्तराखंड के चुनावों में सैनिक वोट निर्णायक भूमिका में रहते हैं. (प्रतीकात्मक)

Congress Vs BJP on Army Voters: भाजपा और कांग्रेस पूर्व सैनिकों का सम्मान कर रही तो राज्य में नई नवेली पार्टी आप की नजर भी पूर्व सैनिकों पर है. पहाड़ के गांवों में पूर्व सैनिक और सैनिकों की संख्या अधिक है, जो मैदानों में जाकर भी बसे हैं, तभी राजनीतिक दल कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है. वैसे 2022 के चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि उत्तराखंड के ये पूर्व सैनिक किसके साथ हैं.

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अल्मोड़ा. उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Election 2022) में सैनिक वोट निर्णायक भूमिका में रहते हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में तो अधिकांश परिवारों का कोई न कोई सदस्य सेना में है. ऐसे में भाजपा और कांग्रेस (Congress Vs BJP on Army Voters) सैनिक वोटों को लुभाना चाहती हैं. दोनों पार्टियां अपने आप को सैनिकों की हितेषी बता रही हैं.

भाजपा सरकार देहरादून में सैन्य धाम बनाने जा रही है, जिसके लिए शहिदों के घरों से मिट्टी एकत्र की जा रही है. इस कार्यक्रम के तहत सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी जगह-जगह जाकर खुद जनसभा कर रहे हैं. ऐसी ही एक जनसभा में गणेश जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सैनिकों की उपेक्षा की है. सर्जिकल स्टाइक पर भी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष सबूत मांग रहे थे, जो सैनिकों का अपमान है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ही सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान करती है.

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उधर रानीखेत से कांग्रेस के विधायक करन महरा ने भाजपा पर सेना को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘सैनिकों के लिए कांग्रेस ने काम किया, लेकिन कभी उसका राजनीतिक लाभ नहीं लिया. पुलवामा सहित सर्जिकल स्ट्राइक का लाभ लेने का काम भाजपा कर रही है. भाजपा सैनिकों के सहारे राजनीति कर रही है, जो ठीक नही है. कांग्रेस ने तो कभी ऐसा नहीं किया.’

भाजपा और कांग्रेस पूर्व सैनिकों का सम्मान कर रही तो राज्य में नई नवेली पार्टी आप की नजर भी पूर्व सैनिकों पर है. पहाड़ के गांवों में पूर्व सैनिक और सैनिकों की संख्या अधिक है, जो मैदानों में जाकर भी बसे हैं, तभी राजनीतिक दल कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है. वैसे 2022 के चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि उत्तराखंड के ये पूर्व सैनिक किसके साथ हैं.

Tags: Assembly Election 2022, BJP, Congress, Uttarakhand Assembly Election 2022, Uttarakhand Elections 2022

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