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शाह के शंखनाद के बाद मोदी के मंत्रियों की पहाड़ पर चढ़ाई

Pawan Lal Chand | ETV UP/Uttarakhand
Updated: November 29, 2016, 7:10 PM IST
शाह के शंखनाद के बाद मोदी के मंत्रियों की पहाड़ पर चढ़ाई
File Photo

देवभूमि के दंगल में मोदी के मंत्रियों ने मोर्चा संभाल लिया है. पिछले दो महीनों में दर्जनभर केन्द्रीय मंत्रियों ने देवभूमि के दंगल में सीएम हरीश रावत को ललकारा. सवाल है कि क्या मोदी मंत्र लेकर देवभूमि पहुंच रहे मंत्री हरदा को घेर पाएँगे! मोदी बनाम हरदा यानी हरीश रावत जंग अब जोर पकड़ने लगी है.

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देवभूमि के दंगल में मोदी के मंत्रियों ने मोर्चा संभाल लिया है. पिछले दो महीनों में दर्जनभर केन्द्रीय मंत्रियों ने देवभूमि के दंगल में सीएम हरीश रावत को ललकारा. सवाल है कि क्या मोदी मंत्र लेकर देवभूमि पहुंच रहे मंत्री हरदा को घेर पाएँगे!

मोदी बनाम हरदा यानी हरीश रावत जंग अब जोर पकड़ने लगी है. देवभूमि के दंगल में प्रधानमंत्री मोदी के उतरने से पहले उनके लिपहसालार कूद पड़े हैं. शाह के शंखनाद के बाद एक के बाद मोदी के मंत्री पहाड़ चढ़ रहे हैं.

रविवार को चार केन्द्रीय मंत्रियों ने सूबे की रावत सरकार पर हमला बोला. लोकसभा चुनाव में प्रदेश के प्रभारी रहे केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, गढ़वाल पार्टी प्रभारी और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, उमा भारती और थावरचंद गहलोत ने मोर्चा खोला. पिछले डेढ-दो महीनों के भीतर जिस तरह से केन्द्रीय मंत्रियों ने उत्तराखंड का रुख किया, उसे देखकर पहाड़ को लेकर बीजेपी आलाकमान की गंभीरता समझी जा सकती है.

केन्द्रीय मंत्रियों के अलावा खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह हरिद्वार की शंखनाद रैली के बाद गढ़वाल और कुमाऊं में परिवर्तन की पताका फहराने उतर चुके हैं. गुटबाज़ी और कार्यकर्ता से ज्यादा नेताओं वाली प्रदेश इकाई पर बीजेपी आलाकमान पैनी नजर रखे हुए हैं. साथ ही यहाँ आने वाले मंत्री

प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोलते हैं.

मंत्रियों के दौरों को लेकर सवाल पूछने पर बीजेपी नेता मदन कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार लोगों में झूठ फैलाती है कि केन्द्र सहयोग नहीं कर रहा. ऐसे में लोगों को केन्द्र से भेजी जा रही मदद और प्रदेश सरकार की नाकामियों को गिनाने के लिये ज्यादा से ज्यादा मंत्री उत्तराखंड आयेंगे.
दूसरी तरफ, ऐसे समय जब दिल्ली दरबार लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर है. तब अकेले मुख्यमंत्री हरीश रावत पलटवार करते दिख रहे हैं. कांग्रेस नेतृत्व अभी भी उत्तराखंड को लेकर पुराने रुख पर ही टिका नजर आ रहा है. केन्द्रीय नेतृ्त्व के नाम पर कांग्रेस प्रभारी अंबिका सोनी ही पिछले दिनों पीसीसी पीडीएफ मान मनौव्वल करवा कर गयी थी. ये अलग बात है कि पीसीसी चीफ जब तब सोनिया राहुल को बुलाने का दावा करते रहते हैं.
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वैसे जानकार मानते है कि हरदा भी 'नो दिल्ली दखल' के अंदाज पर चुनावी रण में उतरना चाहते हैं. हरीश रावत अकेले मोर्चे पर लड़ने की रणनीति के तहत एक दिन में चार से छह प्रोग्राम या सभायें कर रहे हैं.

रावत कुमाऊं, गढ़वाल और तराई-मैदान की हर सीट पर अपने मुताबिक़ समीकरण बिठा रहे हैं. अग़ल-बगल में मजबूत नेताओं की कमी को नजरअंदाज कर सीएम हरीश रावत केन्द्र पर ही चुटकी ले रहे हैं. सीएम रावत कहते हैं कि अभी तो छोटे पहलवान जोर आज़माइश कर रहे अभी तो बड़े पहलवान यानी पीएम नरेन्द्र मोदी को भी आना है.

बहरहाल, ये दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ है कि देवभूमि के दंगल में भले प्रदेश बीजेपी की सेना में बडे बडे लडैइया दिख रहे हो. लेकिन असली लडाई मोदी वर्सेस हरदा ही होनी है. मोदी के मंत्री बिग फाइट से पहले जोर-आज़माइश कर माहौल गरमाने का काम कर रहे हैं!

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First published: November 29, 2016, 7:10 PM IST
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