जानिए क्यों, सत्ता में आते ही बीजेपी हो या कांग्रेस, गैर हो जाता है गैरसैंण

भाजपा हो या कांग्रेस, हर कोई सत्ता पाने के लिए गैरसैंण की बात तो करता है मगर राजगद्दी मिलते ही गैरसैंण का मुद्दा ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है.

Prabhat Purohit | News18 Uttarakhand
Updated: July 20, 2019, 4:50 PM IST
जानिए क्यों, सत्ता में आते ही बीजेपी हो या कांग्रेस, गैर हो जाता है गैरसैंण
भाजपा का कहना है कि गैरसैंण को राजधानी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.
Prabhat Purohit
Prabhat Purohit | News18 Uttarakhand
Updated: July 20, 2019, 4:50 PM IST
सत्ता मिलते ही राजनीतिक दलों को आखिर गैरसैंण क्यों गैर होने लगता है. भाजपा हो या कांग्रेस, हर कोई सत्ता पाने के लिए गैरसैंण की बात तो करता है मगर राजगद्दी मिलते ही गैरसैंण का मुद्दा ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. 9 नवम्बर 2000 को जब उत्तराखंड राज्य बना तो पहाड़वासियों की आस जगी की पहाड़ी राज्य का विकास होगा और राज्य निर्माण की अवधारणा रहे गैरसैंण में राजधानी का निर्माण होगा. लेकिन राज्य बने 18 साल बीत जाने के बाद भी गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी नहीं बनाया गया. इसके विपरीत ये राजनीतिक दलों के लिए चुनावी बैतरणी पार करने का एक मुद्दा बनकर रह गया. जब कांग्रेस सत्ता में रही तो भाजपा आरोप लगाती रही. अब जब भाजपा सत्ता में है तब कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगा रही है.

इस संदर्भ में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट का कहना है कि कांग्रेस पर आरोप लगाने के बजाय भाजपा गैरसैंण के बारे में फैसला करे. भाजपा यह बता दे कि वह गैरसैंण को राजधानी बनाना चाहती है या नहीं बनाना चाहती है.

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया

भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए कह रही है कि सरकार द्वारा गैरसैंण को राजधानी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए वहां जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक हटा दी गई है. इससे स्थानीय लोगों को खुद मकान बनाने में भी सहूलियत होगी. लेकिन सरकार ये भी कह रही है कि गैरसैंण में जमीन की कमी है. भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल का कहना है कि कांग्रेस को कुछ भी कहने का अधिकार खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि अभी से 2 साल पहले तो कांग्रेस की ही सरकार थी. उन्होंने कहा हरीश रावत और उनकी टीम के लोग भाजपा पर जो आरोप लगा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं.

भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल ने कहा कि हरीश रावत और उनकी टीम के लोग भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.


बता दें कि श्रीनगर व बाजपुर नगरपालिका चुनाव में मिली जीत से उत्साहित और पंचायत चुनावों के नजदीक आते ही कांग्रेस गैरसैंण को एक बार फिर मुद्दा बनाने लगी है. राजधानी आंदोलन को लेकर
आंदोलनकारियों के समर्थन में गिरफ्तारी दे चुके पूर्व सीएम हरीश रावत गैरसैंण को लेकर जल्द ही पद यात्रा करने का कार्यक्रम बनाने जा रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर कब तक गैरसैंण राजनीतिक मुद्दा बना रहेगा. राजनीतिक दल गैरसैंण को गैर करने के बजाय कब राजधानी के रूप में गले लगाएंगे. पहाड़ की जनता को क्या एक बार फिर राजधानी के लिए भी सड़कों पर उतरना पड़ेगा.
Loading...

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की दोषी महिला जज पद से बर्खास्त

ये भी पढ़ें - UP में योगी की सख्ती, इसलिए उत्तराखंड में पनाह ले रहे अपराधी
First published: July 20, 2019, 4:35 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...